तेलंगाना: ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति मामले में निलंबित DSP भीम रेड्डी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा गिरफ्तार निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकिरेड्डी भीम रेड्डी को हैदराबाद की विशेष एसीबी अदालत ने 7 जुलाई 2026 को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसीबी के अनुसार, भीम रेड्डी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक, कथित तौर पर ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित की। इसे तेलंगाना के किसी पुलिस अधिकारी से जुड़े सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है।
गिरफ्तारी और न्यायिक कार्यवाही
एसीबी ने भीम रेड्डी को सोमवार शाम करीब 7:40 बजे हैदराबाद के इब्राहिमबाग स्थित वेसेला मीडोज आवास से गिरफ्तार किया। मंगलवार को उन्हें विशेष एसीबी अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायिक हिरासत का आदेश मिलने के बाद उन्हें चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया। भीम रेड्डी पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस) विभाग में तैनात थे।
छापेमारी में मिली संपत्तियाँ
इस मामले में 2 जुलाई को तेलंगाना और कर्नाटक में भीम रेड्डी, उनके रिश्तेदारों, मित्रों, कथित बेनामी सहयोगियों और अन्य करीबियों से जुड़े 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जाँच में हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में कई आलीशान संपत्तियाँ सामने आईं।
बरामद संपत्तियों में वेसेला मीडोज स्थित एक विला, टेलीकॉम नगर में जी+2+पेंटहाउस वाला मकान, कई फ्लैट, मणिकोंडा में व्यावसायिक परिसर में हिस्सेदारी, व्यावसायिक स्थल, खुले प्लॉट तथा तेलंगाना व कर्नाटक में कृषि भूमि शामिल है। इसके अलावा, बेंगलुरु के देवनहल्ली में एक एकड़ भूमि, विकाराबाद और संगारेड्डी में कृषि भूमि तथा विभिन्न स्थानों पर निवेश भी जाँच एजेंसी के सामने आए।
नकदी, सोना और बैंक खाते
एसीबी ने तलाशी के दौरान आरोपी अधिकारी के घर से करीब ₹3.60 लाख नकद बरामद किए, जबकि एक कथित बेनामी मकान से ₹40 लाख नकद मिले। इसके अलावा लगभग 2 किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 20 किलोग्राम चाँदी के सामान और विभिन्न बैंक खातों में लगभग ₹19.91 लाख की राशि का भी पता चला। सभी बरामद संपत्तियों का अनुमानित कुल मूल्य ₹300 करोड़ आँका गया है।
हस्तलिखित डायरी बनी जाँच की धुरी
जाँच के दौरान एसीबी को भीम रेड्डी की एक हस्तलिखित निजी डायरी मिली, जिसने जाँच को नई दिशा दी। बताया गया है कि यह डायरी मई में चारधाम यात्रा पर पत्नी के साथ रवाना होने से पहले लिखी गई थी, जिसमें उनकी संपत्तियों, निवेश, देनदारियों और कथित बेनामी लोगों के नाम दर्ज थे। जाँच एजेंसी के अनुसार, चारधाम यात्रा पर जाने से पहले आरोपी अधिकारी ने इस डायरी की स्कैन कॉपी व्हाट्सएप के ज़रिए अपने दोनों बेटों को भी भेजी थी।
आगे की जाँच
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं। 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के दौरान एसीबी आरोपी के बेनामी नेटवर्क और संपत्ति अर्जन के स्रोतों की विस्तृत जाँच करेगी। मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव बताई जा रही हैं।