आरवीएनएल को ₹2,977 करोड़ का NMDC कॉन्ट्रैक्ट, विशाखापट्टनम में बनेगी 10 MTPA लॉजिस्टिक्स सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सरकारी खनन कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड से ₹2,977 करोड़ का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ है। यह अनुबंध आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 10 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाले बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड की स्थापना से संबंधित है। 20 जून 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने इस घोषणा की पुष्टि की।
प्रोजेक्ट का विवरण
इस परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम बंदरगाह पर एनएमडीसी की लॉजिस्टिक्स और सामग्री प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु एक अत्याधुनिक बफर स्टॉकयार्ड एवं ब्लेंडिंग सुविधा विकसित की जाएगी। आरवीएनएल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'रेल विकास निगम लिमिटेड को एनएमडीसी लिमिटेड से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 10 MTPA क्षमता वाले बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड की स्थापना के लिए अनुबंध प्रदान करने का पत्र प्राप्त हुआ है।'
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह अनुबंध एक घरेलू संस्था द्वारा सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत प्रदान किया गया है और यह किसी भी संबंधित पक्ष (रिलेटेड पार्टी) लेनदेन के दायरे में नहीं आता। आरवीएनएल ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके प्रमोटरों या समूह की किसी भी कंपनी का एनएमडीसी में कोई वित्तीय अथवा अन्य हित नहीं है।
निर्माण की समयसीमा और अपेक्षित लाभ
इस परियोजना को कॉन्ट्रैक्ट मिलने की तिथि से 42 महीनों के भीतर पूरा किया जाना अनिवार्य है। एक बार चालू होने के पश्चात यह सुविधा लौह अयस्क और अन्य कच्चे माल के भंडारण, प्रबंधन एवं परिवहन को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगी, जिससे आपूर्ति शृंखला की समग्र दक्षता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
गौरतलब है कि बफर स्टॉकयार्ड और ब्लेंडिंग सुविधाएं खनन उद्योग में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होती हैं — इनके माध्यम से कंपनियाँ भंडार का बेहतर प्रबंधन करते हुए ग्राहकों को निरंतर एकसमान गुणवत्ता का कच्चा माल उपलब्ध करा सकती हैं।
आरवीएनएल और एनएमडीसी की भूमिका
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) भारतीय रेलवे मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSE) है, जो देश भर में रेलवे और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाता है। वहीं एनएमडीसी भारत की सबसे बड़ी सरकारी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी है, जो अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता के विस्तार पर निरंतर निवेश कर रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार बंदरगाह-आधारित खनिज लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर जोर दे रही है, और विशाखापट्टनम को पूर्वी तट पर एक प्रमुख खनिज निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है।
आगे की राह
इस परियोजना के पूर्ण होने पर विशाखापट्टनम बंदरगाह की सामग्री हैंडलिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आरवीएनएल के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट खनन और बंदरगाह अवसंरचना क्षेत्र में उसकी बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है, जो पारंपरिक रेलवे परियोजनाओं से परे उसके विस्तार का संकेत है।