धारावी पुनर्विकास सिंगापुर-हांगकांग मॉडल पर होगा, 2028 तक 10,000 घर: CM फडणवीस
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 जून 2026 को धारावी पुनर्विकास परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस परियोजना को सिंगापुर और हांगकांग की आधुनिक आवास परियोजनाओं के समकक्ष अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि धारावी के निवासियों की आजीविका, सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र इस परिवर्तन के केंद्र में रहने चाहिए।
परियोजना का दायरा और लक्ष्य
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस परियोजना को महज भवन-निर्माण कार्यक्रम मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह धारावी के निवासियों के समग्र उत्थान की एक व्यापक पहल है। उन्होंने 2028 तक पहले चरण में कम से कम 10,000 घर निवासियों को सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया। उनके अनुसार, वाणिज्यिक विकास परियोजना का एक घटक है, परंतु जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
स्थानीय विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कुम्हारवाड़ा — धारावी की पारंपरिक कुम्हारों की बस्ती — को एक विशेष उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र केवल मिट्टी के बर्तनों का व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि धारावी की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत का अभिन्न हिस्सा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सभी हितधारकों से परामर्श कर कुम्हारवाड़ा की अनूठी पहचान को सुरक्षित रखने वाला सौहार्दपूर्ण समाधान खोजें।
पर्यावरण और हरित पहल
परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 'नेचर पार्क' की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और नए पौधरोपण अभियानों की सुनियोजित योजना तैयार की जाए। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब मुंबई में हरित आवरण को लेकर पर्यावरणविद लगातार चिंता व्यक्त करते रहे हैं।
प्रशासनिक तंत्र और एकल-खिड़की मंजूरी
परियोजना की गति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना का आदेश दिया, जो सभी आवश्यक अनुमतियों के लिए त्वरित एकल-खिड़की मंजूरी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पुनर्गठित करने और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि विभागों के समन्वित प्रयासों से यह परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी होगी और मुंबई को एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि धारावी पुनर्विकास परियोजना वर्षों से विभिन्न कारणों से विलंबित रही है, और अब इसे नई समयसीमा के साथ पुनः गति देने की कोशिश की जा रही है।