नजफगढ़ में एचआईएल की 5.11 एकड़ जमीन का ई-ऑक्शन: ₹829.69 करोड़ का रिजर्व प्राइस, 19 नवंबर तक बोली
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल लैंड मॉनेटाइजेशन कॉर्पोरेशन (NLMC) ने नई दिल्ली के नजफगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की 5.119 एकड़ (लगभग 20,722.93 वर्ग मीटर) फ्रीहोल्ड भूमि के मुद्रीकरण के लिए ई-टेंडर और ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा 9 अक्टूबर 2026 को की। यह भूमि रोहतक रोड, शिवाजी मार्ग पर स्थित एक प्रमुख औद्योगिक भूखंड है, जिसे पारदर्शी इलेक्ट्रॉनिक बोली प्रक्रिया के ज़रिए सीधे बेचने का प्रस्ताव है।
ई-ऑक्शन की मुख्य शर्तें
इस संपत्ति के लिए ₹829.69 करोड़ का रिजर्व प्राइस (न्यूनतम कीमत) निर्धारित किया गया है। बोली में प्रति एकड़ कम से कम ₹1 करोड़ की वृद्धि करनी होगी। प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक योग्य बोलीदाताओं को ₹16.60 करोड़ की अर्नेस्ट मनी डिपॉज़िट (EMD/बयाना राशि) जमा करनी अनिवार्य होगी।
यह बिक्री 'जैसा है, जहाँ है' और 'कोई सहारा नहीं/कोई शिकायत नहीं' के आधार पर की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रेस बयान में दर्शाया गया भूमि क्षेत्रफल अनंतिम एवं सांकेतिक है — सटीक माप सफल बोलीदाता के साथ संयुक्त सर्वेक्षण के बाद निर्धारित होगा।
महत्वपूर्ण तिथियाँ और प्रक्रिया
मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी — पहले ई-टेंडर और उसके बाद ई-ऑक्शन। रजिस्ट्रेशन, तकनीकी बोली (Technical Bid) जमा करने और EMD/बैंक गारंटी प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 19 नवंबर 2026, दोपहर 2 बजे निर्धारित है। तकनीकी बोलियाँ 20 नवंबर को शाम 4 बजे खोली जाएंगी और 23 नवंबर को एक मॉक ऑक्शन (अभ्यास नीलामी) आयोजित होगी।
ई-ऑक्शन की अंतिम तिथि तकनीकी बोली खुलने के पश्चात घोषित की जाएगी। पूरी बोली प्रक्रिया रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के तकनीकी सहयोग से ई-निविदा प्लेटफॉर्म पर संचालित हो रही है।
प्री-बिड मीटिंग और मार्गदर्शन
संभावित बोलीदाताओं की जिज्ञासाओं और प्रश्नों के समाधान के लिए 3 नवंबर 2026, शाम 4 बजे एक प्री-बिड मीटिंग आयोजित होगी। यह बैठक कमरा संख्या 309, ब्लॉक-14, पब्लिक एंटरप्राइज़ भवन, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में होगी। इसमें बोली प्रक्रिया की बारीकियाँ स्पष्ट की जाएंगी।
व्यापक संदर्भ: सरकार की लैंड मॉनेटाइजेशन रणनीति
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह पिछले दो महीनों में NLMC की ओर से सार्वजनिक रूप से घोषित तीसरा ई-ऑक्शन है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) की अप्रयुक्त भूमि एवं संपत्तियों के मुद्रीकरण को राजकोषीय राजस्व के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही है।
गौरतलब है कि डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइज़ेज़ (DPE) के अंतर्गत स्थापित NLMC की भूमिका केंद्रीय उपक्रमों की बंद या अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान कर उन्हें व्यावसायिक रूप से सक्रिय करना है। इच्छुक बोलीदाता आधिकारिक ई-ऑक्शन पोर्टल पर 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (RFP), योग्यता की शर्तें और अन्य विवरण प्राप्त कर सकते हैं।
आगे क्या
नजफगढ़ की इस संपत्ति पर सफल बोलीदाता को अंतिम ई-ऑक्शन तिथि (जो तकनीकी बोली खुलने के बाद घोषित होगी) पर प्रतिस्पर्धी बोली लगानी होगी। सरकार के लैंड मॉनेटाइजेशन कार्यक्रम की बढ़ती गति यह संकेत देती है कि आने वाले महीनों में और अधिक CPSE संपत्तियाँ इसी प्रक्रिया के तहत बाज़ार में आ सकती हैं।