नालको का ₹30,000 करोड़ का अनुगुल स्मेल्टर विस्तार, क्षमता 1.0 एमटीपीए तक दोगुनी होगी
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) ओडिशा के अनुगुल में अपनी ब्राउनफील्ड स्मेल्टर विस्तार परियोजना को तेज़ गति से आगे बढ़ा रही है। ₹30,000 करोड़ के अनुमोदित निवेश के साथ इस परियोजना का लक्ष्य स्मेल्टिंग क्षमता को मौजूदा 0.46 एमटीपीए से बढ़ाकर 1.0 एमटीपीए तक पहुँचाना है — यानी लगभग दोगुनी। खान मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आने वाली इस नवरत्न सीपीएसई ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियाँ और रणनीतिक साझेदारियाँ सुनिश्चित कर ली हैं।
भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास प्रक्रिया
परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने के उद्देश्य से हाल ही में पुनर्वास और परिधीय विकास सलाहकार समिति (आरपीडीएसी) की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भूमि अधिग्रहण, मुआवज़े और पुनर्वास से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटान पर विशेष ज़ोर दिया गया। परियोजना के तय समय पर पूरा होने के लिए भूमि संबंधी मुद्दों का समाधान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम से तकनीकी साझेदारी
नालको ने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत अनुगुल स्मेल्टर के लिए ईजीए की विशेष स्मेल्टिंग तकनीक का लाइसेंस लिया जाएगा। यह तकनीक विश्व स्तर पर प्रमाणित और ऊर्जा की दृष्टि से अत्यधिक कुशल बताई गई है। इस साझेदारी से उत्पादन प्रक्रिया में वैश्विक मानकों को अपनाया जा सकेगा।
बिजली आपूर्ति के लिए एनएलसी इंडिया से संयुक्त उद्यम
विस्तारित स्मेल्टर के लिए अतिरिक्त 1,100 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। इसके लिए नालको ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ 50:50 के अनुपात में एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने का निर्णय लिया है, जो 4×270 मेगावाट यानी कुल 1,080 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत नालको इस परियोजना में 200 से 250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को भी शामिल करने की योजना बना रही है।
2030-31 तक परिचालन और ग्रीनफील्ड विस्तार की योजना
अनुगुल की इस 0.5 एमटीपीए क्षमता वाली स्मेल्टर विस्तार परियोजना को 2030-31 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना ओडिशा सरकार और खान मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि नालको दमनजोदी में 5वीं स्ट्रीम एल्यूमिना रिफाइनरी परियोजना भी चला रही है, जिसके चालू होने के बाद अतिरिक्त एल्यूमिना शुरुआत में निर्यात बाज़ारों में भेजा जाएगा। दीर्घकालिक रणनीति के तहत नालको देश में 0.5 एमटीपीए क्षमता वाले एक नए ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम स्मेल्टर की स्थापना पर भी विचार कर रही है, जो घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगा। यह पहल भारत सरकार के घरेलू एल्युमिनियम उत्पादन और देश में ही मूल्यवर्धन बढ़ाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।