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सेंसेक्स 77,540 पर सपाट बंद, निफ्टी मेटल 0.86% उछला; बॉन्ड यील्ड दो माह के उच्चतम स्तर पर

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सेंसेक्स 77,540 पर सपाट बंद, निफ्टी मेटल 0.86% उछला; बॉन्ड यील्ड दो माह के उच्चतम स्तर पर

सारांश

21 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार सपाट रहा — सेंसेक्स महज 3 अंक ऊपर 77,540 पर बंद हुआ। मेटल और बैंकिंग शेयरों ने सहारा दिया, लेकिन RBI की सख्त नीति और 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड के दो माह के उच्चतम स्तर ने तेजी को थाम लिया।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 21 अगस्त को 3 अंक की बढ़त के साथ 77,540.83 और निफ्टी 20.15 अंक (0.08%) की तेजी के साथ 24,252.00 पर बंद हुआ।
निफ्टी मेटल 0.86% की बढ़त के साथ दिन का शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा; निफ्टी बैंक 0.46% चढ़ा।
निफ्टी एफएमसीजी (0.74%) , ऑटो (0.60%) और आईटी (0.46%) लाल निशान में बंद हुए।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.69% चढ़कर 19,977.75 पर; मिडकैप और स्मॉलकैप ने लार्जकैप को पीछे छोड़ा।
भारत की 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड RBI की सख्त नीति और महंगाई जोखिम के चलते दो माह के उच्चतम स्तर पर पहुंची।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 21 अगस्त को मात्र 3 अंक की नाममात्र बढ़त के साथ 77,540.83 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 20.15 अंक (0.08 प्रतिशत) की तेजी के साथ 24,252.00 पर ठहरा। मेटल और बैंकिंग शेयरों में हुई चुनिंदा खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचाए रखा, लेकिन वैश्विक बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर और घरेलू महंगाई की चिंताओं ने तेजी को सीमित कर दिया।

सेक्टोरल प्रदर्शन: कौन आगे, कौन पीछे

सत्र में निफ्टी मेटल 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा। इसके अलावा निफ्टी बैंक (0.46 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (0.46 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.40 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.32 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़ (0.22 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (0.15 प्रतिशत) हरे निशान में बंद हुए।

दूसरी तरफ, निफ्टी एफएमसीजी (0.74 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.46 प्रतिशत), निफ्टी कंजम्पशन (0.40 प्रतिशत) और निफ्टी हेल्थकेयर (0.25 प्रतिशत) लाल निशान में बंद हुए। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आईटी खर्च को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन

लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में अपेक्षाकृत अधिक खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 64.20 अंक (0.10 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 63,735.75 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 136.30 अंक (0.69 प्रतिशत) की मजबूत बढ़त के साथ 19,977.75 पर रहा — यह दर्शाता है कि खुदरा और संस्थागत निवेशकों की रुचि छोटे शेयरों में बनी हुई है।

सेंसेक्स के प्रमुख गेनर और लूजर

सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, टाइटन, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक बढ़त में रहे।

वहीं ट्रेंट, मारुति सुजुकी, इंडिगो, एचसीएल टेक, एचयूएल, इन्फोसिस, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार विशेषज्ञों की राय

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर निवेशकों के लिए चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार महंगाई की आशंकाओं के बीच, अमेरिकी ट्रेजरी के हालिया हस्तक्षेप से बॉन्ड यील्ड में कोई स्थायी राहत नहीं मिली।

घरेलू मोर्चे पर, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की सख्त रुख वाली बैठक के कार्यवृत्त और स्थानीय महंगाई के जोखिम के चलते भारत की 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया सर्विस पीएमआई डेटा अनिश्चित वैश्विक माहौल के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

गौरतलब है कि गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन और मजबूत क्रेडिट ग्रोथ के कारण वित्तीय क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में अच्छी 'वैल्यू बाइंग' देखी गई। मेटल की स्थिर कीमतों ने भी कमोडिटी शेयरों को सहारा दिया। आने वाले सत्रों में वैश्विक बॉन्ड बाजार की दिशा और RBI के अगले नीतिगत संकेत बाजार की चाल तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके नीचे दो परस्पर विरोधी ताकतें काम कर रही हैं — घरेलू वित्तीय क्षेत्र में 'वैल्यू बाइंग' और वैश्विक बॉन्ड बाजार से आता दबाव। चिंताजनक यह है कि 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड का दो माह के उच्चतम स्तर पर पहुंचना RBI की सख्त नीति की वास्तविक लागत को उजागर करता है, जो इक्विटी वैल्यूएशन पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है। मिडकैप और स्मॉलकैप की बेहतरी उत्साहजनक है, लेकिन यह खुदरा निवेशकों की बढ़ती जोखिम-भूख को भी दर्शाती है — जो तब चिंताजनक हो जाती है जब वैश्विक तरलता सख्त हो रही हो।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ बंद हुए?
सेंसेक्स 3 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 और निफ्टी 20.15 अंक (0.08 प्रतिशत) की तेजी के साथ 24,252.00 पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब-करीब सपाट रहे।
आज बाजार में कौन-से सेक्टर सबसे अच्छे रहे?
निफ्टी मेटल 0.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा। इसके अलावा निफ्टी बैंक (0.46%), निफ्टी पीएसई (0.46%), निफ्टी रियल्टी (0.40%) और निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.32%) भी हरे निशान में बंद हुए।
भारत की बॉन्ड यील्ड क्यों बढ़ रही है?
RBI की सख्त मौद्रिक नीति के कार्यवृत्त, घरेलू महंगाई के जोखिम और कम तरलता के कारण भारत की 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी इसमें योगदान दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का आज कैसा प्रदर्शन रहा?
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 64.20 अंक (0.10%) की बढ़त के साथ 63,735.75 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 136.30 अंक (0.69%) की मजबूत बढ़त के साथ 19,977.75 पर बंद हुआ। दोनों ने लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन किया।
आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा क्या होगी?
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बॉन्ड यील्ड की दिशा और RBI के अगले नीतिगत संकेत बाजार की चाल तय करेंगे। घरेलू सर्विस पीएमआई डेटा मजबूत है, लेकिन महंगाई और तरलता की स्थिति पर निगाह रखना जरूरी होगा।
राष्ट्र प्रेस
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