धारावी पुनर्विकास: अदाणी समूह बनाएगा 1.25 लाख घर, 10 लाख से अधिक झुग्गीवासियों को मिलेगा नया आशियाना
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की धारावी बस्ती में अदाणी समूह की अगुवाई में चल रही एशिया की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास परियोजना के तहत 10 लाख से अधिक झुग्गीवासियों को पक्के मकान मिलेंगे, जिसके लिए 1,25,000 से अधिक आवास इकाइयाँ बनाई जानी हैं। एचएसबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह परियोजना 225 मिलियन वर्ग फीट में फैली है और मुंबई के शहरी ढाँचे को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।
परियोजना का दायरा और संरचना
करीब 600 एकड़ में फैली धारावी को एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती माना जाता है, जहाँ मिट्टी के बर्तन, खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा और प्लास्टिक स्क्रैप जैसे चार प्रमुख उद्योग भी संचालित होते हैं। 2022 में स्वीकृत यह परियोजना एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित है, जिसमें महाराष्ट्र सरकार की 20 प्रतिशत और अदाणी समूह की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कुल 225 मिलियन वर्ग फीट क्षेत्र में से 95 मिलियन वर्ग फीट पुनर्वास के लिए और 130 मिलियन वर्ग फीट मुक्त बिक्री क्षेत्र (फ्री-सेल एरिया) के रूप में निर्धारित किया गया है। पुनर्वास क्षेत्र में बनने वाली आधी इकाइयाँ धारावी के मौजूदा इलाके में होंगी, जबकि शेष इकाइयाँ मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के छह अलग-अलग इलाकों में बनाई जाएंगी।
व्यावसायिक अवसर और रणनीतिक महत्व
एचएसबीसी रिपोर्ट के अनुसार, 130 मिलियन वर्ग फीट का मुक्त बिक्री क्षेत्र मुंबई के प्रमुख व्यापारिक केंद्र बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह वित्त वर्ष 2026 में मुंबई की कुल आवासीय माँग से लगभग 2.5 गुना अधिक क्षेत्र है — जो इस परियोजना के व्यावसायिक पैमाने को रेखांकित करता है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में प्रीमियम और मध्यम-वर्गीय आवास की माँग लगातार बढ़ रही है और BKC के आसपास के इलाकों में वाणिज्यिक रियल एस्टेट की कीमतें ऊँचाई पर हैं।
बुनियादी ढाँचे का कायाकल्प
अदाणी समूह की योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना में तीन मेट्रो स्टेशनों वाला बहु-आयामी परिवहन केंद्र, बस डिपो, खेल केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएँ, हरित क्षेत्र और पैदल मार्ग भी शामिल हैं। इसके अलावा, मीठी नदी और देवनार डंपिंग ग्राउंड की सफाई, मीठी नदी के किनारे 6 किलोमीटर लंबी मैंग्रोव क्रीक और मरीन ड्राइव शैली का सैरगाह विकसित करने की भी योजना है।
पुनर्वासित इकाइयों के लिए 10 वर्षों का संचालन एवं रखरखाव (O&M) भी अदाणी समूह द्वारा प्रदान किया जाएगा — जो इस तरह की परियोजनाओं में अपेक्षाकृत असामान्य प्रतिबद्धता है।
समयसीमा और क्रियान्वयन
अदाणी समूह का लक्ष्य अगले सात से आठ वर्षों में परियोजना के पुनर्वास भाग को पूरा करना है। भारतीय रेलवे की भूमि पर बनने वाली पहली इमारत दिसंबर 2026 तक सौंपी जाएगी और वित्त वर्ष 2027 में 30,000 इकाइयों का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
यह परियोजना न केवल धारावी के निवासियों की जीवन-स्थितियाँ बदलने का वादा करती है, बल्कि मुंबई के शहरी परिदृश्य को नया रूप देने की भी क्षमता रखती है — बशर्ते कि क्रियान्वयन की रफ्तार घोषणाओं के अनुरूप बनी रहे।