हैदराबाद में रियल एस्टेट रिकॉर्ड: रेडुर्ग में एक एकड़ जमीन ₹264 करोड़ में बिकी, पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के रियल एस्टेट बाज़ार ने 22 अगस्त 2026 को एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जब तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (TGIIC) द्वारा आयोजित ई-नीलामी में रेडुर्ग स्थित सरकारी ज़मीन का एक एकड़ हिस्सा ₹264 करोड़ की रिकॉर्ड कीमत पर बिका। इस नीलामी ने मई में स्थापित ₹237 करोड़ प्रति एकड़ के पिछले रिकॉर्ड को करीब 11.4 प्रतिशत के अंतर से पीछे छोड़ दिया।
नीलामी का विवरण और कुल आय
TGIIC ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के केंद्र में स्थित रेडुर्ग की 5.25 एकड़ बहु-उपयोगी (मल्टी-यूज़) ज़मीन की ई-नीलामी आयोजित की। इस नीलामी से कुल ₹1,386 करोड़ की आय हुई।
TGIIC के अनुसार, इस भूखंड की रिज़र्व प्राइस ₹175 करोड़ प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी, जबकि अंतिम बोली ₹264 करोड़ प्रति एकड़ पर बंद हुई — यानी आधार मूल्य से 50.9 प्रतिशत अधिक। यह नतीजा दर्शाता है कि प्रमुख डेवलपर्स के बीच इस कॉरिडोर को लेकर प्रतिस्पर्धा कितनी तीव्र हो चुकी है।
नीलामी प्रक्रिया और पारदर्शिता
यह नीलामी MSTC ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें JLL ने एक्सक्लूसिव ट्रांज़ैक्शन एडवाइज़र की भूमिका निभाई। अधिकारियों ने कहा कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई और देश के अग्रणी डेवलपर्स ने प्रतिस्पर्धी ढंग से इसमें भाग लिया।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
TGIIC के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर के. शशांका ने कहा, "प्लॉट P1 की नीलामी का सफल नतीजा तेलंगाना के भविष्य में डेवलपर्स के भरोसे और यकीन को दिखाता है। हम जो देख रहे हैं, वह सिर्फ अच्छी कीमत ही नहीं, बल्कि राज्य की विकास सोच पर पक्की मुहर भी है — एक ऐसी सोच जो पारदर्शिता, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए असली वैल्यू बनाने पर आधारित है।"
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह परिणाम हैदराबाद को भारत के सबसे तेज़ी से उभरते रियल एस्टेट बाज़ारों में से एक के रूप में स्थापित करता है और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास के प्रति तेलंगाना की रणनीतिक दृष्टि की पुष्टि करता है।
रेडुर्ग में ज़मीन की कीमतों का उछाल
गौरतलब है कि TGIIC की पिछली नीलामी मई 2026 में हुई थी, जिसमें प्रति एकड़ ₹237 करोड़ की कीमत मिली थी। तीन महीने से भी कम समय में कीमतों में यह तेज़ उछाल यह संकेत देता है कि IT कॉरिडोर के प्रीमियम भूखंडों के लिए निवेशकों की माँग लगातार बढ़ रही है।
TGIIC के अनुसार, यह परिणाम संस्थागत रियल एस्टेट पूँजी के लिए तेलंगाना की स्थिति को एक तेज़ी से विकसित होते गंतव्य के रूप में और मज़बूत करता है। आगामी महीनों में इस कॉरिडोर में और भूखंडों की नीलामी की संभावना से बाज़ार में और हलचल देखने को मिल सकती है।