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मुंबई को अगले 10 साल में झुग्गी-मुक्त बनाएंगे: सीएम फडणवीस का क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल पर बड़ा ऐलान

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मुंबई को अगले 10 साल में झुग्गी-मुक्त बनाएंगे: सीएम फडणवीस का क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल पर बड़ा ऐलान

सारांश

मुंबई को अगले 10 साल में झुग्गी-मुक्त बनाने का संकल्प — सीएम फडणवीस का क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल, धारावी में 2029 तक 10,000 घर, वधावन पोर्ट से 10 लाख नौकरियाँ और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की एमएमआर अर्थव्यवस्था — मुंबई के पुनर्निर्माण का सबसे व्यापक खाका।

मुख्य बातें

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 3 सितंबर को मुंबई को अगले 10 वर्षों में झुग्गी-मुक्त बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत जनवरी 2029 तक 10,000 पुनर्वास आवास इकाइयाँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
वधावन पोर्ट से पालघर जिले में 10 लाख रोज़गार के अवसर पैदा होने का अनुमान।
एमएमआर की अर्थव्यवस्था 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य; एमएमआर में भारत की 60% डेटा सेंटर क्षमता।
उत्तन से विरार तक 24 किमी लंबे सी-लिंक और मुंबई-पुणे 'क्वांटम कॉरिडोर' की योजना।
महाराष्ट्र ने पहली तिमाही में 8.8% की विकास दर दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत 7.8% से अधिक।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 सितंबर को मुंबई को अगले 10 वर्षों में पूरी तरह झुग्गी-मुक्त बनाने का लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल को आधार बनाया गया है, जिसके तहत धारावी पुनर्विकास परियोजना, म्हाडा कॉलोनियों के कायाकल्प और बीईएसटी बस डिपो के आधुनिकीकरण को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

क्लस्टर डेवलपमेंट: योजना का ढाँचा

फडणवीस नारेडको महाराष्ट्र के 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मुंबई की विकास योजना का मसौदा तैयार करने में नारेडको, एमसीएचआई और क्रेडाई जैसे रियल एस्टेट संगठनों ने सरकार के साथ मिलकर काम किया, जिससे एक प्रगतिशील शहरी विकास ढाँचा तैयार हुआ।

धारावी पुनर्विकास परियोजना पहले ही शुरू हो चुकी है और इसका लक्ष्य जनवरी 2029 तक 10,000 पुनर्वास आवास इकाइयाँ उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही 50 साल पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास को भी उन्होंने तत्काल आवश्यकता बताया, ताकि उपलब्ध भूमि का कुशल उपयोग हो सके।

बीईएसटी डिपो और मिश्रित-उपयोग विकास

बीईएसटी बस डिपो का अत्याधुनिक पुनर्विकास किया जाएगा, जिसमें आधुनिक बस स्टेशन, बेहतर यात्री सुविधाएँ, व्यावसायिक एवं आवासीय स्थान के साथ-साथ संग्रहालय, खेल के मैदान और मनोरंजन केंद्र भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार यह मिश्रित-उपयोग दृष्टिकोण बीईएसटी के लिए राजस्व के नए स्रोत तैयार करेगा और मुंबई के शहरी स्वरूप को बदल देगा।

एमएमआर और 'चौथी मुंबई' का विज़न

फडणवीस ने बताया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) का विकास-पत्र इस प्रकार तैयार किया गया है कि 2047 तक एमएमआर की अर्थव्यवस्था 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच जाए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में एमएमआर में भारत की लगभग 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता केंद्रित है।

उत्तन से विरार तक 24 किलोमीटर लंबे सी-लिंक के निर्माण की घोषणा भी की गई, जो मुंबई को सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में एक अहम कदम होगा। वधावन पोर्ट — जो जेएनपीटी से लगभग तीन गुना बड़ा होगा — के ज़रिये अकेले पालघर जिले में 10 लाख रोज़गार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इसी विस्तार को आधार बनाकर 'चौथी मुंबई' के विकास की नींव रखी जाएगी।

वधावन पोर्ट और जेएनपीटी को नासिक से जोड़ने वाला एक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जिसे समृद्धि एक्सप्रेसवे के माध्यम से जालना, वर्धा और गढ़चिरौली से भी जोड़ा जाएगा।

