24 जुलाई 2026
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अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को ₹8,500 करोड़ का आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट, विजाग में ग्रीन हाइड्रोजन को मिलेगी बिजली

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अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को ₹8,500 करोड़ का आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट, विजाग में ग्रीन हाइड्रोजन को मिलेगी बिजली

सारांश

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने ₹8,500 करोड़ का विजाग ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट जीता — यह सिर्फ बिजली लाइन नहीं, बल्कि भारत के ग्रीन हाइड्रोजन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य की नींव है। 30 महीनों में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट AESL को देश की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन कंपनी के रूप में और मज़बूत करेगा।

मुख्य बातें

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL) ने आंध्र प्रदेश में ₹8,500 करोड़ का अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट जीता।
परियोजना विजाग क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और डेटा सेंटर को बिजली देगी; अनुमानित माँग 4,500 गीगावाट ।
प्रोजेक्ट TBCB फ्रेमवर्क के तहत आवंटित; 30 महीनों में डिलीवरी का लक्ष्य।
AESL 1,582 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें और 10,500 एमवीए क्षमता जोड़ेगी; कुल नेटवर्क 29,531 सीकेएम होगा।
परियोजना 'विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' SPV के अंतर्गत क्रियान्वित होगी।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने आंध्र प्रदेश में ₹8,500 करोड़ के अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को हासिल किया है, जो विजाग क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। कंपनी ने 24 जुलाई को जारी बयान में बताया कि इस परियोजना के तहत अनुमानित 4,500 गीगावाट की माँग को पूरा किया जाएगा।

प्रोजेक्ट का आवंटन और ढाँचा

सरकार ने यह परियोजना टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली (TBCB) फ्रेमवर्क के अंतर्गत आवंटित की है, जिसमें AESL सबसे प्रतिस्पर्धी बोलीदाता के रूप में उभरी। इस परियोजना को 30 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। इसे 'विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' नामक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के तहत क्रियान्वित किया जाएगा।

नेटवर्क विस्तार और तकनीकी क्षमता

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर AESL अपने नेटवर्क में 1,582 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें और 10,500 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जोड़ेगी। इससे कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क 29,531 सीकेएम और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 एमवीए हो जाएगी। AESL पहले से ही देश की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन कंपनी है।

विजाग: उभरता डिजिटल और औद्योगिक केंद्र

विजाग तेज़ी से भारत के प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में से एक बनता जा रहा है। पेंडुर्थी-विजाग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर एआई और हाइपरस्केल डेटा सेंटर, सबसी कनेक्टिविटी, क्लीन एनर्जी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश हो रहा है। यह परियोजना इस क्षेत्र की बढ़ती बिजली माँग को भी पूरा करेगी।

कंपनी का दृष्टिकोण

AESL के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, 'विजाग ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट भारत की अगली पीढ़ी की औद्योगिक वृद्धि के लिए एनर्जी बैकबोन बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया क्षमता के विकास में मदद करेगा, साथ ही पेंडुर्थी-विजाग क्षेत्र में उभरती डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की माँग के लिए ग्रिड को भी मज़बूत करेगा।'

पटेल ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत एक स्वच्छ और प्रौद्योगिकी-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है, 'AESL ऐसे मज़बूत और भविष्य के लिए तैयार ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास को संभव बना सकें।'

आगे की राह

गौरतलब है कि जैसे-जैसे इस क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और डेटा सेंटर का विस्तार होगा, ग्रिड स्थिरता और उच्च क्षमता वाला ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर दीर्घकालिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता की बुनियाद बनेगा। यह परियोजना भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों और डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और AESL इस चौराहे पर खड़ी है। सवाल यह है कि TBCB मॉडल में सबसे कम बोली लगाने का दबाव दीर्घकालिक ग्रिड विश्वसनीयता से समझौता तो नहीं करेगा — खासकर जब विजाग जैसे क्षेत्र में एक साथ ग्रीन हाइड्रोजन, AI डेटा सेंटर और सबसी कनेक्टिविटी की माँग उठ रही हो। AESL का बढ़ता नेटवर्क प्रभावशाली है, लेकिन 30 महीने की समयसीमा और 4,500 गीगावाट की माँग का दबाव क्रियान्वयन की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को आंध्र प्रदेश में कौन-सा प्रोजेक्ट मिला है?
AESL को आंध्र प्रदेश के विजाग क्षेत्र में ₹8,500 करोड़ का अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। यह परियोजना ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
विजाग ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
कंपनी के अनुसार इस प्रोजेक्ट को 30 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। इसे 'विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' नामक SPV के अंतर्गत क्रियान्वित किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट से AESL का ट्रांसमिशन नेटवर्क कितना बड़ा हो जाएगा?
इस परियोजना के बाद AESL का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क 29,531 सीकेएम और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 एमवीए हो जाएगी। कंपनी इस प्रोजेक्ट से 1,582 सीकेएम लाइनें और 10,500 एमवीए क्षमता जोड़ेगी।
विजाग में ग्रीन हाइड्रोजन और डेटा सेंटर के लिए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों ज़रूरी है?
विजाग में एआई डेटा सेंटर, सबसी कनेक्टिविटी और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के विस्तार के कारण बिजली की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, जो अनुमानतः 4,500 गीगावाट तक पहुँचने की उम्मीद है। इस माँग को पूरा करने के लिए उच्च क्षमता और विश्वसनीय ट्रांसमिशन नेटवर्क अनिवार्य है।
TBCB फ्रेमवर्क क्या है और इसके तहत प्रोजेक्ट कैसे मिला?
TBCB यानी टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली एक सरकारी ढाँचा है जिसमें सबसे कम टैरिफ पर बोली लगाने वाली कंपनी को प्रोजेक्ट आवंटित किया जाता है। AESL इस प्रक्रिया में सबसे प्रतिस्पर्धी बोलीदाता के रूप में उभरी और उसे यह परियोजना मिली।
राष्ट्र प्रेस
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