10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हाइड्रा की बड़ी कार्रवाई: हैदराबाद में ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन और मरिपल्ली तालाब अतिक्रमण से मुक्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हाइड्रा की बड़ी कार्रवाई: हैदराबाद में ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन और मरिपल्ली तालाब अतिक्रमण से मुक्त

सारांश

हाइड्रा ने एक ही दिन में दो बड़े मोर्चों पर कार्रवाई की — हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन और मरिपल्ली तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। दो साल से कम में ₹1.10 लाख करोड़ की संपत्ति बचाने वाली एजेंसी का अगला लक्ष्य ₹2 लाख करोड़ है।

मुख्य बातें

हाइड्रा ने 24 जून 2025 को रंगारेड्डी जिले में दो अलग-अलग कार्रवाइयाँ कीं।
खानामेट गांव में सर्वे नंबर 42 की 5 एकड़ जमीन — जिसकी कीमत लगभग ₹1,000 करोड़ आंकी गई — को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।
मरिपल्ली तालाब ( 31.05 एकड़ ) पर मिट्टी डालकर और शेड बनाकर 5 एकड़ हड़पने की कोशिश की जा रही थी, जिसे हाइड्रा ने रोका।
कब्जाधारी को तालाब में डाली गई गाद हटाने का आदेश दिया गया; एफटीएल सीमाओं पर फेंसिंग लगाई गई।
हाइड्रा ने दो वर्ष से कम में ₹1.10 लाख करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित की; अगला लक्ष्य ₹2 लाख करोड़ ।

हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) ने 24 जून 2025 को दो अलग-अलग कार्रवाइयों में रंगारेड्डी जिले के खानामेट गांव में ₹1,000 करोड़ मूल्य की 5 एकड़ सरकारी जमीन और मरिपल्ली गांव में मरिपल्ली तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। यह कार्रवाई आईटी कॉरिडोर के एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में हुई, जहाँ भूमि की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

खानामेट में सरकारी जमीन पर कार्रवाई

सेरिलिंगमपल्ली मंडल के खानामेट गांव में सर्वे नंबर 42 की 5 एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया था। यह जमीन मेटल चारमीनार से हाईटेक्स एग्जिबिशन सेंटर के रास्ते पर स्थित है — यानी हैदराबाद के सबसे व्यस्त आईटी कॉरिडोर के बीचोंबीच।

अतिक्रमणकारियों ने वहाँ दो अस्थायी शेड, एक कमरा और लोहे की चादरों से बाड़ बना ली थी। राजस्व विभाग की शिकायत पर हाइड्रा ने मौके पर पहुँचकर सभी अवैध निर्माण ध्वस्त किए और जमीन की घेराबंदी कर उस पर अपने बोर्ड लगाए, जिन पर इसे सरकारी संपत्ति घोषित किया गया है। सेरिलिंगमपल्ली के राजस्व अधिकारी कई वर्षों से इस जमीन पर सरकारी दावा बनाए हुए थे और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को वहाँ प्रवेश से रोक रहे थे।

मरिपल्ली तालाब की सुरक्षा

अब्दुल्लापुरमेट मंडल के मरिपल्ली गांव में मरिपल्ली तालाब पर एक व्यक्ति ने अपनी पट्टा जमीन पर आरएसी यूनिट स्थापित कर तालाब में मिट्टी डालकर उस पर कब्जे की कोशिश की थी। उसने फुल टैंक लेवल (एफटीएल) सीमा के भीतर मजदूरों के लिए शेड भी बना दिए थे और 5 एकड़ तालाब क्षेत्र को हड़पने का प्रयास किया था।

जनता की शिकायत पर हाइड्रा ने संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जाँच की, शेड हटाए और एफटीएल सीमाएँ सुनिश्चित करने के लिए फेंसिंग लगाई। एजेंसी ने कब्जाधारी को तालाब में डाली गई गाद हटाने का आदेश भी दिया। हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के रिकॉर्ड के अनुसार, मरिपल्ली तालाब का कुल क्षेत्रफल 31.05 एकड़ है।

