पोस्ट ऑफिस स्कीम क्या होती है? देश में कौन-कौन-सी योजनाएं दे रहीं ज्यादा ब्याज
सारांश
Key Takeaways
- पोस्ट ऑफिस की योजनाएं सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश का विकल्प हैं।
- इन योजनाओं पर सरकार की गारंटी होती है।
- सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में 8.2% का ब्याज मिलता है।
- सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए है।
- इनमें निवेश की न्यूनतम राशि कम है, जिससे छोटे निवेशक भी आसानी से निवेश कर सकते हैं।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में निवेश के लिए कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन जब सुरक्षित और विश्वसनीय निवेश की बात आती है तो पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं सबसे पहले याद आती हैं। ये योजनाएं भारत सरकार द्वारा संचालित होती हैं, इसलिए इन्हें देश के सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में माना जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य आम जनता को नियमित बचत, सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न प्रदान करना है।
पोस्ट ऑफिस की योजनाएं विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए लाभकारी हैं जो जोखिम से बचना चाहते हैं और अपने पूंजी पर स्थिर ब्याज की अपेक्षा रखते हैं। इन योजनाओं की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इनमें जमा धनराशि पर सरकार की संपूर्ण गारंटी होती है। इन योजनाओं में निवेश की न्यूनतम राशि कम रखी गई है, जिससे छोटे निवेशक भी आसानी से अपनी बचत शुरू कर सकते हैं। देश भर में पोस्ट ऑफिस की मजबूत पहुँच इन योजनाओं को और अधिक लोकप्रिय बनाती है।
यदि हम पोस्ट ऑफिस योजनाओं की ब्याज दरों पर नज़र डालें तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) सबसे ऊपर है, जो 8.2 प्रतिशत ब्याज प्रदान करती है। यह योजना 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए है। इसमें न्यूनतम एक हजार रुपये और अधिकतम 30 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। इसकी अवधि पांच वर्ष होती है और तिमाही आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है, जिससे सेवानिवृत्त लोगों को नियमित आय का सहारा मिलता है।
इसके अलावा, सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) भी 8.2 प्रतिशत ब्याज दर के साथ शीर्ष पर है। यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। लड़की के जन्म के बाद दस वर्ष की आयु तक उसका खाता खोला जा सकता है। इसमें सालाना न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। 21 वर्ष की लॉक-इन अवधि के बाद मिलने वाली परिपक्वता राशि पूरी तरह टैक्स मुक्त होती है, जो शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्चों में सहायक बनती है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) उन निवेशकों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है जो एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं। इसमें 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है और पांच साल में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलता है। न्यूनतम निवेश एक हजार रुपये से शुरू होता है और अधिकतम सीमा तय नहीं है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स में छूट का लाभ भी मिलता है।
किसान विकास पत्र (केवीपी) योजना में 7.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है, जिसमें लगभग 115 महीनों यानी करीब साढ़े नौ वर्षों में निवेश की गई राशि दोगुनी हो जाती है। इस योजना में भी न्यूनतम निवेश एक हजार रुपये है और अधिकतम सीमा नहीं है। वहीं, मासिक आय योजना 7.4 प्रतिशत ब्याज प्रदान करती है, जिसमें हर महीने निश्चित आय मिलती है। इसमें एकल खाते में नौ लाख रुपये और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है, जिसकी अवधि पांच वर्ष होती है।
अन्य योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) की वर्तमान ब्याज दर 7.1 प्रतिशत प्रति वर्ष है, जो सरकार द्वारा निर्धारित है और हर तिमाही में संशोधित हो सकती है। इसका न्यूनतम लॉक-इन पीरियड 15 वर्ष का होता है, हालांकि पहले निकलने के विकल्प भी उपलब्ध हैं। एक बार 15 साल पूरा होने पर इसे और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह योजना कर के मामले में पूरी तरह छूट यानी ईईई श्रेणी में आती है। इसके अतिरिक्त, पांच वर्षीय आवर्ती जमा योजना 6.7 प्रतिशत ब्याज के साथ मासिक बचत का विकल्प देती है, जबकि टाइम डिपॉजिट योजना में एक वर्ष से पांच वर्ष तक की अवधि के लिए 6.9 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है।
इन योजनाओं में निवेश के लिए पात्रता बेहद सरल है। कोई भी भारतीय नागरिक पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में निवेश कर सकता है, हालांकि सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और सुकन्या समृद्धि योजना कुछ विशेष वर्गों के लिए आरक्षित हैं।
अकाउंट डाकघर या इंडिया पोस्ट के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खोला जा सकता है, जिसमें आधार और पैन जैसे केवाईसी दस्तावेज आवश्यक होते हैं। समय से पहले पैसा निकालने पर कुछ मामलों में जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन आयकर की धारा 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
कुल मिलाकर, पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं सुरक्षित निवेश और स्थिर रिटर्न चाहने वालों के लिए एक मजबूत विकल्प साबित होती हैं। महंगाई के दौर में ये योजनाएं आम लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। हालांकि, इन योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा होती रहती है, इसलिए निवेश से पहले नवीनतम दरों की जानकारी रखना आवश्यक है।