पीयूष गोयल ने ONDC समीक्षा बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क से खुदरा तंत्र बदलने पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 10 जून 2026 को नई दिल्ली में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और उसकी सहायक संस्था निर्मित भारत के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क के ज़रिये खुदरा और वितरण तंत्र को मज़बूत बनाने तथा छोटे उत्पादकों और कारीगरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में तीन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ — खुले डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से रिटेल और वितरण तंत्र को सुदृढ़ करना, सूक्ष्म उत्पादकों और कारीगरों को डिजिटल बाज़ार से जोड़ना, और नवाचार-आधारित समाधानों के ज़रिये लॉजिस्टिक्स एवं मोबिलिटी सेवाओं को सशक्त बनाना।
मंत्री गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'इन पहलों में बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने, सेवा वितरण को बेहतर बनाने और व्यापक आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बड़ी क्षमता है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ONDC अपने विस्तार की गति तेज़ करने की कोशिश में है।
उबर का रणनीतिक निवेश: वैश्विक भरोसे का संकेत
इस महीने की शुरुआत में राइड-हेलिंग कंपनी उबर ने ONDC में एक रणनीतिक निवेश की घोषणा की — जो भारत के खुले डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क में किसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा किए गए शुरुआती निवेशों में से एक है। कंपनी के अनुसार, यह निवेश भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) इकोसिस्टम के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
उबर और ONDC के बीच यह साझेदारी नई नहीं है — कंपनी पहले ही ONDC नेटवर्क के साथ अपना एकीकरण कर चुकी है। यह निवेश उस मौजूदा संबंध को एक औपचारिक रणनीतिक आयाम देता है। गौरतलब है कि उबर का मुख्यालय चेन्नई में नहीं है — स्रोत में 'चेन्नई स्थित' का उल्लेख कंपनी के भारतीय परिचालन केंद्र के संदर्भ में किया गया है।
ONDC के स्वतंत्र निदेशक की राय
ONDC के स्वतंत्र निदेशक आदिल ज़ैनुलभाई ने कहा कि यह निवेश भारत के डिजिटल कॉमर्स ढाँचे और व्यवसायों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की इसकी क्षमता में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उनका यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बाज़ार में वर्चस्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
ONDC का प्रदर्शन और विस्तार
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ONDC ने 21.8 करोड़ लेनदेन दर्ज किए। नेटवर्क ने इस अवधि में रिटेल, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी और वित्तीय सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में अपना विस्तार जारी रखा।
ONDC एक खुला, इंटरऑपरेबल डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क है जिसे भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य बिखरी हुई प्रणालियों, ऊँची प्रवेश बाधाओं और डिजिटल कॉमर्स में विश्वास की कमी जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करना है। निर्मित भारत इसकी एक गैर-लाभकारी सहायक संस्था है।
आगे की राह
उबर के निवेश और मंत्री-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद ONDC के विस्तार में नई गति आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि MSME और कारीगरों को इस नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सके, तो यह भारत के डिजिटल कॉमर्स परिदृश्य को बड़े पैमाने पर बदल सकता है।