हाइड्रा की बड़ी कार्रवाई: हैदराबाद में ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन और मरिपल्ली तालाब अतिक्रमण से मुक्त
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) ने 24 जून 2025 को दो अलग-अलग कार्रवाइयों में रंगारेड्डी जिले के खानामेट गांव में ₹1,000 करोड़ मूल्य की 5 एकड़ सरकारी जमीन और मरिपल्ली गांव में मरिपल्ली तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। यह कार्रवाई आईटी कॉरिडोर के एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में हुई, जहाँ भूमि की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
खानामेट में सरकारी जमीन पर कार्रवाई
सेरिलिंगमपल्ली मंडल के खानामेट गांव में सर्वे नंबर 42 की 5 एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया था। यह जमीन मेटल चारमीनार से हाईटेक्स एग्जिबिशन सेंटर के रास्ते पर स्थित है — यानी हैदराबाद के सबसे व्यस्त आईटी कॉरिडोर के बीचोंबीच।
अतिक्रमणकारियों ने वहाँ दो अस्थायी शेड, एक कमरा और लोहे की चादरों से बाड़ बना ली थी। राजस्व विभाग की शिकायत पर हाइड्रा ने मौके पर पहुँचकर सभी अवैध निर्माण ध्वस्त किए और जमीन की घेराबंदी कर उस पर अपने बोर्ड लगाए, जिन पर इसे सरकारी संपत्ति घोषित किया गया है। सेरिलिंगमपल्ली के राजस्व अधिकारी कई वर्षों से इस जमीन पर सरकारी दावा बनाए हुए थे और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को वहाँ प्रवेश से रोक रहे थे।
मरिपल्ली तालाब की सुरक्षा
अब्दुल्लापुरमेट मंडल के मरिपल्ली गांव में मरिपल्ली तालाब पर एक व्यक्ति ने अपनी पट्टा जमीन पर आरएसी यूनिट स्थापित कर तालाब में मिट्टी डालकर उस पर कब्जे की कोशिश की थी। उसने फुल टैंक लेवल (एफटीएल) सीमा के भीतर मजदूरों के लिए शेड भी बना दिए थे और 5 एकड़ तालाब क्षेत्र को हड़पने का प्रयास किया था।
जनता की शिकायत पर हाइड्रा ने संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जाँच की, शेड हटाए और एफटीएल सीमाएँ सुनिश्चित करने के लिए फेंसिंग लगाई। एजेंसी ने कब्जाधारी को तालाब में डाली गई गाद हटाने का आदेश भी दिया। हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के रिकॉर्ड के अनुसार, मरिपल्ली तालाब का कुल क्षेत्रफल 31.05 एकड़ है।
हाइड्रा का व्यापक संरक्षण अभियान
गौरतलब है कि हाइड्रा ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि उसने दो वर्ष से भी कम समय में ₹1.10 लाख करोड़ से अधिक की सार्वजनिक संपत्ति को वापस हासिल किया और सुरक्षित किया है। एजेंसी का लक्ष्य अगले वर्ष तक ₹2 लाख करोड़ की संपत्ति के संरक्षण का है।
एजेंसी ने झीलों, नालों, पार्कों, सरकारी जमीनों और ब्लू-ग्रीन संसाधनों की पुनर्प्राप्ति की है। यह ऐसे समय में आया है जब हैदराबाद के तेज़ शहरीकरण के चलते जल निकायों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
आगे क्या होगा
हाइड्रा ने स्पष्ट किया है कि मरिपल्ली तालाब क्षेत्र में खेती के अवसर देकर स्थानीय समुदाय को जोड़ा जाएगा, जिससे जल निकाय की सुरक्षा के साथ-साथ आजीविका भी सुनिश्चित हो सके। खानामेट की सरकारी जमीन पर हाइड्रा के बोर्ड लगाए जा चुके हैं और आगे किसी भी अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। एजेंसी का यह अभियान हैदराबाद की सार्वजनिक संपत्तियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है।