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भारत का 18वां रेलवे जोन SCOR शुरू, विशाखापत्तनम मुख्यालय से उत्तरी तटीय आंध्र का दशकों पुराना सपना पूरा

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भारत का 18वां रेलवे जोन SCOR शुरू, विशाखापत्तनम मुख्यालय से उत्तरी तटीय आंध्र का दशकों पुराना सपना पूरा

सारांश

चार दशकों की माँग, कई सरकारों के वादे और अनगिनत आंदोलनों के बाद — भारत का 18वाँ रेलवे जोन SCOR आखिरकार विशाखापत्तनम से चल पड़ा। 385 स्टेशन, 62,000 कर्मचारी और ₹15,500 करोड़ के सालाना राजस्व के साथ यह उत्तरी तटीय आंध्र के आर्थिक भविष्य की नींव है।

मुख्य बातें

भारत के 18वें रेलवे जोन — दक्षिण तटीय रेलवे (SCOR) — ने 2 जून 2025 को विशाखापत्तनम मुख्यालय से आधिकारिक परिचालन शुरू किया।
जोन में 385 स्टेशन , 62,000 कर्मचारी और अनुमानित ₹15,500 करोड़ वार्षिक राजस्व होगा; 500+ यात्री ट्रेनें और 800 मालगाड़ियाँ संचालित होंगी।
SCOR का गठन SCR और ECOR के पुनर्गठन से हुआ; वाल्टेयर डिवीजन का नाम बदलकर विशाखापत्तनम डिवीजन किया गया।
केंद्र सरकार ने 5 मई 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी की; संदीप माथुर को महाप्रबंधक नियुक्त किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में ₹149 करोड़ की लागत वाले क्षेत्रीय मुख्यालय की आधारशिला रखी।
अलग जोन की माँग 1980 के दशक से चली आ रही थी; 2014 में आंध्र विभाजन के समय यूपीए सरकार ने इसका वादा किया था।

भारत के 18वें रेलवे जोनदक्षिण तटीय रेलवे (SCOR) — ने 2 जून 2025 को आधिकारिक रूप से परिचालन शुरू कर दिया। विशाखापत्तनम मुख्यालय वाले इस नए जोन की स्थापना के साथ उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के लोगों की दशकों पुरानी माँग अंततः पूरी हुई, जो एक समर्पित रेलवे प्रशासन और बेहतर बुनियादी ढाँचे के लिए 1980 के दशक से संघर्षरत थे।

नए जोन की संरचना और दायरा

दक्षिण तटीय रेलवे (SCOR) का गठन पूर्व दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) और पूर्वी तट रेलवे (ECOR) के कुछ हिस्सों के पुनर्गठन से किया गया है। इसमें विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, गुंटूर और गुंटकल के चार रेलवे डिवीजन शामिल हैं।

पूर्वी तट रेलवे के खंडित वाल्टेयर डिवीजन का नाम बदलकर अब विशाखापत्तनम डिवीजन कर दिया गया है और इसका पुनर्गठन किया गया है। यह जोन आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों तक फैला है।

मुख्य आँकड़े और अपेक्षित लाभ

नए जोन के अंतर्गत 385 रेलवे स्टेशन आएँगे और इसमें 62,000 कर्मचारी कार्यरत होंगे। जोन का अनुमानित वार्षिक राजस्व लगभग ₹15,500 करोड़ रहने की उम्मीद है। परिचालन के दौरान 500 से अधिक यात्री ट्रेनें और 800 मालगाड़ियाँ संचालित की जाएँगी।

यह जोन विशाखापत्तनम, गंगावरम, कृष्णापटनम, काकीनाडा और आगामी मुलापेटा बंदरगाह जैसे प्रमुख बंदरगाहों को जोड़कर माल ढुलाई और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मज़बूत करेगा। क्षेत्र में कनेक्टिविटी, नए रोज़गार के अवसर और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: दशकों की लड़ाई

राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष पीवीएन माधव के अनुसार, अलग रेलवे जोन की माँग 1980 के दशक में शुरू हुई थी। जब दक्षिण मध्य रेलवे का गठन हुआ, तब अधिकांश तेलुगु भाषी क्षेत्रों को चेन्नई मुख्यालय वाली दक्षिणी रेलवे से अलग किया गया, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वाल्टेयर डिवीजन कोलकाता मुख्यालय वाली दक्षिण पूर्वी रेलवे के अधीन रहा।

माधव ने बताया कि 20 मार्च 2010 को BJP ने विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर एक विशाल 'रेल रोको' आंदोलन आयोजित किया था। BJP, अन्य राजनीतिक दलों और जन संगठनों की संयुक्त कार्य समिति (JAC) ने बार-बार केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपे। 1997 में कांग्रेस समर्थित संयुक्त मोर्चा सरकार ने भुवनेश्वर मुख्यालय वाले पूर्वी तट रेलवे जोन की नींव रखी और बाद में वाल्टेयर डिवीजन को इसके अंतर्गत लाया गया था।

