13 अक्टूबर 2026
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विशाखापत्तनम में आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी के पहले दिन ₹366 करोड़ की बोली, रिजर्व प्राइस से 17% अधिक प्रीमियम

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विशाखापत्तनम में आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी के पहले दिन ₹366 करोड़ की बोली, रिजर्व प्राइस से 17% अधिक प्रीमियम

सारांश

विशाखापत्तनम में आरआईएनएल की 150 भूमि पार्सलों की ई-नीलामी के पहले ही दिन सरकार को ₹366.33 करोड़ मिले — रिजर्व प्राइस से 17% अधिक। एनएलएमसी की यह पहली एंड-टू-एंड ई-नीलामी सार्वजनिक परिसंपत्ति मुद्रीकरण में तकनीक-आधारित पारदर्शी मॉडल की मज़बूत शुरुआत मानी जा रही है।

मुख्य बातें

एनएलएमसी ने 13 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में आरआईएनएल की 150 भूमि पार्सलों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न कराई।
पहले दिन कुल बोली ₹366.33 करोड़ रही, जो रिजर्व प्राइस ₹312.48 करोड़ से 17.23% अधिक है।
सबसे ऊँची बोली ₹1.80 लाख प्रति वर्ग गज से अधिक रही।
दूसरा और अंतिम चरण 30 अक्टूबर 2026 को होगा, जिसमें 216 अतिरिक्त प्लॉट्स की नीलामी होगी।
इच्छुक बोलीदाताओं को 27 अक्टूबर तक पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
यह एनएलएमसी की पहली पूर्ण एंड-टू-एंड ई-नीलामी है, जो रेलटेल के प्लेटफॉर्म पर संचालित है।

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) यानी विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की 150 भूमि पार्सलों की ई-नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न कराई। वित्त मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, पहले दिन इन प्लॉट्स पर कुल ₹366.33 करोड़ की बोलियाँ प्राप्त हुईं, जो निर्धारित रिजर्व प्राइस ₹312.48 करोड़ से 17.23 प्रतिशत अधिक हैं।

नीलामी के मुख्य आँकड़े

वित्त मंत्रालय ने बताया कि सफल बोलियों में रिजर्व प्राइस के मुकाबले औसतन 17.23% का प्रीमियम दर्ज किया गया, जो बाज़ार की मज़बूत भागीदारी और निवेशकों की गहरी रुचि का प्रमाण है। ई-नीलामी में सबसे ऊँची बोली ₹1.80 लाख प्रति वर्ग गज से भी अधिक रही, जो विशाखापत्तनम के बेहतर स्थानों पर मौजूद भूमि पार्सलों की तीव्र माँग को रेखांकित करती है।

गौरतलब है कि यह एनएलएमसी की पहली पूर्ण रूप से संचालित एंड-टू-एंड ई-नीलामी है, जो सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में एक तकनीक-आधारित, पारदर्शी मॉडल की स्थापना करती है।

दूसरे और अंतिम चरण की तैयारी

पहले चरण की सफलता के बाद ई-नीलामी का दूसरा और अंतिम चरण 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें शेष 216 भूमि पार्सलों की नीलामी होगी। इच्छुक बोलीदाताओं को 27 अक्टूबर तक पंजीकरण पूरा करना अनिवार्य है।

मंत्रालय ने कहा कि उपलब्ध प्लॉट्स, रिजर्व प्राइस, पात्रता शर्तें और भागीदारी संबंधी समस्त जानकारी आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध है। पहले चरण के परिणाम बाज़ार की भागीदारी और मूल्य रुझान का स्पष्ट संकेत देते हैं, जिससे संभावित बोलीदाताओं को निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

संचालन ढाँचा और भागीदार

यह नीलामी एनएलएमसी और आरआईएनएल के संयुक्त समन्वय से आयोजित की जा रही है। क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (क्यूआईपीएल) लेनदेन सलाहकार की भूमिका निभा रही है, जबकि ऑनलाइन बोली प्रक्रिया रेलटेल के ई-निविदा प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित हो रही है।

यह ई-नीलामी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) और अन्य सरकारी संस्थाओं की अतिरिक्त भूमि परिसंपत्तियों के उत्पादक उपयोग के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

पूर्व तैयारी और निवेशक संपर्क

नीलामी से पूर्व सितंबर 2026 में एनएलएमसी और आरआईएनएल ने विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में निवेशक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए। इन बैठकों में संभावित खरीदारों को संपत्तियों की विस्तृत जानकारी दी गई, उनकी शंकाओं का समाधान किया गया और पंजीकरण, दस्तावेज़, अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) तथा ऑनलाइन बोली प्रक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए।

व्यापक महत्व और आगे की राह

वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह ई-नीलामी एनएलएमसी के पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी सार्वजनिक परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह ऐसे समय में आई है जब सरकार सीपीएसई परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग पर ज़ोर दे रही है। दूसरे चरण में 216 अतिरिक्त भूमि पार्सलों की नीलामी से कुल प्राप्तियाँ और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा 30 अक्टूबर के दूसरे चरण में होगी जब 216 और पार्सलों की नीलामी होगी। एनएलएमसी के लिए यह सफलता तब और महत्वपूर्ण है जब आरआईएनएल लंबे समय से वित्तीय दबाव में है। यह नीलामी यह भी साबित करती है कि पारदर्शी, तकनीक-आधारित प्रक्रिया निवेशकों का भरोसा जीत सकती है — लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मॉडल देशभर के अन्य सीपीएसई परिसंपत्तियों पर भी उतनी ही तेज़ी से लागू होगा।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी क्या है और इसमें क्या नीलाम हुआ?
यह विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (आरआईएनएल) की अतिरिक्त भूमि परिसंपत्तियों की सरकारी ई-नीलामी है। 13 अक्टूबर 2026 को पहले चरण में 150 भूमि पार्सलों की नीलामी हुई, जिसमें ₹366.33 करोड़ की बोलियाँ प्राप्त हुईं।
ई-नीलामी में रिजर्व प्राइस से कितना अधिक प्रीमियम मिला?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, सफल बोलियों में रिजर्व प्राइस ₹312.48 करोड़ के मुकाबले औसतन 17.23% का प्रीमियम मिला। सबसे ऊँची बोली ₹1.80 लाख प्रति वर्ग गज से भी अधिक रही।
दूसरे चरण की नीलामी कब होगी और इसमें कितने प्लॉट्स हैं?
दूसरा और अंतिम चरण 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। इसमें शेष 216 भूमि पार्सलों की नीलामी की जाएगी।
दूसरे चरण में भाग लेने के लिए पंजीकरण कब तक करना होगा?
इच्छुक बोलीदाताओं को 27 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करना अनिवार्य है। उपलब्ध प्लॉट्स, रिजर्व प्राइस और पात्रता शर्तें उसी पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
एनएलएमसी की यह नीलामी विशेष क्यों है?
यह एनएलएमसी की पहली पूर्ण रूप से संचालित एंड-टू-एंड ई-नीलामी है, जो रेलटेल के ई-निविदा प्लेटफॉर्म पर आयोजित हुई। यह केंद्र सरकार के सीपीएसई परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम में पारदर्शी, तकनीक-आधारित प्रक्रिया का एक मॉडल उदाहरण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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