हाइड्रा का व्यापक संरक्षण अभियान

गौरतलब है कि हाइड्रा ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि उसने दो वर्ष से भी कम समय में ₹1.10 लाख करोड़ से अधिक की सार्वजनिक संपत्ति को वापस हासिल किया और सुरक्षित किया है। एजेंसी का लक्ष्य अगले वर्ष तक ₹2 लाख करोड़ की संपत्ति के संरक्षण का है।

एजेंसी ने झीलों, नालों, पार्कों, सरकारी जमीनों और ब्लू-ग्रीन संसाधनों की पुनर्प्राप्ति की है। यह ऐसे समय में आया है जब हैदराबाद के तेज़ शहरीकरण के चलते जल निकायों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

आगे क्या होगा

हाइड्रा ने स्पष्ट किया है कि मरिपल्ली तालाब क्षेत्र में खेती के अवसर देकर स्थानीय समुदाय को जोड़ा जाएगा, जिससे जल निकाय की सुरक्षा के साथ-साथ आजीविका भी सुनिश्चित हो सके। खानामेट की सरकारी जमीन पर हाइड्रा के बोर्ड लगाए जा चुके हैं और आगे किसी भी अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। एजेंसी का यह अभियान हैदराबाद की सार्वजनिक संपत्तियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक हाइड्रा की हर कार्रवाई प्रतिक्रियात्मक रहेगी — निवारक नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाइड्रा ने हैदराबाद में कहाँ और क्या कार्रवाई की?
हाइड्रा ने 24 जून 2025 को रंगारेड्डी जिले के खानामेट गांव में ₹1,000 करोड़ मूल्य की 5 एकड़ सरकारी जमीन और मरिपल्ली गांव में मरिपल्ली तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। दोनों स्थानों पर अस्थायी शेड, कमरे और फेंसिंग हटाई गई।
खानामेट की सरकारी जमीन इतनी कीमती क्यों है?
यह जमीन हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में मेटल चारमीनार से हाईटेक्स एग्जिबिशन सेंटर के रास्ते पर स्थित है, जो शहर का सबसे व्यावसायिक रूप से सक्रिय क्षेत्र है। इसीलिए सर्वे नंबर 42 की 5 एकड़ जमीन की कीमत लगभग ₹1,000 करोड़ आंकी गई है।
मरिपल्ली तालाब पर किस तरह का अतिक्रमण हुआ था?
एक व्यक्ति ने अपनी पट्टा जमीन पर आरएसी यूनिट लगाकर तालाब में मिट्टी डाली और एफटीएल सीमा के भीतर मजदूरों के लिए शेड बनाए। उसने 5 एकड़ तालाब क्षेत्र हड़पने की कोशिश की थी। हाइड्रा ने उसे तालाब से गाद हटाने का आदेश दिया है।
हाइड्रा ने अब तक कितनी संपत्ति सुरक्षित की है?
हाइड्रा के अनुसार, उसने दो वर्ष से भी कम समय में ₹1.10 लाख करोड़ से अधिक की सार्वजनिक संपत्ति वापस हासिल की और सुरक्षित की है। एजेंसी का अगला लक्ष्य अगले वर्ष तक ₹2 लाख करोड़ की संपत्ति संरक्षण का है।
हाइड्रा मरिपल्ली तालाब की आगे कैसे सुरक्षा करेगी?
हाइड्रा ने एफटीएल सीमाओं पर फेंसिंग लगाई है और स्थानीय समुदाय को खेती के अवसर देने की पहल की है। एचएमडीए के रिकॉर्ड के अनुसार, मरिपल्ली तालाब का कुल क्षेत्रफल 31.05 एकड़ है, जिसे जल निकाय के रूप में संरक्षित रखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले