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हैदराबाद में रियल एस्टेट रिकॉर्ड: रेडुर्ग में एक एकड़ जमीन ₹264 करोड़ में बिकी, पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त

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हैदराबाद में रियल एस्टेट रिकॉर्ड: रेडुर्ग में एक एकड़ जमीन ₹264 करोड़ में बिकी, पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त

सारांश

हैदराबाद के IT कॉरिडोर में रेडुर्ग की ज़मीन ने एक बार फिर इतिहास रचा। TGIIC की ई-नीलामी में ₹175 करोड़ की रिज़र्व प्राइस वाली ज़मीन ₹264 करोड़ प्रति एकड़ पर बिकी — मई के रिकॉर्ड से 11 फीसदी ज़्यादा। 5.25 एकड़ से ₹1,386 करोड़ की कमाई, और तेलंगाना के रियल एस्टेट बाज़ार में निवेशकों के बढ़ते भरोसे की साफ़ तस्वीर।

मुख्य बातें

TGIIC की ई-नीलामी में रेडुर्ग, हैदराबाद की सरकारी ज़मीन ₹264 करोड़ प्रति एकड़ पर बिकी — एक नया रिकॉर्ड।
कुल 5.25 एकड़ की नीलामी से ₹1,386 करोड़ की आय हुई।
रिज़र्व प्राइस ₹175 करोड़ प्रति एकड़ थी; अंतिम कीमत इससे 50.9 प्रतिशत अधिक रही।
मई में स्थापित ₹237 करोड़ प्रति एकड़ का पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त हुआ।
नीलामी MSTC ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर JLL की सलाहकारी में संपन्न हुई।

हैदराबाद के रियल एस्टेट बाज़ार ने 22 अगस्त 2026 को एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जब तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (TGIIC) द्वारा आयोजित ई-नीलामी में रेडुर्ग स्थित सरकारी ज़मीन का एक एकड़ हिस्सा ₹264 करोड़ की रिकॉर्ड कीमत पर बिका। इस नीलामी ने मई में स्थापित ₹237 करोड़ प्रति एकड़ के पिछले रिकॉर्ड को करीब 11.4 प्रतिशत के अंतर से पीछे छोड़ दिया।

नीलामी का विवरण और कुल आय

TGIIC ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के केंद्र में स्थित रेडुर्ग की 5.25 एकड़ बहु-उपयोगी (मल्टी-यूज़) ज़मीन की ई-नीलामी आयोजित की। इस नीलामी से कुल ₹1,386 करोड़ की आय हुई।

TGIIC के अनुसार, इस भूखंड की रिज़र्व प्राइस ₹175 करोड़ प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी, जबकि अंतिम बोली ₹264 करोड़ प्रति एकड़ पर बंद हुई — यानी आधार मूल्य से 50.9 प्रतिशत अधिक। यह नतीजा दर्शाता है कि प्रमुख डेवलपर्स के बीच इस कॉरिडोर को लेकर प्रतिस्पर्धा कितनी तीव्र हो चुकी है।

नीलामी प्रक्रिया और पारदर्शिता

यह नीलामी MSTC ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें JLL ने एक्सक्लूसिव ट्रांज़ैक्शन एडवाइज़र की भूमिका निभाई। अधिकारियों ने कहा कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई और देश के अग्रणी डेवलपर्स ने प्रतिस्पर्धी ढंग से इसमें भाग लिया।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

TGIIC के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर के. शशांका ने कहा, "प्लॉट P1 की नीलामी का सफल नतीजा तेलंगाना के भविष्य में डेवलपर्स के भरोसे और यकीन को दिखाता है। हम जो देख रहे हैं, वह सिर्फ अच्छी कीमत ही नहीं, बल्कि राज्य की विकास सोच पर पक्की मुहर भी है — एक ऐसी सोच जो पारदर्शिता, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए असली वैल्यू बनाने पर आधारित है।"

अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह परिणाम हैदराबाद को भारत के सबसे तेज़ी से उभरते रियल एस्टेट बाज़ारों में से एक के रूप में स्थापित करता है और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास के प्रति तेलंगाना की रणनीतिक दृष्टि की पुष्टि करता है।

रेडुर्ग में ज़मीन की कीमतों का उछाल

गौरतलब है कि TGIIC की पिछली नीलामी मई 2026 में हुई थी, जिसमें प्रति एकड़ ₹237 करोड़ की कीमत मिली थी। तीन महीने से भी कम समय में कीमतों में यह तेज़ उछाल यह संकेत देता है कि IT कॉरिडोर के प्रीमियम भूखंडों के लिए निवेशकों की माँग लगातार बढ़ रही है।

TGIIC के अनुसार, यह परिणाम संस्थागत रियल एस्टेट पूँजी के लिए तेलंगाना की स्थिति को एक तेज़ी से विकसित होते गंतव्य के रूप में और मज़बूत करता है। आगामी महीनों में इस कॉरिडोर में और भूखंडों की नीलामी की संभावना से बाज़ार में और हलचल देखने को मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब ₹264 करोड़ — यह महज़ एक संयोग नहीं, बल्कि हैदराबाद के IT कॉरिडोर में संस्थागत पूँजी के बढ़ते दबाव का संकेत है। सवाल यह है कि क्या यह माँग वास्तविक उपयोग-आधारित विकास से प्रेरित है, या सट्टा निवेश की भूमिका भी है — क्योंकि रिज़र्व प्राइस से 50.9% ऊपर की बोली असाधारण है। तेलंगाना सरकार के लिए यह राजस्व की दृष्टि से शुभ है, लेकिन ज़मीन की बढ़ती कीमतें मध्यम श्रेणी के वाणिज्यिक विकास को इस कॉरिडोर से बाहर धकेल सकती हैं — एक दीर्घकालिक जोखिम जिस पर अभी पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद में ₹264 करोड़ प्रति एकड़ की नीलामी कहाँ और किसने आयोजित की?
यह नीलामी तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (TGIIC) ने हैदराबाद के रेडुर्ग स्थित IT कॉरिडोर में 5.25 एकड़ बहु-उपयोगी ज़मीन के लिए MSTC ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर आयोजित की। JLL ने इसमें एक्सक्लूसिव ट्रांज़ैक्शन एडवाइज़र की भूमिका निभाई।
इस नीलामी से कुल कितनी आय हुई?
5.25 एकड़ की इस नीलामी से कुल ₹1,386 करोड़ की आय हुई। प्रति एकड़ अंतिम कीमत ₹264 करोड़ रही, जो ₹175 करोड़ की रिज़र्व प्राइस से 50.9 प्रतिशत अधिक है।
हैदराबाद में रियल एस्टेट का पिछला रिकॉर्ड क्या था?
TGIIC की मई 2026 में हुई पिछली नीलामी में रेडुर्ग में ही प्रति एकड़ ₹237 करोड़ की कीमत मिली थी, जो उस समय का रिकॉर्ड था। 22 अगस्त 2026 की नई नीलामी ने इसे ध्वस्त कर दिया।
रेडुर्ग की ज़मीन इतनी महँगी क्यों है?
रेडुर्ग हैदराबाद के IT कॉरिडोर के केंद्र में स्थित है, जो संस्थागत और वाणिज्यिक निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक है। TGIIC के अनुसार, इस क्षेत्र में बड़े डेवलपर्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाज़ार का सकारात्मक नज़रिया कीमतों को ऊँचा रख रहा है।
क्या हैदराबाद का रियल एस्टेट बाज़ार भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ रहा है?
TGIIC अधिकारियों के अनुसार, इस नीलामी के नतीजे हैदराबाद को भारत के सबसे तेज़ी से उभरते रियल एस्टेट बाज़ारों में से एक के रूप में स्थापित करते हैं। तीन महीनों में दो बार रिकॉर्ड टूटना इस दावे को बल देता है, हालाँकि स्वतंत्र बाज़ार विश्लेषण की पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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