2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने विशाखापत्तनम मुख्यालय के साथ नए रेलवे जोन का वादा किया था। केंद्र ने नए जोन की घोषणा 2019 में की और एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई। प्रशासनिक कार्यों में तेज़ी 2024 में एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद आई।

सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक उत्साह

केंद्र सरकार ने 5 मई 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर SCOR की स्थापना की। जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम में ₹149 करोड़ की लागत से बनने वाले दक्षिण तटीय रेलवे क्षेत्रीय मुख्यालय की आधारशिला रखी। फ़िलहाल मुख्यालय अस्थायी रूप से विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (VMRDA) कार्यालय में स्थापित है। जून 2025 में केंद्र ने संदीप माथुर को SCOR का महाप्रबंधक नियुक्त किया।

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस अवसर पर स्थानीय विधायकों के साथ श्रीकाकुलम जिले के विभिन्न रेलवे स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'दक्षिण तट रेलवे जोन का प्रारंभ आंध्र प्रदेश, विशेषकर उत्तराध्र के लोगों के लिए एक भावनात्मक और लंबे समय से संजोया हुआ सपना पूरा होने जैसा है।' उन्होंने इच्छापुरम के पास रेलवे ट्रैक के किनारे SCOR की स्वागत पट्टिका के पास पौधे भी लगाए।

राज्य के कृषि मंत्री के. अचन्नाइजु — जो राममोहन नायडू के चाचा हैं — का मानना है कि SCOR उत्तरी आंध्र के परिवहन परिदृश्य को बदल देगा और रोज़गार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने इसे आंध्र प्रदेश, विशेष रूप से उत्तरी तटीय आंध्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

आगे की राह

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अप्रैल में विशाखापत्तनम यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ SCOR के संचालन की समीक्षा की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जोन रेलवे लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई, औद्योगिक कनेक्टिविटी और यात्री सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के आर्थिक परिवर्तन के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है। चार दशकों की माँग और कई सरकारों के वादों के बाद बना यह जोन यदि केवल विभागीय पुनर्गठन तक सीमित रहा — बिना नई ट्रेन सेवाओं, तेज़ बंदरगाह कनेक्टिविटी और सत्यापन-योग्य रोज़गार सृजन के — तो यह राजनीतिक उपलब्धि का प्रतीक बनकर रह जाएगा, विकास का नहीं। विशाखापत्तनम मुख्यालय का अभी भी अस्थायी परिसर में होना और ₹149 करोड़ के स्थायी मुख्यालय का निर्माणाधीन होना बताता है कि ज़मीनी तैयारी अभी पूरी नहीं हुई है। SCOR की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह बंदरगाह-रेल एकीकरण को कितनी तेज़ी से ठोस माल ढुलाई राजस्व में बदल पाता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण तटीय रेलवे जोन (SCOR) क्या है?
SCOR भारत का 18वाँ रेलवे जोन है, जिसका मुख्यालय विशाखापत्तनम में है। इसका गठन दक्षिण मध्य रेलवे और पूर्वी तट रेलवे के कुछ हिस्सों के पुनर्गठन से हुआ है और इसमें विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, गुंटूर तथा गुंटकल के चार डिवीजन शामिल हैं।
SCOR का परिचालन कब से शुरू हुआ और इसकी अधिसूचना कब जारी हुई?
SCOR ने 2 जून 2025 को आधिकारिक रूप से परिचालन शुरू किया। केंद्र सरकार ने इसकी स्थापना के लिए 5 मई 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी की थी।
नए रेलवे जोन की माँग इतने लंबे समय तक क्यों अधूरी रही?
अलग जोन की माँग 1980 के दशक से चली आ रही थी। 2014 में आंध्र विभाजन के समय यूपीए सरकार ने वादा किया, 2019 में घोषणा हुई, लेकिन प्रशासनिक कार्यों में वास्तविक तेज़ी 2024 में चंद्रबाबू नायडू की NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद आई।
SCOR से उत्तरी तटीय आंध्र को क्या फायदे होंगे?
SCOR से 62,000 नए रोज़गार, ₹15,500 करोड़ का वार्षिक राजस्व और विशाखापत्तनम, गंगावरम, कृष्णापटनम, काकीनाडा जैसे बंदरगाहों से बेहतर माल ढुलाई कनेक्टिविटी अपेक्षित है। इससे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
SCOR के मुख्यालय का स्थायी भवन कब तक तैयार होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में विशाखापत्तनम में ₹149 करोड़ की लागत से बनने वाले स्थायी मुख्यालय की आधारशिला रखी। फ़िलहाल मुख्यालय अस्थायी रूप से VMRDA कार्यालय में स्थापित है; स्थायी भवन के पूरा होने की समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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