महाराष्ट्र को लेवल क्रॉसिंग मुक्त बनाने का संकल्प: फडणवीस ने 65 रेल अवसंरचना परियोजनाओं को दी हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 8 जून 2026 को महाराष्ट्र रेल अवसंरचना विकास निगम (महारेल) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में रेलवे अवसंरचना के व्यापक विस्तार का खाका खींचा। 131 प्रस्तावित कार्यों में से पहले चरण में 65 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई और स्पष्ट निर्देश दिया गया कि महाराष्ट्र के किसी भी रेलवे मार्ग पर एक भी रेलवे लेवल क्रॉसिंग शेष नहीं रहनी चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में लोक निर्माण विभाग एवं शहरी विकास विभाग के अधिकार क्षेत्र की सड़कों पर रेलवे ओवरब्रिज, फुट ओवरब्रिज और रोड अंडरपास के निर्माण पर विस्तृत चर्चा हुई। इन सभी कार्यों का निष्पादन महारेल द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'महानगरों में रेलवे कॉरिडोर के आसपास तेज़ी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए, नागरिकों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने वाली बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ जहाँ भी आवश्यक हों, वहाँ शुरू की जानी चाहिए।'
परियोजनाओं की प्राथमिकता और कार्यप्रणाली
स्वीकृत 65 परियोजनाओं में उन सड़कों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया जहाँ 25,000 से 1,00,000 ट्रेन वाहन इकाइयों (टीवीयू) की आवाजाही होती है और जिनमें न्यूनतम भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता हो। इसके अतिरिक्त, बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शहरों में 80 रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की भी योजना बनाई गई है।
इन परियोजनाओं की आवश्यकता और व्यवहार्यता के सत्यापन के लिए संबंधित नगर आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को मिलाकर समितियाँ गठित की जाएँगी। सत्यापन के बाद ही महारेल कार्य प्रारंभ करेगी।
नागपुर और अमरावती के लिए विशेष निर्देश
नागपुर शहर में निर्मित फ्लाईओवर पर वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण भविष्य में चौराहों पर यातायात जाम की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उचित निवारक उपाय करने के निर्देश दिए। अमरावती-बडनेरा मार्ग पर जहाँ पुराना रेलवे ओवरब्रिज मौजूद है, वहाँ एक नया रेलवे ओवरब्रिज बनाने का भी निर्देश दिया गया।
वित्तपोषण और प्रशासनिक सुधार
इन परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए हुडको (HUDCO) से ऋण लेने का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि हुडको केवल बैंक ऋणों पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक वित्तपोषण व्यवस्थाओं का पता लगाए, बाज़ार प्रतिस्पर्धा का आकलन करे और राज्य सरकार पर ब्याज का बोझ कम करे।
प्रशासनिक स्तर पर महारेल को लोक निर्माण विभाग के नियंत्रण में लाने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने और पूर्ण कार्यों के भुगतान को शीघ्र जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
आम जनता पर असर
यह पहल ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र के कई शहरों में रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर दुर्घटनाएँ और यातायात अवरोध आम समस्या बने हुए हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से नागरिकों को माँग चरम पर पहुँचने से पहले ही आवश्यक बुनियादी ढाँचा उपलब्ध हो जाएगा। गौरतलब है कि राज्य में शहरीकरण की रफ़्तार के अनुरूप अवसंरचना विकास की यह सबसे व्यापक योजनाओं में से एक मानी जा रही है।