पुणे, नागपुर और 'क्वांटम कॉरिडोर'

पुणे में नए एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया इसी वर्ष शुरू होगी। नए एयरपोर्ट के आसपास ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। मुंबई-पुणे कॉरिडोर को 'क्वांटम कॉरिडोर' के रूप में विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

नागपुर में 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाओं के साथ 'न्यू नागपुर' विकसित किया जा रहा है। इस अवसर पर नारेडको के चेयरमैन कमलेश ठाकुर और नागपुर म्हाडा के कमिश्नर संजय मीना के बीच मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एक समझौते का आदान-प्रदान भी हुआ।

आर्थिक संदर्भ और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने बताया कि जहाँ देश ने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की, वहीं महाराष्ट्र ने उसी अवधि में 8.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की। उन्होंने इस वृद्धि में रियल एस्टेट क्षेत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। महाराष्ट्र में 18 से 28 वर्ष के लगभग 3 करोड़ युवा हैं, और फडणवीस के अनुसार यह तकनीक-सक्षम पीढ़ी आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने निर्माण क्षेत्र से आधुनिक तकनीक अपनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के लिए तैयार रहने का भी आह्वान किया। सरकार और रियल एस्टेट उद्योग के बीच यह साझेदारी महाराष्ट्र के शहरी विकास को एक नई दिशा देने का वादा करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुंबई में झुग्गी-मुक्ति के पिछले दशकों के वादे — जिनमें धारावी पुनर्विकास की पुरानी योजनाएँ भी शामिल हैं — अमल में आते-आते ठंडे पड़ जाते रहे हैं। क्लस्टर मॉडल और 2029 की समयसीमा ठोस लगती है, पर असली परीक्षा यह है कि पुनर्वास इकाइयाँ मूल निवासियों को मिलती हैं या बाज़ार की ऊँची कीमतें उन्हें विस्थापित कर देती हैं। वधावन पोर्ट से 10 लाख नौकरियों का अनुमान उत्साहजनक है, किंतु स्थानीय कौशल विकास और भूमि अधिग्रहण की जटिलताएँ इस लक्ष्य की राह में बड़ी बाधाएँ हो सकती हैं। बिना पारदर्शी निगरानी ढाँचे और सामाजिक प्रभाव आकलन के, यह घोषणा भी 'स्मार्ट सिटी' जैसी उन योजनाओं की कतार में खड़ी हो सकती है जिनकी सुर्खियाँ बड़ी थीं, पर ज़मीनी बदलाव सीमित रहा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने की योजना क्या है?
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 3 सितंबर को घोषणा की कि क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के ज़रिये अगले 10 वर्षों में मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाया जाएगा। इसमें धारावी पुनर्विकास, म्हाडा कॉलोनियों का कायाकल्प और बीईएसटी बस डिपो का आधुनिकीकरण शामिल है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना में कितने घर मिलेंगे और कब तक?
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत जनवरी 2029 तक 10,000 पुनर्वास आवास इकाइयाँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना पहले ही शुरू हो चुकी है।
वधावन पोर्ट से कितनी नौकरियाँ पैदा होंगी?
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार वधावन पोर्ट — जो जेएनपीटी से लगभग तीन गुना बड़ा होगा — से अकेले पालघर जिले में लगभग 10 लाख रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी आधार पर 'चौथी मुंबई' के विकास की नींव रखी जाएगी।
एमएमआर की अर्थव्यवस्था 2047 तक कितनी बड़ी होगी?
फडणवीस के अनुसार मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) का विकास-पत्र इस प्रकार तैयार किया गया है कि 2047 तक एमएमआर की अर्थव्यवस्था 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच जाए। अभी एमएमआर में भारत की लगभग 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता केंद्रित है।
बीईएसटी बस डिपो के पुनर्विकास में क्या-क्या होगा?
बीईएसटी बस डिपो के पुनर्विकास में आधुनिक बस स्टेशन, बेहतर यात्री सुविधाएँ, व्यावसायिक एवं आवासीय स्थान के साथ-साथ संग्रहालय, खेल के मैदान और मनोरंजन केंद्र शामिल होंगे। यह मिश्रित-उपयोग दृष्टिकोण बीईएसटी के लिए राजस्व के नए स्रोत भी तैयार करेगा।
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