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पीयूष गोयल ने ONDC समीक्षा बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क से खुदरा तंत्र बदलने पर दिया जोर

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पीयूष गोयल ने ONDC समीक्षा बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क से खुदरा तंत्र बदलने पर दिया जोर

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की ONDC समीक्षा बैठक और उबर के रणनीतिक निवेश ने एक साथ यह संकेत दिया है कि भारत का खुला डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क अब केवल सरकारी प्रयोग नहीं रहा — FY26 में 21.8 करोड़ लेनदेन के साथ यह वैश्विक निवेशकों की नज़र में भी आ चुका है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 10 जून 2026 को नई दिल्ली में ONDC और निर्मित भारत के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क से रिटेल, लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी सेवाओं को सशक्त करने पर जोर दिया गया।
राइड-हेलिंग कंपनी उबर ने इस महीने ONDC में रणनीतिक निवेश की घोषणा की — किसी वैश्विक टेक कंपनी के शुरुआती निवेशों में से एक।
वित्त वर्ष 2025-26 में ONDC ने 21.8 करोड़ लेनदेन दर्ज किए।
ONDC के स्वतंत्र निदेशक आदिल ज़ैनुलभाई ने कहा कि यह निवेश भारत के डिजिटल कॉमर्स ढाँचे में बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 10 जून 2026 को नई दिल्ली में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और उसकी सहायक संस्था निर्मित भारत के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क के ज़रिये खुदरा और वितरण तंत्र को मज़बूत बनाने तथा छोटे उत्पादकों और कारीगरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

समीक्षा बैठक में तीन प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ — खुले डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से रिटेल और वितरण तंत्र को सुदृढ़ करना, सूक्ष्म उत्पादकों और कारीगरों को डिजिटल बाज़ार से जोड़ना, और नवाचार-आधारित समाधानों के ज़रिये लॉजिस्टिक्स एवं मोबिलिटी सेवाओं को सशक्त बनाना।

मंत्री गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'इन पहलों में बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने, सेवा वितरण को बेहतर बनाने और व्यापक आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बड़ी क्षमता है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ONDC अपने विस्तार की गति तेज़ करने की कोशिश में है।

उबर का रणनीतिक निवेश: वैश्विक भरोसे का संकेत

इस महीने की शुरुआत में राइड-हेलिंग कंपनी उबर ने ONDC में एक रणनीतिक निवेश की घोषणा की — जो भारत के खुले डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क में किसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा किए गए शुरुआती निवेशों में से एक है। कंपनी के अनुसार, यह निवेश भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) इकोसिस्टम के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

उबर और ONDC के बीच यह साझेदारी नई नहीं है — कंपनी पहले ही ONDC नेटवर्क के साथ अपना एकीकरण कर चुकी है। यह निवेश उस मौजूदा संबंध को एक औपचारिक रणनीतिक आयाम देता है। गौरतलब है कि उबर का मुख्यालय चेन्नई में नहीं है — स्रोत में 'चेन्नई स्थित' का उल्लेख कंपनी के भारतीय परिचालन केंद्र के संदर्भ में किया गया है।

ONDC के स्वतंत्र निदेशक की राय

ONDC के स्वतंत्र निदेशक आदिल ज़ैनुलभाई ने कहा कि यह निवेश भारत के डिजिटल कॉमर्स ढाँचे और व्यवसायों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की इसकी क्षमता में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उनका यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बाज़ार में वर्चस्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

ONDC का प्रदर्शन और विस्तार

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ONDC ने 21.8 करोड़ लेनदेन दर्ज किए। नेटवर्क ने इस अवधि में रिटेल, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी और वित्तीय सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में अपना विस्तार जारी रखा।

ONDC एक खुला, इंटरऑपरेबल डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क है जिसे भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य बिखरी हुई प्रणालियों, ऊँची प्रवेश बाधाओं और डिजिटल कॉमर्स में विश्वास की कमी जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करना है। निर्मित भारत इसकी एक गैर-लाभकारी सहायक संस्था है।

आगे की राह

उबर के निवेश और मंत्री-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद ONDC के विस्तार में नई गति आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि MSME और कारीगरों को इस नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सके, तो यह भारत के डिजिटल कॉमर्स परिदृश्य को बड़े पैमाने पर बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने लेनदेन छोटे कारीगरों और MSME से आए, न कि पहले से स्थापित विक्रेताओं से। उबर जैसी वैश्विक कंपनी का निवेश नेटवर्क की साख बढ़ाता है, पर यह भी देखना होगा कि क्या यह समावेशिता की मूल भावना को मज़बूत करता है या बड़े खिलाड़ियों को और मज़बूत करता है। मंत्री-स्तरीय समीक्षा बैठकें तभी सार्थक होती हैं जब उनके बाद मापने योग्य लक्ष्य सार्वजनिक किए जाएँ — अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ONDC क्या है और यह कैसे काम करता है?
ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) भारत सरकार-समर्थित एक खुला, इंटरऑपरेबल डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क है। यह विभिन्न प्लेटफॉर्म और विक्रेताओं को एक साझा ढाँचे पर जोड़ता है, जिससे छोटे व्यवसायों को बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर निर्भर हुए बिना डिजिटल बाज़ार तक पहुँच मिलती है।
पीयूष गोयल की ONDC बैठक में क्या निर्णय हुए?
10 जून 2026 की समीक्षा बैठक में खुले डिजिटल नेटवर्क से रिटेल और वितरण तंत्र को मज़बूत करने, छोटे उत्पादकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को सशक्त बनाने पर चर्चा हुई। मंत्री गोयल ने इन पहलों की बाज़ार पहुँच बढ़ाने की क्षमता को रेखांकित किया।
उबर ने ONDC में निवेश क्यों किया?
उबर ने ONDC में रणनीतिक निवेश करके भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी के अनुसार, यह निवेश खुले और इंटरऑपरेबल नेटवर्क के ज़रिये मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के विकास की उसकी रणनीति का हिस्सा है।
ONDC का FY26 में प्रदर्शन कैसा रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में ONDC ने 21.8 करोड़ लेनदेन दर्ज किए। नेटवर्क ने इस दौरान रिटेल, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी और वित्तीय सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में अपना विस्तार जारी रखा।
निर्मित भारत और ONDC में क्या संबंध है?
निर्मित भारत, ONDC की एक गैर-लाभकारी सहायक संस्था है। यह ONDC के व्यापक लक्ष्यों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में सहायक भूमिका निभाती है, विशेष रूप से छोटे उत्पादकों और कारीगरों को डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने के काम में।
राष्ट्र प्रेस
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