24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आंध्र प्रदेश की कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है? : चंद्रबाबू नायडू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आंध्र प्रदेश की कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है? : चंद्रबाबू नायडू

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कानून व्यवस्था की महत्वपूर्णता पर जोर दिया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में कहा कि शांति और विकास के लिए कानून व्यवस्था की मजबूती आवश्यक है। जानें उनके विचार और भविष्य की योजनाएं।

मुख्य बातें

कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
बिना तकनीक के झूठा प्रचार शांति को भंग कर सकता है।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निवेश और विकास के लिए शांति आवश्यक है।
राजनीतिक प्रदर्शन के नाम पर गैरकानूनी गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जाएगी।

अमरावती, 13 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नायडू ने कहा कि कानून व्यवस्था व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने गुटबाजी, नक्सलवाद और उपद्रव के खिलाफ अपने कड़े कदमों का उल्लेख किया और यहां तक कि अपनी पार्टी के नेताओं को भी आवश्यकता पड़ने पर गिरफ्तार करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कड़े फैसलों ने रायलसीमा और तेलंगाना में शांति स्थापित की है, जिससे हैदराबाद में निवेश संभव हो सका और ब्रांड हैदराबाद का निर्माण हुआ।

नायडू ने विवेका और सिंगय्या हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना आवश्यक है, क्योंकि ये आपराधिक राजनीति के उदाहरण हैं।

उन्होंने तकनीक आधारित जांच पर जोर दिया और बताया कि कैसे सीसीटीवी साक्ष्य संवेदनशील मामलों में सच्चाई का खुलासा करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक की अनुपस्थिति में झूठा प्रचार शांति को भंग कर सकता है। मुख्यमंत्री ने पुलिस से जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने, लेकिन अपराधियों के प्रति सख्त रहने और गलत सूचना, साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।

उन्होंने प्रतिक्रिया और परिणाम मॉडल पर जोर दिया, जिससे घटनाओं पर तत्परता से प्रतिक्रिया दी जा सके, मौके पर पहुंचकर सबूत एकत्र किए जा सकें, और गलत सूचना का सामना किया जा सके। अधिकारियों को विरोध प्रदर्शन के नाम पर साजिशों को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा, "विपक्ष अपने कार्यक्रम आयोजित कर सकता है, लेकिन गैरकानूनी गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जाएगी।"

मुख्यमंत्री ने 2029 में एनडीए की सत्ता में वापसी और 2047 तक भारत के विश्व में नंबर एक बनने का विश्वास व्यक्त किया और कहा कि कानून व्यवस्था विकास की रीढ़ है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बेहतर प्रदर्शन करने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे निश्चित रूप से प्रदेश की सुरक्षा और शांति की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रबाबू नायडू ने कानून व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्या नायडू ने पुलिस अधिकारियों को कोई दिशा-निर्देश दिए?
जी हां, उन्होंने पुलिस से जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने और अपराधियों के प्रति सख्त रहने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले