टाटा मोटर्स 1 सितंबर 2026 से कारों-SUV की कीमतें ₹25,000 तक बढ़ाएगी, EV भी महंगे
सारांश
मुख्य बातें
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने 21 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वह 1 सितंबर 2026 से अपने संपूर्ण यात्री वाहन पोर्टफोलियो — पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित — की कीमतों में ₹25,000 तक की वृद्धि करेगी। कंपनी के अनुसार, मूल्य संशोधन का स्तर मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होगा।
मूल्य वृद्धि का कारण
टाटा मोटर्स ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय बढ़ती इनपुट लागत और लगातार बने मुद्रास्फीति के दबावों के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए लिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह पहले से लागत का एक बड़ा हिस्सा स्वयं वहन कर रही थी, लेकिन निरंतर बढ़ते खर्चों के कारण अब कीमतों में संशोधन अनिवार्य हो गया है।
ऑटोमोबाइल उद्योग पर कच्चे माल, पुर्जों, लॉजिस्टिक्स और परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि का दबाव बना हुआ है, जिसके कारण निर्माता कंपनियाँ लागत का एक हिस्सा उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित करने को मजबूर हो रही हैं।
उद्योग में व्यापक रुझान
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अन्य प्रमुख वाहन निर्माता भी मूल्य वृद्धि कर चुके हैं। हुंडई मोटर इंडिया ने बढ़ती कच्चे माल की लागत, ऊँचे परिचालन खर्च और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए अपने वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की वृद्धि की घोषणा की थी।
मारुति सुजुकी ने भी अगस्त से अपने एरिना और नेक्सा मॉडल्स की कीमतों में ₹2,500 से ₹30,000 तक की वृद्धि की थी। गौरतलब है कि यह लगातार तीसरी बड़ी वाहन कंपनी है जिसने इस वित्त वर्ष में मूल्य संशोधन किया है।
वित्तीय प्रदर्शन पर असर
वित्तीय मोर्चे पर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के लिए चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के आँकड़े चिंताजनक रहे। कंपनी का शुद्ध लाभ घटकर ₹859 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹4,003 करोड़ था — यानी सालाना आधार पर लगभग 79 प्रतिशत की गिरावट। तिमाही आधार पर भी कंपनी का लाभ 85 प्रतिशत कम हुआ है।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
घोषणा वाले दिन शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर टाटा मोटर्स के शेयर 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹319.70 पर कारोबार करते दिखे। NSE के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह में शेयर ने ₹419 का उच्चतम और ₹294.30 का न्यूनतम स्तर छुआ है।
पिछले 6 महीनों में स्टॉक 15.87 प्रतिशत टूट चुका है, पिछले एक साल में करीब 23 प्रतिशत गिरा है, और इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हो चुकी है।
आगे क्या होगा
मूल्य वृद्धि 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी और इसका असर टाटा के सभी सेगमेंट — हैचबैक से लेकर प्रीमियम SUV और इलेक्ट्रिक वाहनों तक — पर पड़ेगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इनपुट लागत का दबाव बना रहा, तो अन्य कंपनियाँ भी त्योहारी सीजन से पहले इसी राह पर चल सकती हैं।