रॉयल एनफील्ड का आंध्र प्रदेश में ₹2,200 करोड़ का निवेश, तिरुपति में बनेगा दूसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

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रॉयल एनफील्ड का आंध्र प्रदेश में ₹2,200 करोड़ का निवेश, तिरुपति में बनेगा दूसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

सारांश

रॉयल एनफील्ड ने तमिलनाडु के बाहर अपना पहला बड़ा दांव लगाया है — आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में ₹2,200 करोड़ का निवेश, 9 लाख यूनिट की अतिरिक्त क्षमता और 5,000 रोजगार। यह सिर्फ एक कंपनी का विस्तार नहीं, बल्कि दक्षिण भारत में ऑटोमोबाइल मानचित्र को नए सिरे से खींचने की कोशिश है।

मुख्य बातें

रॉयल एनफील्ड तिरुपति जिले के सत्यवेदु में ₹2,200 करोड़ के निवेश से नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी।
यह 1901 में स्थापना के बाद कंपनी का तमिलनाडु के बाहर पहला बड़ा विनिर्माण विस्तार होगा।
परियोजना से उत्पादन क्षमता में 9 लाख यूनिट की बढ़ोतरी और करीब 5,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना।
267 एकड़ भूमि आवंटित; पहला चरण 2029 तक और दूसरा चरण 2032 तक पूरा होने का लक्ष्य।
चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में एसआईपीबी बैठक में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की 25 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने 7 मई 2026 को कहा कि प्रतिष्ठित मोटरसाइकिल निर्माता रॉयल एनफील्ड द्वारा राज्य में नया विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने का निर्णय आंध्र प्रदेश की तेज और बेहतर कारोबारी व्यवस्था पर बड़े भरोसे का प्रमाण है। कंपनी तिरुपति जिले के सत्यवेदु में ₹2,200 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित करेगी, जो भारत में उसका दूसरा और तमिलनाडु के बाहर पहला बड़ा विनिर्माण केंद्र होगा।

परियोजना का विवरण

यह निवेश दो चरणों में होगा। आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा के निकट सत्यवेदु मंडल के वनेल्लूरु और रल्लाकुप्पम गांवों में कुल 267 एकड़ भूमि इस परियोजना के लिए आवंटित की गई है। परियोजना का पहला चरण 2029 तक और दूसरा चरण 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संयंत्र के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद रॉयल एनफील्ड की उत्पादन क्षमता में करीब 9 लाख यूनिट की बढ़ोतरी होगी।

एसआईपीबी बैठक में मंजूरी

यह परियोजना 6 मई 2026 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) की बैठक में स्वीकृत की गई। उस बैठक में ₹2 लाख करोड़ से अधिक के निवेश वाली कुल 25 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि यह बैठक आंध्र प्रदेश को प्रमुख विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

रोजगार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर

इस परियोजना से करीब 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। पहले चरण में मुख्य संयंत्र के साथ-साथ एक विशेष विक्रेता पार्क भी विकसित किया जाएगा, जो कंपनी के आपूर्तिकर्ता तंत्र को आंध्र प्रदेश में लाने और राज्य में विश्वस्तरीय ऑटोमोबाइल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सहायक होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य दक्षिणी क्षेत्र में औद्योगिक विकास को तेज गति देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

मंत्री लोकेश का बयान

मंत्री नारा लोकेश ने कहा, ''रॉयल एनफील्ड सिर्फ मोटरसाइकिल ब्रांड नहीं है, बल्कि यह विरासत, बेहतरीन कारीगरी और गुणवत्ता का प्रतीक है। हमें इस प्रतिष्ठित कंपनी का आंध्र प्रदेश में स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है।'' उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना के आसपास विकसित होने वाला विक्रेता तंत्र और सहायक उद्योग राज्य को वैश्विक स्तर के ऑटोमोबाइल और उन्नत विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को और मजबूत करेंगे।

आगे क्या

रॉयल एनफील्ड का 1901 में स्थापना के बाद यह तमिलनाडु के बाहर पहला बड़ा विस्तार है, जो भारत की वैश्विक प्रीमियम मोटरसाइकिल निर्माण केंद्र के रूप में बढ़ती पहचान को और पुख्ता करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यदि विक्रेता पार्क समय पर विकसित होता है, तो आंध्र प्रदेश का दक्षिणी औद्योगिक गलियारा अगले दशक में देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल हब में शुमार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — राज्य का पुनर्गठन के बाद का औद्योगिक इतिहास वादों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर दिखाता रहा है। विक्रेता पार्क की समयबद्ध स्थापना ही तय करेगी कि यह परियोजना वास्तव में एक ऑटोमोबाइल पारिस्थितिकी तंत्र बनाती है या केवल एक बड़े संयंत्र तक सिमट जाती है। इसके अलावा, 5,000 रोजगार का आँकड़ा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों को मिलाकर है — स्वतंत्र सत्यापन के बिना यह संख्या भ्रामक हो सकती है। चंद्रबाबू नायडू सरकार के लिए यह निवेश राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, पर दीर्घकालिक सफलता के लिए भूमि अधिग्रहण से लेकर आपूर्ति श्रृंखला विकास तक हर कड़ी को मजबूत करना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रॉयल एनफील्ड आंध्र प्रदेश में कहाँ और कितने निवेश से प्लांट लगाएगी?
रॉयल एनफील्ड तिरुपति जिले के सत्यवेदु में आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा के निकट ₹2,200 करोड़ के निवेश से नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। इसके लिए 267 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
इस परियोजना से कितने रोजगार पैदा होंगे और उत्पादन क्षमता कितनी बढ़ेगी?
परियोजना के पूरा होने पर करीब 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही रॉयल एनफील्ड की उत्पादन क्षमता में करीब 9 लाख यूनिट की बढ़ोतरी होगी।
रॉयल एनफील्ड का यह प्लांट कब तक तैयार होगा?
परियोजना दो चरणों में पूरी होगी — पहला चरण 2029 तक और दूसरा चरण 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में मुख्य संयंत्र के साथ विशेष विक्रेता पार्क भी बनाया जाएगा।
एसआईपीबी बैठक में आंध्र प्रदेश ने कुल कितने निवेश को मंजूरी दी?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई एसआईपीबी बैठक में ₹2 लाख करोड़ से अधिक निवेश वाली 25 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। रॉयल एनफील्ड की परियोजना इन्हीं में से एक है।
रॉयल एनफील्ड के लिए आंध्र प्रदेश का यह प्लांट क्यों खास है?
यह 1901 में स्थापना के बाद रॉयल एनफील्ड का तमिलनाडु के बाहर पहला बड़ा विनिर्माण विस्तार है और भारत में उसका दूसरा मैन्युफैक्चरिंग केंद्र होगा। यह कंपनी की वैश्विक प्रीमियम मोटरसाइकिल बाजार में उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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