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ईडी ने भूषण स्टील प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी की ₹58.34 करोड़ की संपत्ति जब्त की

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ईडी ने भूषण स्टील प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी की ₹58.34 करोड़ की संपत्ति जब्त की

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने भूषण स्टील प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की ₹58.34 करोड़ की संपत्ति जब्त की है — यह उस मामले की ताज़ा कड़ी है जिसमें वित्तीय संस्थानों को ₹11,446.73 करोड़ के नुकसान का आरोप है। इससे पहले 2021 और 2024 में भी बड़ी जब्ती हो चुकी है।

मुख्य बातें

ईडी ने रितु सिंघल (पूर्व भूषण स्टील प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी) की ₹58.34 करोड़ की संपत्ति 24 जून 2026 को जब्त की।
जब्त संपत्तियों में इंदौर, मध्य प्रदेश की अचल संपत्ति और इक्विटी शेयर व बैंक बैलेंस शामिल हैं।
मामले में वित्तीय संस्थानों को कथित तौर पर ₹11,446.73 करोड़ का नुकसान हुआ है।
इससे पहले 8 नवंबर 2021 को ₹61.38 करोड़ और 6 मार्च 2024 को ₹367 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त की जा चुकी हैं।
पीएमएलए कोर्ट ने 8 अगस्त 2023 और 7 मार्च 2024 की अभियोग शिकायतों का संज्ञान लिया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड (बीएसएल) के प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की ₹58.34 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ 24 जून 2026 को जब्त कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है और वित्तीय संस्थानों को हुए ₹11,446.73 करोड़ के कथित नुकसान से जुड़े बड़े मामले का हिस्सा है।

जब्त संपत्तियों का ब्यौरा

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित भूमि और आवासीय संपत्ति के रूप में अचल संपत्तियाँ शामिल हैं। इसके अलावा रितु सिंघल के नाम पर धारित इक्विटी शेयर और बैंक बैलेंस के रूप में चल संपत्तियाँ भी इसमें शामिल हैं। ईडी का कहना है कि ये संपत्तियाँ पूर्ववर्ती बीएसएल से वैध लेनदेन की आड़ में किए गए धन के हेरफेर से अर्जित की गई थीं।

मामले की पृष्ठभूमि और जाँच का आधार

ईडी ने यह जाँच गंभीर धोखाधड़ी जाँच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा पूर्व भूषण स्टील लिमिटेड, नीरज सिंघल और अन्य के विरुद्ध दायर आपराधिक शिकायत के आधार पर शुरू की थी। जाँच में सामने आया कि नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने वैध व्यावसायिक लेनदेन की आड़ में कंपनी से धनराशि का गबन किया, जिससे वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

गौरतलब है कि जाँच में यह भी उजागर हुआ कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड से खरीदी गई जस्ता सिल्लियाँ आरोपियों द्वारा खुले बाज़ार में कथित तौर पर अवैध रूप से बेची गईं, जिससे प्राप्त नकदी का उपयोग विभिन्न पेनी स्टॉक कंपनियों के माध्यम से फर्जी दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) के रूप में दिखाया गया।

पूर्व में हुई जब्ती की कार्रवाइयाँ

यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने इस मामले में कार्रवाई की है। इससे पहले 8 नवंबर 2021 को ₹61.38 करोड़ और 6 मार्च 2024 को ₹367 करोड़ की संपत्तियाँ अस्थायी रूप से जब्त की जा चुकी हैं। ताज़ा जब्ती के साथ इस मामले में कुल संलग्न संपत्तियों का आँकड़ा अब काफी बड़ा हो गया है।

अदालती कार्यवाही की स्थिति

ईडी ने नीरज सिंघल, रितु सिंघल और अन्य आरोपियों के खिलाफ 8 अगस्त 2023 को एक अभियोग शिकायत और 7 मार्च 2024 को एक पूरक अभियोग शिकायत दर्ज की है। पीएमएलए कोर्ट ने दोनों शिकायतों का संज्ञान ले लिया है, और मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

आगे क्या होगा

यह मामला उन बड़े कॉर्पोरेट धोखाधड़ी प्रकरणों में से एक है जिनमें ईडी वर्षों से जाँच जारी रखे हुए है। ताज़ा जब्ती से स्पष्ट है कि प्रवर्तन एजेंसी मामले के सभी आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। अदालत में आगे की सुनवाई से यह तय होगा कि जब्त संपत्तियाँ स्थायी रूप से राजसात की जाएंगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

446.73 करोड़ के नुकसान के मुकाबले अब तक जब्त संपत्तियों का कुल आँकड़ा अपेक्षाकृत कम है, जो यह सवाल उठाता है कि शेष राशि की वसूली कहाँ तक पहुँची है। अदालत में अभियोग शिकायतों का संज्ञान लिए जाने के बावजूद मामले का अंतिम निपटारा अभी दूर है, और पीड़ित वित्तीय संस्थानों के लिए वास्तविक राहत की राह लंबी बनी हुई है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने रितु सिंघल की संपत्ति क्यों जब्त की?
ईडी ने रितु सिंघल की संपत्ति पीएमएलए, 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में जब्त की है। जाँच एजेंसी का आरोप है कि पूर्व भूषण स्टील लिमिटेड से वैध लेनदेन की आड़ में धन का हेरफेर किया गया, जिससे वित्तीय संस्थानों को ₹11,446.73 करोड़ का नुकसान हुआ।
इस मामले में कुल कितनी संपत्ति जब्त हो चुकी है?
ताज़ा ₹58.34 करोड़ की जब्ती से पहले ईडी 8 नवंबर 2021 को ₹61.38 करोड़ और 6 मार्च 2024 को ₹367 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त कर चुकी है। इस प्रकार इस मामले में अब तक कुल जब्त संपत्तियों का आँकड़ा ₹486 करोड़ से अधिक हो गया है।
भूषण स्टील मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
यह मामला पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड के प्रमोटर नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों पर आधारित है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी से धनराशि का गबन किया और जस्ता सिल्लियों की अवैध बिक्री से प्राप्त नकदी को पेनी स्टॉक के ज़रिए सफेद किया। एसएफआईओ की शिकायत के आधार पर ईडी ने पीएमएलए के तहत जाँच शुरू की थी।
मामले में अदालती कार्यवाही किस चरण में है?
पीएमएलए कोर्ट ने नीरज सिंघल, रितु सिंघल और अन्य आरोपियों के खिलाफ 8 अगस्त 2023 को दायर अभियोग शिकायत और 7 मार्च 2024 को दायर पूरक अभियोग शिकायत का संज्ञान ले लिया है। मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
जब्त संपत्तियों में क्या-क्या शामिल है?
जब्त संपत्तियों में मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित भूमि और आवासीय संपत्ति के रूप में अचल संपत्तियाँ शामिल हैं। इसके साथ ही रितु सिंघल के नाम पर धारित इक्विटी शेयर और बैंक बैलेंस के रूप में चल संपत्तियाँ भी जब्त की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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