क्या सरकार और उद्योग जगत के बीच एक सहज संबंध, 2047 के विजन के लिए आवश्यक है?

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क्या सरकार और उद्योग जगत के बीच एक सहज संबंध, 2047 के विजन के लिए आवश्यक है?

सारांश

डॉ. वी.के. पॉल ने डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच समन्वय की महत्ता को रेखांकित किया है। क्या भारत 2047 के विजन को प्राप्त कर सकेगा? जानिए इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में!

मुख्य बातें

डिजिटल स्वास्थ्य में सुधार के लिए सरकार और उद्योग का तालमेल आवश्यक है।
चिकित्सा प्रौद्योगिकी के तेजी से अपनाने की आवश्यकता है।
रिप्रोडक्टिव और बाल स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

नई दिल्ली, 25 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने शुक्रवार को यह बताया कि हमें यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि नए स्वास्थ्य समाधानों और प्रौद्योगिकी का सत्यापन और परीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि भले ही उत्पादों की संख्या कम हो, लेकिन वे परिवर्तनकारी समाधान होने चाहिए, इसके लिए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है।

डॉ. वी.के. पॉल ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के डिजिटल हेल्थ समिट 2025 के चौथे संस्करण में कहा कि हमें रिप्रोडक्टिव और बाल स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके अलावा, कम्युनिकेबल रोगों के साथ-साथ नॉन कम्युनिकेबल रोगों पर भी ध्यान देना चाहिए और देखना चाहिए कि प्रौद्योगिकी इन रोगों की रोकथाम, पहचान और जांच में कैसे मदद कर सकती है।

उन्होंने कहा, "हमें टेलीमेडिसिन, कागज रहित व्यवस्था, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड आदि पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। चूंकि सरकार और उद्योग के बीच एक सहज संबंध है, हमें मिलकर काम करना होगा और 2047 के विजन की दिशा में बढ़ना होगा।"

उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य समाधान के लिए एक व्यापक, गहन और अधिक रणनीतिक सोच की आवश्यकता है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य तकनीकों को तेजी से अपनाने और उनके स्मार्ट उपयोग पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

इस कार्यक्रम की थीम "पावरिंग डिजिटल हेल्थ: क्या भारत बनाएगा, पूरा करेगा और अनुपालन करेगा?" रखी गई थी।

इस उद्घाटन सत्र में, स्केलेबल हेल्थटेक, एआई-ड्रिवन केयर और डेटा-पावर्ड सॉल्यूशन की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच, 2030 तक 40 अरब डॉलर

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि कोरोना के बाद मेडिकल सिस्टम को अपग्रेड किया गया था, और उस समय की तात्कालिकता के कारण प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी ने हमें आपातकालीन स्थिति में पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने में सक्षम बनाया। प्रौद्योगिकी ने सुनिश्चित किया कि हम कहीं बेहतर स्थिति में थे।"

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी की ताकत इस बात में निहित है कि चिकित्सा कर्मियों की दक्षता, प्रभावशीलता और उत्पादकता को कैसे बढ़ा सकती है और वे क्या प्रदान कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि डिजिटल स्वास्थ्य में निवेश और विकास के लिए सरकार और उद्योग के बीच सहयोग अनिवार्य है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों का महत्व क्या है?
डिजिटल स्वास्थ्य समाधान रोगों की रोकथाम , पहचान और जांच में मदद करते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता है।
सरकार और उद्योग का तालमेल क्यों आवश्यक है?
यह तालमेल नवाचार और प्रौद्योगिकी के तेज़ी से विकास में सहायक होता है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाता है।
हम किस प्रकार की प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं?
टेलीमेडिसिन , डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और कागज रहित व्यवस्था जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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