7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना: ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति मामले में निलंबित DSP भीम रेड्डी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना: ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति मामले में निलंबित DSP भीम रेड्डी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

सारांश

तेलंगाना पुलिस के इतिहास में सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक — निलंबित DSP भीम रेड्डी पर ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप। 16 ठिकानों पर छापा, हस्तलिखित डायरी से जाँच को नई धार, और अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत।

मुख्य बातें

निलंबित डीएसपी संकिरेड्डी भीम रेड्डी को 7 जुलाई 2026 को विशेष एसीबी अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उन पर कथित तौर पर ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।
2 जुलाई को तेलंगाना और कर्नाटक में 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
छापों में ₹43.60 लाख नकद, 2 किग्रा सोने के आभूषण, 20 किग्रा चाँदी और बैंक खातों में ₹19.91 लाख बरामद।
एक हस्तलिखित डायरी मिली, जिसमें संपत्तियों, निवेश और कथित बेनामी लोगों के नाम दर्ज थे।
आरोपी को चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेजा गया; मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव।

तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा गिरफ्तार निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकिरेड्डी भीम रेड्डी को हैदराबाद की विशेष एसीबी अदालत ने 7 जुलाई 2026 को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसीबी के अनुसार, भीम रेड्डी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक, कथित तौर पर ₹300 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित की। इसे तेलंगाना के किसी पुलिस अधिकारी से जुड़े सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है।

गिरफ्तारी और न्यायिक कार्यवाही

एसीबी ने भीम रेड्डी को सोमवार शाम करीब 7:40 बजे हैदराबाद के इब्राहिमबाग स्थित वेसेला मीडोज आवास से गिरफ्तार किया। मंगलवार को उन्हें विशेष एसीबी अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायिक हिरासत का आदेश मिलने के बाद उन्हें चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया। भीम रेड्डी पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस) विभाग में तैनात थे।

छापेमारी में मिली संपत्तियाँ

इस मामले में 2 जुलाई को तेलंगाना और कर्नाटक में भीम रेड्डी, उनके रिश्तेदारों, मित्रों, कथित बेनामी सहयोगियों और अन्य करीबियों से जुड़े 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जाँच में हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में कई आलीशान संपत्तियाँ सामने आईं।

बरामद संपत्तियों में वेसेला मीडोज स्थित एक विला, टेलीकॉम नगर में जी+2+पेंटहाउस वाला मकान, कई फ्लैट, मणिकोंडा में व्यावसायिक परिसर में हिस्सेदारी, व्यावसायिक स्थल, खुले प्लॉट तथा तेलंगाना व कर्नाटक में कृषि भूमि शामिल है। इसके अलावा, बेंगलुरु के देवनहल्ली में एक एकड़ भूमि, विकाराबाद और संगारेड्डी में कृषि भूमि तथा विभिन्न स्थानों पर निवेश भी जाँच एजेंसी के सामने आए।

नकदी, सोना और बैंक खाते

एसीबी ने तलाशी के दौरान आरोपी अधिकारी के घर से करीब ₹3.60 लाख नकद बरामद किए, जबकि एक कथित बेनामी मकान से ₹40 लाख नकद मिले। इसके अलावा लगभग 2 किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 20 किलोग्राम चाँदी के सामान और विभिन्न बैंक खातों में लगभग ₹19.91 लाख की राशि का भी पता चला। सभी बरामद संपत्तियों का अनुमानित कुल मूल्य ₹300 करोड़ आँका गया है।

हस्तलिखित डायरी बनी जाँच की धुरी

जाँच के दौरान एसीबी को भीम रेड्डी की एक हस्तलिखित निजी डायरी मिली, जिसने जाँच को नई दिशा दी। बताया गया है कि यह डायरी मई में चारधाम यात्रा पर पत्नी के साथ रवाना होने से पहले लिखी गई थी, जिसमें उनकी संपत्तियों, निवेश, देनदारियों और कथित बेनामी लोगों के नाम दर्ज थे। जाँच एजेंसी के अनुसार, चारधाम यात्रा पर जाने से पहले आरोपी अधिकारी ने इस डायरी की स्कैन कॉपी व्हाट्सएप के ज़रिए अपने दोनों बेटों को भी भेजी थी।

आगे की जाँच

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं। 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के दौरान एसीबी आरोपी के बेनामी नेटवर्क और संपत्ति अर्जन के स्रोतों की विस्तृत जाँच करेगी। मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव बताई जा रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निलंबित DSP संकिरेड्डी भीम रेड्डी पर क्या आरोप है?
एसीबी के अनुसार, भीम रेड्डी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक, कथित तौर पर ₹300 करोड़ की संपत्ति भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों से अर्जित की। यह तेलंगाना के किसी पुलिस अधिकारी से जुड़े सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है।
एसीबी की छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
2 जुलाई को 16 ठिकानों पर की गई छापेमारी में ₹43.60 लाख नकद, लगभग 2 किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 20 किलोग्राम चाँदी के सामान और बैंक खातों में ₹19.91 लाख मिले। इसके अलावा हैदराबाद, तेलंगाना और कर्नाटक में कई आलीशान संपत्तियाँ, विला, फ्लैट, व्यावसायिक परिसर और कृषि भूमि भी जाँच एजेंसी के सामने आई।
हस्तलिखित डायरी का इस मामले में क्या महत्व है?
जाँच के दौरान मिली हस्तलिखित डायरी में भीम रेड्डी की संपत्तियों, निवेश, देनदारियों और कथित बेनामी लोगों के नाम दर्ज थे, जिससे जाँच को नई दिशा मिली। आरोपी ने चारधाम यात्रा पर जाने से पहले मई में इस डायरी की स्कैन कॉपी व्हाट्सएप के ज़रिए अपने दोनों बेटों को भी भेजी थी।
भीम रेड्डी को कितने दिन की हिरासत में भेजा गया और कहाँ?
विशेष एसीबी अदालत ने 7 जुलाई 2026 को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। इसके बाद भीम रेड्डी को हैदराबाद की चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
भीम रेड्डी किस विभाग में तैनात थे और उन्हें निलंबित क्यों किया गया?
भीम रेड्डी पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस) विभाग में डीएसपी के पद पर तैनात थे। आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में जाँच शुरू होने के संदर्भ में उन्हें निलंबित किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले