क्या सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट आई है, मिडकैप शेयरों में तेजी क्यों है?
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स 102.20 अंक गिरकर 84,961.14 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 37.95 अंक गिरकर 26,140.75 पर बंद हुआ।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी का रुख रहा।
- ग्लोबल अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर है।
- निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बुधवार को एक छोटे स्तर पर गिरावट के साथ बंद हुए। दिन के समापन पर सेंसेक्स 102.20 अंक या 0.12 प्रतिशत की कमी के साथ 84,961.14 पर और निफ्टी 37.95 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,140.75 पर था।
हालांकि, लार्जकैप में गिरावट देखी गई, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 276.15 अंक या 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,424.70 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70.65 अंक या 0.40 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,958.50 पर बंद हुआ।
सेक्टर के हिसाब से निफ्टी आईटी (1.87 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.69 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (0.69 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.65 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (0.07 प्रतिशत) में वृद्धि देखी गई।
इसके विपरीत, निफ्टी ऑटो (0.80 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.66 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (0.50 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.33 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.31 प्रतिशत) में गिरावट आई।
सेंसेक्स पैक में टाइटन, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, सन फार्मा, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, एलएंडटी, बीईएल और ट्रेंट प्रमुख लाभार्थी रहे। वहीं मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, एचयूएल, एसबीआई, भारती एयरटेल, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और बजाज फिनसर्व नुकसान में रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़ों से पहले जोखिम से बचने के संकेतों के चलते घरेलू बाजार का माहौल सतर्क बना हुआ है। तिमाही आधार पर कंपनियों के मुनाफे में सुधार की उम्मीद है, लेकिन वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशक जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल और वित्तीय क्षेत्र में मुनाफावसूली से सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि आईटी, फार्मा और मिड-कैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से कुछ हद तक राहत मिली है।"
उन्होंने आगे कहा, "वैश्विक अस्थिरता के बीच चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से आपूर्ति श्रृंखला के जोखिम बढ़ गए हैं। इससे शेयर बाजार के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।"