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क्या सोना और चांदी खरीदारों के लिए यह हफ्ता खुशियों भरा है?

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क्या सोना और चांदी खरीदारों के लिए यह हफ्ता खुशियों भरा है?

सारांश

इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। जानिए कितनी कमी आई है और इसके पीछे क्या कारण हैं। क्या यह समय है सोने और चांदी में निवेश करने का?

मुख्य बातें

सोने की कीमत में 600 रुपए की कमी आई है।
चांदी का दाम 1,000 रुपए प्रति किलो गिरा है।
चांदी ने 1,15,250 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया था।
गोल्ड के निवेश में 30.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
2025 तक गोल्ड की कीमत 3,600 डॉलर प्रति औंस पहुंचने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। सोने की कीमत में 600 रुपए प्रति 10 ग्राम से अधिक की कमी आई है, जबकि चांदी का दाम 1,000 रुपए प्रति किलो से अधिक घट गया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत अब 99,358 रुपए पर पहुंच गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह 1,00,023 रुपए थी, जो कि सोने की कीमत में 665 रुपए की कमी को दर्शाता है।

22 कैरेट सोने का मूल्य घटकर 91,012 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो पहले 91,621 रुपए था। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 75,017 रुपए प्रति 10 ग्राम से घटकर 74,519 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।

समीक्षा अवधि में चांदी की कीमत में भी कमी आई है और यह 1,027 रुपए घटकर 1,13,906 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो पहले 1,14,933 रुपए प्रति किलो थी। चांदी अपने उच्चतम स्तर के निकट बनी हुई है। 7 अगस्त को चांदी ने 1,15,250 रुपए प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्च स्तर बनाया था।

1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का मूल्य 76,162 रुपए से बढ़कर 99,358 रुपए पर पहुंच गया है, जो कि 30.45 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं, चांदी का मूल्य भी 86,017 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 1,13,906 रुपए पर पहुंच गया है, जो कि 32.42 प्रतिशत की वृद्धि है।

इस हफ्ते जारी वेंचुरा सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉमेक्स पर सोने की कीमत 2025 के अंत तक 3,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है, जो इस साल 7 अगस्त को दर्ज की गई 3,534.10 डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई से भी अधिक है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी का कारण मजबूत ईटीएफ इनफ्लो, केंद्रीय बैंकों की स्थिर खरीद और भारत के गोल्ड इन्वेस्टमेंट मार्केट में खुदरा निवेशकों की सक्रिय भागीदारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूँ कि सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट एक सकारात्मक संकेत है। यह खरीदारों के लिए एक अवसर प्रदान करता है। बाजार की स्थिति को समझते हुए, निवेशकों को सही निर्णय लेने की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट आएगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें गिरने की संभावना है, लेकिन वैश्विक बाजार की स्थिति पर निर्भर करती है।
क्या यह सही समय है सोना खरीदने का?
हां, वर्तमान में कीमतों में गिरावट के कारण यह खरीदने का अच्छा समय हो सकता है।
सोने और चांदी की कीमतें किस पर निर्भर करती हैं?
ये कीमतें वैश्विक बाजार की स्थिति, मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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