सर्बानंद सोनोवाल ने चार नए नदी प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी, अंतर्देशीय जलमार्ग को मिलेगी नई ताकत

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सर्बानंद सोनोवाल ने चार नए नदी प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी, अंतर्देशीय जलमार्ग को मिलेगी नई ताकत

सारांश

गुवाहाटी में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने चार नदी प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी, जो अंतर्देशीय जलमार्गों को मजबूती प्रदान करेंगे। यह परियोजना 84 करोड़ रुपए की लागत से सौर ऊर्जा से संचालित होगी।

Key Takeaways

  • सर्बानंद सोनोवाल ने चार नदी प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी।
  • यह परियोजना अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • प्रकाशस्तंभ सौर ऊर्जा से संचालित होंगे।
  • इनकी कुल लागत 84 करोड़ रुपए है।
  • यह असम की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

गुवाहाटी, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्‍ल्‍यू) सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे चार नदी प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी। इससे देश के अंतर्देशीय जलमार्गों के नौवहन को और अधिक मजबूती मिलेगी।

यह भारत में अंतर्देशीय जलमार्ग पर प्रकाशस्तंभों की स्थापना का पहला उदाहरण है।

इस समारोह का आयोजन गुवाहाटी के लाचित घाट पर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्‍ल्‍यू) के अधीन प्रकाशस्तंभ एवं प्रकाश जहाज महानिदेशालय (डीजीएलएल) और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्‍ल्‍यूएआई) द्वारा किया गया था।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, ये चार प्रकाशस्तंभ - डिब्रूगढ़ जिले में बोगीबील, कामरूप (मेट्रो) जिले में पांडू, नागांव जिले में सिलघाट (सभी नदी के दक्षिणी तट पर) और बिश्वनाथ जिले में बिश्वनाथ घाट (उत्तरी तट पर एकमात्र स्थल) - ब्रह्मपुत्र नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-2) के महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित हैं। इनकी कुल परियोजना लागत लगभग 84 करोड़ रुपए है।

प्रत्येक प्रकाशस्तंभ की ऊँचाई 20 मीटर होगी, भौगोलिक सीमा 14 समुद्री मील और प्रकाशीय सीमा 8-10 समुद्री मील होगी, और ये पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होंगे। नौवहन अवसंरचना के साथ-साथ, प्रत्येक स्थल पर संग्रहालय, एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया, बच्चों का खेल क्षेत्र, स्मारिका दुकान और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थान होंगे, जो प्रकाशस्तंभ को एक पर्यटन स्थल और एक कार्यात्मक समुद्री संपत्ति के रूप में स्थापित करेंगे।

राष्ट्रीय जलमार्ग 2 (एनडब्‍ल्‍यू-2) पर इन प्रकाशस्तंभों का परिचालन ब्रह्मपुत्र जलमार्ग पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में माल ढुलाई में 53 प्रतिशत की वृद्धि का संकेत देता है। एनडब्‍ल्‍यू-2 पर माल ढुलाई लगातार बढ़ रही है और ब्रह्मपुत्र गलियारा अब असम की चाय, कोयला और उर्वरक उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। नए प्रकाशस्तंभ 24×7 सुरक्षित नौवहन को सक्षम बनाएंगे, मौसम अवलोकन सेंसरों को समायोजित करेंगे और नदी पर माल एवं यात्रियों की आवाजाही की सतत वृद्धि के लिए आवश्यक अवसंरचना प्रदान करेंगे।

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्‍ल्‍यू) सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में, अंतर्देशीय जलमार्ग केवल सड़क और रेल परिवहन का विकल्प नहीं हैं, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था के लिए एक शक्ति गुणक बन रहे हैं। जलमार्ग से एक टन माल ढुलाई की लागत सड़क परिवहन की तुलना में कहीं कम है, कार्बन उत्सर्जन भी नगण्य है, और इससे हमारे राजमार्ग यात्रियों और समयबद्ध वस्तुओं के लिए मुक्त रहते हैं। ब्रह्मपुत्र पर बने ये प्रकाशस्तंभ इस इरादे का प्रमाण हैं कि भारत की नदियां चौबीसों घंटे व्यापार के लिए खुली हैं।”

आधारशिला समारोह में असम सरकार के पर्यटन मंत्री रणजीत कुमार दास, परिवहन मंत्री चरण बोरो, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री जयंता मल्लाबरुआ, गुवाहाटी सांसद बिजुली कलिता मेधी और पूर्वी गुवाहाटी विधायक सिद्धार्थ भट्टाचार्य उपस्थित थे। इस अवसर पर बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार (आईएएस) और डीजीएलएल के महानिदेशक एन. मुरुगनंदम सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

Point of View

बल्कि असम की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

ये प्रकाशस्तंभ कहाँ स्थापित होंगे?
ये प्रकाशस्तंभ ब्रह्मपुत्र नदी के बोगीबील, पांडू, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट में स्थापित होंगे।
इनकी कुल लागत क्या है?
चारों प्रकाशस्तंभों की कुल परियोजना लागत लगभग 84 करोड़ रुपए है।
प्रकाशस्तंभों की ऊँचाई कितनी होगी?
प्रत्येक प्रकाशस्तंभ की ऊँचाई 20 मीटर होगी।
ये प्रकाशस्तंभ कितनी दूरी तक प्रकाश फैलाएंगे?
इनकी प्रकाशीय सीमा 8-10 समुद्री मील होगी।
ये प्रकाशस्तंभ किस ऊर्जा से संचालित होंगे?
ये पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होंगे।
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