4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नालको का ₹30,000 करोड़ का अनुगुल स्मेल्टर विस्तार, क्षमता 1.0 एमटीपीए तक दोगुनी होगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नालको का ₹30,000 करोड़ का अनुगुल स्मेल्टर विस्तार, क्षमता 1.0 एमटीपीए तक दोगुनी होगी

सारांश

नालको का ₹30,000 करोड़ का अनुगुल दांव भारत की एल्युमिनियम महत्वाकांक्षा का प्रतीक है — ईजीए की विश्वस्तरीय तकनीक, एनएलसी इंडिया के साथ 1,080 मेगावाट का बिजली उद्यम और 2030-31 की डेडलाइन के साथ यह परियोजना देश में धातु उत्पादन को नई ऊँचाई देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

नालको ओडिशा के अनुगुल में ₹30,000 करोड़ के निवेश से ब्राउनफील्ड स्मेल्टर विस्तार परियोजना पर काम कर रही है।
स्मेल्टिंग क्षमता 0.46 एमटीपीए से बढ़कर 1.0 एमटीपीए हो जाएगी — लगभग दोगुनी।
एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) से विशेष स्मेल्टिंग तकनीक के लाइसेंस के लिए समझौता किया गया।
एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ 50:50 संयुक्त उद्यम में 1,080 मेगावाट कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट बनेगा; साथ में 200-250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की भी योजना।
परियोजना को 2030-31 तक चालू करने का लक्ष्य; आरपीडीएसी की बैठक में भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने पर सहमति।
नालको देश में 0.5 एमटीपीए क्षमता के एक नए ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम स्मेल्टर की स्थापना पर भी विचार कर रही है।

नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) ओडिशा के अनुगुल में अपनी ब्राउनफील्ड स्मेल्टर विस्तार परियोजना को तेज़ गति से आगे बढ़ा रही है। ₹30,000 करोड़ के अनुमोदित निवेश के साथ इस परियोजना का लक्ष्य स्मेल्टिंग क्षमता को मौजूदा 0.46 एमटीपीए से बढ़ाकर 1.0 एमटीपीए तक पहुँचाना है — यानी लगभग दोगुनी। खान मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आने वाली इस नवरत्न सीपीएसई ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियाँ और रणनीतिक साझेदारियाँ सुनिश्चित कर ली हैं।

भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास प्रक्रिया

परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने के उद्देश्य से हाल ही में पुनर्वास और परिधीय विकास सलाहकार समिति (आरपीडीएसी) की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भूमि अधिग्रहण, मुआवज़े और पुनर्वास से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटान पर विशेष ज़ोर दिया गया। परियोजना के तय समय पर पूरा होने के लिए भूमि संबंधी मुद्दों का समाधान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम से तकनीकी साझेदारी

नालको ने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत अनुगुल स्मेल्टर के लिए ईजीए की विशेष स्मेल्टिंग तकनीक का लाइसेंस लिया जाएगा। यह तकनीक विश्व स्तर पर प्रमाणित और ऊर्जा की दृष्टि से अत्यधिक कुशल बताई गई है। इस साझेदारी से उत्पादन प्रक्रिया में वैश्विक मानकों को अपनाया जा सकेगा।

बिजली आपूर्ति के लिए एनएलसी इंडिया से संयुक्त उद्यम

विस्तारित स्मेल्टर के लिए अतिरिक्त 1,100 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। इसके लिए नालको ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ 50:50 के अनुपात में एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने का निर्णय लिया है, जो 4×270 मेगावाट यानी कुल 1,080 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत नालको इस परियोजना में 200 से 250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को भी शामिल करने की योजना बना रही है।

2030-31 तक परिचालन और ग्रीनफील्ड विस्तार की योजना

अनुगुल की इस 0.5 एमटीपीए क्षमता वाली स्मेल्टर विस्तार परियोजना को 2030-31 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना ओडिशा सरकार और खान मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि नालको दमनजोदी में 5वीं स्ट्रीम एल्यूमिना रिफाइनरी परियोजना भी चला रही है, जिसके चालू होने के बाद अतिरिक्त एल्यूमिना शुरुआत में निर्यात बाज़ारों में भेजा जाएगा। दीर्घकालिक रणनीति के तहत नालको देश में 0.5 एमटीपीए क्षमता वाले एक नए ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम स्मेल्टर की स्थापना पर भी विचार कर रही है, जो घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगा। यह पहल भारत सरकार के घरेलू एल्युमिनियम उत्पादन और देश में ही मूल्यवर्धन बढ़ाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का दांव महत्वाकांक्षी तो है, लेकिन असली परीक्षा भूमि अधिग्रहण और बिजली आपूर्ति जैसी व्यावहारिक चुनौतियों में होगी — जो भारत में बड़े औद्योगिक प्रकल्पों को बार-बार पटरी से उतारती रही हैं। ईजीए तकनीक का लाइसेंस और एनएलसी इंडिया के साथ बिजली उद्यम सोच में परिपक्वता दर्शाते हैं, लेकिन 1,080 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट कार्बन-तीव्रता के सवाल उठाता है जब देश हरित एल्युमिनियम की ओर बढ़ रहा है। 200-250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का जोड़ दिशा सही है, पर कुल बिजली ज़रूरत के सापेक्ष यह हिस्सा छोटा है। 2030-31 की समयसीमा तभी यथार्थवादी होगी जब भूमि विवाद और पर्यावरण अनुपालन बिना देरी के सुलझें।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालको की अनुगुल स्मेल्टर विस्तार परियोजना क्या है?
यह ओडिशा के अनुगुल में ₹30,000 करोड़ के निवेश से चल रही ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना है, जिसका लक्ष्य एल्युमिनियम स्मेल्टिंग क्षमता को मौजूदा 0.46 एमटीपीए से बढ़ाकर 1.0 एमटीपीए तक करना है। यह परियोजना 2030-31 तक चालू होने की उम्मीद है।
नालको ने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम के साथ क्या समझौता किया है?
नालको ने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) के साथ अनुगुल स्मेल्टर के लिए ईजीए की विशेष और ऊर्जा-कुशल स्मेल्टिंग तकनीक का लाइसेंस लेने का समझौता किया है। इससे उत्पादन प्रक्रिया में विश्व स्तर पर प्रमाणित तकनीक का उपयोग सुनिश्चित होगा।
परियोजना के लिए बिजली की व्यवस्था कैसे होगी?
विस्तारित स्मेल्टर के लिए अतिरिक्त 1,100 मेगावाट बिजली की ज़रूरत होगी। नालको ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ 50:50 संयुक्त उद्यम बनाने का निर्णय लिया है, जो 4×270 मेगावाट (कुल 1,080 मेगावाट) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगा। इसके अलावा 200-250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा भी जोड़ी जाएगी।
नालको की ग्रीनफील्ड स्मेल्टर योजना क्या है?
दमनजोदी की 5वीं स्ट्रीम एल्यूमिना रिफाइनरी के चालू होने के बाद अतिरिक्त एल्यूमिना उपलब्ध होगी। इसे घरेलू बाज़ार में इस्तेमाल करने के लिए नालको देश में 0.5 एमटीपीए क्षमता का एक नया ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम स्मेल्टर स्थापित करने पर विचार कर रही है, जिससे घरेलू मूल्यवर्धन बढ़ेगा।
इस परियोजना से ओडिशा और भारत को क्या फायदा होगा?
परियोजना से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, रोज़गार के नए अवसर और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की उम्मीद है। यह भारत सरकार के घरेलू एल्युमिनियम उत्पादन बढ़ाने और देश में ही मूल्यवर्धन को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले