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क्या अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ लागू होने से शेयर बाजार पर असर पड़ा?

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क्या अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ लागू होने से शेयर बाजार पर असर पड़ा?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को चौतरफा बिकवाली के कारण लाल निशान में समापन किया। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है। क्या यह अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का परिणाम है?

मुख्य बातें

शेयर बाजार में कुल मिलाकर बिकवाली का माहौल है।
सेंसेक्स 849.37 अंक गिरा है।
विदेशी संस्थागत निवेश पर अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ का असर पड़ सकता है।
एफएमसीजी सेक्टर मजबूत बना रहा।
सरकार के आर्थिक उपाय महत्वपूर्ण रहेंगे।

मुंबई, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में समापन किया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल बना रहा। दिन के अंत में सेंसेक्स 849.37 अंक या 1.04 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 80,786.54 पर और निफ्टी 255.70 अंक या 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,712.05 पर रहा।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 935.30 अंक या 1.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,766.20 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 362.95 अंक या 2.03 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,548.60 पर बंद हुआ।

सेक्टोरल आधार पर, ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा लाल निशान में रहे। केवल एफएमसीजी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में एचयूएल, मारुति सुजुकी, आईटीसी, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स रहे। वहीं सन फार्मा, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, टाइटन, बीईएल, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड टॉप लूजर्स रहे।

व्यापक बाजार का रुझान नकारात्मक था। 728 शेयर हरे निशान में, 2,280 शेयर लाल निशान में और 78 शेयरों में बिना किसी बदलाव के कारोबार हो रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, अमेरिकी टैरिफ की समय सीमा कल समाप्त होने के कारण घरेलू बाजार में सतर्कता का माहौल है। रुपए में लगातार गिरावट से दबाव बढ़ रहा है और विदेशी संस्थागत निवेश पर भी इसका असर पड़ सकता है। निवेशक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के प्रयासों पर नजर बनाए हुए हैं, जिसमें प्रस्तावित जीएसटी दरों में संशोधन और उच्च शुल्कों से प्रभावित उद्योगों के लिए क्षेत्र-विशिष्ट राहत उपाय शामिल हैं। एफएमसीजी को छोड़कर, सभी क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली देखी गई, जिसमें खपत बढ़ने की उम्मीदों के चलते तेजी आई है।

25 प्रतिशत के अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने जा रहे हैं, जिसका ऐलान यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें हमेशा देश की आर्थिक स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। वर्तमान में शेयर बाजार में गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन यह अस्थायी भी हो सकता है। हमारे निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए और सरकार की नीतियों पर ध्यान देना चाहिए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ का लागू होना और रुपये की गिरावट मुख्य कारण हैं।
क्या निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?
हालांकि गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन बाजार में अस्थायी उतार-चढ़ाव सामान्य है।
एफएमसीजी इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन क्यों किया?
एफएमसीजी सेक्टर में स्थिर मांग बनी रहती है, इसलिए यह हरे निशान में बंद हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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