NSE पर रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 13 करोड़ के पार, सात महीने में जुड़े 1 करोड़ नए निवेशक
सारांश
Key Takeaways
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 27 अप्रैल 2026 को भारतीय पूंजी बाजार में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया — एक्सचेंज पर यूनिक रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 13 करोड़ (130 मिलियन) के पार पहुँच गई। उल्लेखनीय यह है कि सितंबर 2025 में 12 करोड़ निवेशकों का आँकड़ा पार करने के महज सात महीने के भीतर यह उपलब्धि हासिल हुई, जो भारतीय शेयर बाजार में आम निवेशकों की तेज़ी से बढ़ती रुचि को रेखांकित करती है।
ट्रेडिंग अकाउंट्स और निवेश की रफ़्तार
NSE के एक आधिकारिक नोट के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 तक एक्सचेंज पर कुल क्लाइंट कोड (ट्रेडिंग अकाउंट्स) की संख्या 25.7 करोड़ तक पहुँच चुकी है, जबकि फरवरी 2026 में ही यह 25 करोड़ का आँकड़ा पार कर चुकी थी। पिछले पाँच वर्षों (वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2026) में निवेशकों की संख्या 26.4 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ी है, जो इससे पहले के पाँच वर्षों (वित्त वर्ष 2016–वित्त वर्ष 2021) की तुलना में कहीं अधिक है। गौरतलब है कि जहाँ पहले 1 करोड़ नए निवेशक जोड़ने में कई वर्ष लग जाते थे, वहीं अब यह काम औसतन 6–8 महीनों में हो रहा है।
निवेशकों की बदलती प्रोफाइल
NSE के आँकड़ों के अनुसार निवेशकों की प्रोफाइल में भी उल्लेखनीय बदलाव आया है। निवेशकों की औसत आयु घटकर 33 वर्ष रह गई है, जो वित्त वर्ष 2021 में 36 वर्ष थी। करीब 40 प्रतिशत निवेशक 30 वर्ष से कम उम्र के हैं, जो दर्शाता है कि युवा पीढ़ी तेज़ी से बाजार की ओर आकर्षित हो रही है। इसके साथ ही, अब हर चार में से एक निवेशक महिला है — वित्तीय बाजारों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का यह एक सशक्त संकेत है।
भौगोलिक विस्तार: टियर-2, टियर-3 शहरों तक पहुँच
निवेशकों की संख्या अब देश के 99.85 प्रतिशत पिन कोड्स तक पहुँच चुकी है, जो यह साबित करता है कि शेयर बाजार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा। राज्यवार आँकड़ों में महाराष्ट्र 2 करोड़ निवेशकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि उत्तर प्रदेश (1.5 करोड़) और गुजरात (1.1 करोड़) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में निवेशकों की संख्या में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस भौगोलिक विस्तार की सबसे उल्लेखनीय कड़ी है।
SIP और म्यूचुअल फंड में उछाल
निवेशकों का रुझान अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश की ओर स्पष्ट रूप से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान 7.2 करोड़ नए SIP अकाउंट खोले गए। मासिक SIP निवेश बढ़कर ₹29,132 करोड़ तक पहुँच गया है, जो पिछले एक दशक में आठ गुना वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में NSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूँजीकरण 18 प्रतिशत CAGR से बढ़कर ₹460.6 लाख करोड़ हो गया है। पिछले पाँच वर्षों में निफ्टी 50 इंडेक्स ने 10.8 प्रतिशत और निफ्टी 500 इंडेक्स ने 13.3 प्रतिशत का औसत वार्षिक रिटर्न दिया है।
जागरूकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका
NSE के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर (CBDO) श्रीराम कृष्णन ने कहा कि