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दक्षिण तटीय रेलवे जोन 1 जून 2026 से शुरू, चंद्रबाबू नायडू ने बताया दशकों का सपना साकार

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दक्षिण तटीय रेलवे जोन 1 जून 2026 से शुरू, चंद्रबाबू नायडू ने बताया दशकों का सपना साकार

सारांश

एक दशक से अधिक की प्रतीक्षा के बाद, दक्षिण तटीय रेलवे जोन 1 जून 2026 से विशाखापट्टनम में परिचालन शुरू करेगा। 2014 के विभाजन वादे से जन्मा यह जोन उत्तर आंध्र के परिवहन ढाँचे को नया आकार देगा और राज्य को प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

दक्षिण तटीय रेलवे जोन 1 जून 2026 से औपचारिक रूप से परिचालन में आएगा, मुख्यालय विशाखापट्टनम में होगा।
केंद्र सरकार ने इसी माह राजपत्र अधिसूचना जारी कर इसे मंजूरी दी।
नए जोन में गुंतकल, गुंटूर, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम मंडल शामिल होंगे।
यह 2014 के आंध्र प्रदेश विभाजन के समय किए गए वादों में से एक था; घोषणा पहली बार 2019 में हुई थी।
जनवरी 2025 में PM मोदी ने विशाखापट्टनम में जोन मुख्यालय की आधारशिला रखी थी।
CM चंद्रबाबू नायडू ने PM मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापट्टनम केंद्रित दक्षिण तटीय रेलवे जोन के उद्घाटन को राज्य के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बताया है। 1 जून 2026 से प्रभावी यह नया जोन 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय किए गए प्रमुख वादों में शामिल था और इसकी प्रतीक्षा एक दशक से अधिक समय से की जा रही थी।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री नायडू ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह आंध्र प्रदेश के लोगों का दशकों पुराना सपना था, जो अब साकार हो रहा है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि उत्तर आंध्र के परिवहन ढाँचे में व्यापक बदलाव लाने वाला कदम बताया। नायडू ने आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।

नए जोन की संरचना

केंद्र सरकार ने इसी माह राजपत्र अधिसूचना जारी कर दक्षिण तटीय रेलवे जोन की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दी। इस नए जोन में गुंतकल, गुंटूर, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम मंडल शामिल होंगे। गुंतकल, गुंटूर और विजयवाड़ा मंडलों को दक्षिण मध्य रेलवे से अलग कर इसमें शामिल किया गया है, जबकि पूर्वी तटीय रेलवे के वाल्टेयर मंडल का पुनर्गठन कर उसका नाम बदलकर विशाखापट्टनम मंडल रखा गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस रेलवे जोन की माँग 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के साथ ही उठी थी और इसकी आधिकारिक घोषणा पहली बार 2019 में की गई थी। गौरतलब है कि 2024 में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सत्ता में लौटने के बाद इसकी प्रशासनिक प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई। जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापट्टनम में रेलवे जोन मुख्यालय की आधारशिला रखी थी।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

मुख्यमंत्री नायडू के अनुसार नया रेलवे जोन क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर सृजित करेगा और औद्योगिक विकास को गति देगा। उनका कहना है कि यह पहल आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य अपनी नई राजधानी अमरावती के विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

आगे की राह

1 जून 2026 से दक्षिण तटीय रेलवे जोन औपचारिक रूप से परिचालन में आ जाएगा। जोन मुख्यालय विशाखापट्टनम में स्थापित होगा। रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार इस पुनर्गठन से उत्तर आंध्र और तटीय क्षेत्रों में रेल सेवाओं की योजना और क्रियान्वयन अधिक केंद्रित और कुशल हो सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या यह नया जोन वास्तव में रोज़गार और लॉजिस्टिक्स क्षमता में मापनीय सुधार लाएगा, या केवल एक प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था बनकर रह जाएगा? यह ध्यान देने योग्य है कि घोषणा से क्रियान्वयन तक सात वर्ष लगे, और अब बुनियादी ढाँचे, भर्ती और परिचालन दक्षता की असली चुनौती सामने है। राज्य विभाजन के बाद से आंध्र प्रदेश जिन संरचनात्मक कमियों से जूझ रहा है, उनमें रेल कनेक्टिविटी एक बड़ा मुद्दा रही है — नए जोन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि केंद्र और राज्य मिलकर इसे कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ाते हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण तटीय रेलवे जोन क्या है और यह कब शुरू होगा?
दक्षिण तटीय रेलवे जोन भारत का नया रेलवे प्रशासनिक जोन है जिसका मुख्यालय विशाखापट्टनम में होगा और यह 1 जून 2026 से परिचालन में आएगा। इसमें गुंतकल, गुंटूर, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम मंडल शामिल हैं।
इस रेलवे जोन का वादा कब और क्यों किया गया था?
यह वादा 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय किया गया था, जब तेलंगाना को अलग राज्य बनाया गया। इसकी आधिकारिक घोषणा 2019 में हुई थी, और जनवरी 2025 में PM मोदी ने विशाखापट्टनम में इसके मुख्यालय की आधारशिला रखी।
नए जोन में कौन-कौन से मंडल शामिल हैं?
नए जोन में चार मंडल हैं — गुंतकल, गुंटूर और विजयवाड़ा (दक्षिण मध्य रेलवे से पुनर्गठित) तथा विशाखापट्टनम (पूर्वी तटीय रेलवे के वाल्टेयर मंडल का नाम बदलकर)। इन्हें मिलाकर नया दक्षिण तटीय रेलवे जोन बनाया गया है।
इस रेलवे जोन से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, नया जोन क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा और औद्योगिक विकास को गति देगा। यह आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने में सहायक माना जा रहा है।
CM नायडू ने किन केंद्रीय नेताओं का आभार व्यक्त किया?
मुख्यमंत्री नायडू ने आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राज्य की दशकों पुरानी माँग को पूरा किया।
राष्ट्र प्रेस
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