21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हैदराबाद भूमि घोटाला: YSRCP के पूर्व विधायक बोला ब्रह्मा नायडू कांचीपुरम से गिरफ्तार, ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हैदराबाद भूमि घोटाला: YSRCP के पूर्व विधायक बोला ब्रह्मा नायडू कांचीपुरम से गिरफ्तार, ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप

सारांश

YSRCP पूर्व विधायक बोला ब्रह्मा नायडू को तमिलनाडु के कांचीपुरम से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने सहयोगियों के साथ मिलकर हैदराबाद के गांडीपेट में ₹1,000 करोड़ की सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया और इस साजिश में ₹12 करोड़ का वित्तीय लेन-देन हुआ।

मुख्य बातें

YSRCP के पूर्व विधायक बोला ब्रह्मा नायडू को 5 जून 2026 को कांचीपुरम, तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि हैदराबाद के गांडीपेट में ₹1,000 करोड़ मूल्य की 10 एकड़ सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेजों से अवैध कब्जा किया गया।
कथित साजिश में ₹12 करोड़ का वित्तीय लेन-देन — निम्मल परिवार, राधाकृष्ण और अन्य के बीच ₹4-4 करोड़ बाँटे गए।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद गिरफ्तारी हुई।
मामला 23 मई को गांडीपेट तहसीलदार एन.
श्रीनिवास रेड्डी की शिकायत से शुरू हुआ था।

साइबराबाद पुलिस ने 5 जून 2026 को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पूर्व विधायक बोला ब्रह्मा नायडू को तमिलनाडु के कांचीपुरम से गिरफ्तार किया। उन पर हैदराबाद के गांडीपेट क्षेत्र में करीब ₹1,000 करोड़ मूल्य की सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की साजिश रचने का आरोप है। तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद यह गिरफ्तारी संभव हुई।

मामले की पृष्ठभूमि

इस प्रकरण की शुरुआत 23 मई को हुई, जब गांडीपेट के तहसीलदार एन. श्रीनिवास रेड्डी ने नरसिंगी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांडीपेट सर्वे नंबर-18 में स्थित 10 एकड़ सरकारी भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध कब्जा किया गया। इसके बाद नरसिंगी पुलिस और साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने संयुक्त जांच शुरू की।

मुख्य आरोपी और साजिश का खुलासा

जांच में सामने आया कि बोला ब्रह्मा नायडू, बोला रमेश, राधाकृष्ण और निम्मल परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर सरकारी जमीन हड़पने की कथित साजिश रची। इसके लिए फर्जी सरकारी आदेश, नकली राजस्व रिकॉर्ड और जाली दस्तावेज तैयार किए गए। पुलिस अब तक निम्मल परिवार के सदस्यों, राधाकृष्ण और उनके ड्राइवर प्रभीन कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।

वित्तीय लेन-देन का जाल

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित साजिश में करीब ₹12 करोड़ का वित्तीय लेन-देन हुआ। बताया जा रहा है कि ₹4 करोड़ निम्मल परिवार को, ₹4 करोड़ राधाकृष्ण को और शेष ₹4 करोड़ अन्य संबंधित व्यक्तियों को दिए गए। आरोप है कि इन राशियों का उपयोग फर्जी दस्तावेजों और नकली सरकारी अनुमतियों के माध्यम से भूमि पर अवैध अधिकार स्थापित करने के लिए किया गया।

न्यायालय का रुख और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता और उपलब्ध प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देखते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय ने ब्रह्मा नायडू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद साइबराबाद पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उन्हें कांचीपुरम, तमिलनाडु से दबोचा। फिलहाल वे पुलिस हिरासत में हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।

आगे की जांच

पुलिस अब मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, फर्जी दस्तावेजों की तैयारी, सरकारी अधिकारियों के नाम और हस्ताक्षरों के कथित दुरुपयोग तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। यह मामला तेलंगाना में भूमि अतिक्रमण के उन बड़े मामलों में शुमार हो गया है जिनमें राजनीतिक हस्तियों के नाम सामने आए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फर्जी राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी तंत्र की मिलीभगत का आरोप बार-बार सामने आता है। ₹1,000 करोड़ की जमीन पर कथित कब्जे के लिए महज ₹12 करोड़ के लेन-देन का अनुपात बताता है कि इस तरह के घोटालों में 'निवेश पर रिटर्न' कितना असंगत होता है। असली सवाल यह है कि फर्जी सरकारी आदेश और नकली राजस्व रिकॉर्ड बिना किसी आंतरिक जाँच के कैसे तैयार हुए — और क्या जवाबदेही केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित रहेगी या प्रशासनिक तंत्र की भूमिका की भी पड़ताल होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोला ब्रह्मा नायडू को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
बोला ब्रह्मा नायडू को हैदराबाद के गांडीपेट क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ मूल्य की 10 एकड़ सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की साजिश के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इसके लिए फर्जी सरकारी आदेश और नकली राजस्व रिकॉर्ड तैयार किए गए।
यह गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई?
साइबराबाद पुलिस ने 5 जून 2026 को तमिलनाडु के कांचीपुरम से बोला ब्रह्मा नायडू को गिरफ्तार किया। तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद संयुक्त अभियान चलाकर यह गिरफ्तारी की गई।
इस जमीन घोटाले में और कौन-कौन आरोपी हैं?
जांच के अनुसार बोला ब्रह्मा नायडू के अलावा बोला रमेश, राधाकृष्ण, उनके ड्राइवर प्रभीन कुमार और निम्मल परिवार के कुछ सदस्य मुख्य आरोपी हैं। पुलिस इनमें से कई को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
इस मामले में कितने पैसों का लेन-देन हुआ?
जांच एजेंसियों के अनुसार कथित साजिश में करीब ₹12 करोड़ का वित्तीय लेन-देन हुआ — ₹4 करोड़ निम्मल परिवार को, ₹4 करोड़ राधाकृष्ण को और ₹4 करोड़ अन्य संबंधित व्यक्तियों को दिए गए।
यह मामला सबसे पहले कब और कैसे सामने आया?
यह मामला 23 मई को तब सामने आया जब गांडीपेट के तहसीलदार एन. श्रीनिवास रेड्डी ने नरसिंगी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद नरसिंगी पुलिस और साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने संयुक्त जांच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले