क्या पीएम मोदी 'स्टार्टअप इंडिया' के 10 साल पूरे होने पर देश के वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम से बातचीत करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत 2016 में हुई थी।
- भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है।
- स्टार्टअप्स ने 21 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं।
- भारत की वैश्विक नवाचार रैंकिंग में सुधार हुआ है।
- पीएम मोदी ने एआई का सस्ता और पारदर्शी उपयोग करने की अपील की है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को देश की राष्ट्रीय राजधानी में 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के एक दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह जानकारी गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा दी गई।
'स्टार्टअप इंडिया' की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी, जिसका उद्देश्य नए विचारों को बढ़ावा देना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और निवेश के जरिए विकास करना है, ताकि भारत नौकरी चाहने वाला देश नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला देश बन सके।
पीएमओ के एक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भारत के सक्रिय और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप जगत से जुड़े लोगों से संवाद करेंगे।
कार्यक्रम में कुछ चुने हुए स्टार्टअप प्रतिनिधि अपने स्टार्टअप सफर के अनुभव साझा करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर लोगों को संबोधित भी करेंगे।
पिछले 10 वर्षों में भारत के स्टार्टअप क्षेत्र में बहुत तेजी से विकास हुआ है। इस दौरान देशभर में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है।
ये स्टार्टअप्स नौकरी पैदा करने, नई तकनीक से आर्थिक विकास करने और अलग-अलग क्षेत्रों में देश की अंदरूनी सप्लाई चेन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
'स्टार्टअप इंडिया' योजना भारत की अर्थव्यवस्था और नवाचार प्रणाली की एक मजबूत नींव बन चुकी है।
बयान में कहा गया है कि इस योजना ने संस्थागत तंत्र को मजबूत किया है, स्टार्टअप्स को धन और मार्गदर्शन तक पहुंच बढ़ाई है और ऐसा माहौल तैयार किया है जिससे स्टार्टअप्स देश और विदेश में आगे बढ़ सकें।
पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप्स से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग समाज के भले के लिए करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि एआई को सस्ता, सबके लिए उपलब्ध और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
सरकार के अनुसार, देश में स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के तहत 2,01,335 स्टार्टअप्स को सूचीबद्ध किया है, जिनसे देशभर में 21 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं।
इसके अलावा, भारतीय नवाचारकर्ताओं द्वारा दायर किए गए पेटेंट आवेदन 2014 से 2024 के बीच 425 प्रतिशत तक बढ़े हैं। साथ ही वैश्विक नवाचार सूचकांक 2025 में भारत की रैंक में सुधार हुआ है और जीआईआई 2025 रैंकिंग में यह 38वें स्थान पर पहुंच गई है।