17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

1 जून से UPI, ATM और टैक्स नियमों में बड़े बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
1 जून से UPI, ATM और टैक्स नियमों में बड़े बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

सारांश

1 जून 2026 से यूपीआई में दो-स्तरीय सत्यापन, कार्डलेस एटीएम पर शुल्क, पैन कार्ड की नई सीमाएँ और 15 जून तक एडवांस टैक्स की पहली किस्त — ये सभी बदलाव एक साथ लागू हो रहे हैं। साथ ही दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी ₹42 महंगी हुई। जेब पर सीधा असर तय है।

मुख्य बातें

1 जून 2026 से यूपीआई पर बड़े लेनदेन के लिए फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन जैसा दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
यूपीआई-आधारित कार्डलेस एटीएम निकासी अब बैंक की मासिक मुफ्त सीमा में गिनी जाएगी; सीमा पार होने पर अतिरिक्त शुल्क देय होगा।
वित्त वर्ष 2026-27 की अग्रिम कर की पहली किस्त (अनुमानित कर का 15%) 15 जून 2026 तक जमा करनी होगी; चूक पर 1% मासिक ब्याज लागू।
अचल संपत्ति लेनदेन में पैन अनिवार्यता की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख की गई; ₹45 लाख से अधिक के सौदों पर रिपोर्टिंग अनिवार्य।
दिल्ली में 19 किलो कमर्शियल एलपीजी ₹42 बढ़कर ₹3,113.50 ; कोलकाता में ₹53.50 बढ़कर ₹3,255.50 प्रति सिलेंडर।
RBI MPC की बैठक 3–5 जून को; रेपो दर पर फैसला होम लोन EMI और FD रिटर्न को प्रभावित कर सकता है।

1 जून 2026 से भारत में आम नागरिकों की रोज़मर्रा की वित्तीय गतिविधियों को प्रभावित करने वाले कई अहम नियम एक साथ लागू हो गए हैं। यूपीआई सुरक्षा में बड़ा बदलाव, एटीएम निकासी की सीमाओं में संशोधन, पैन कार्ड से जुड़े नए प्रावधान और अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) की समयसीमा — ये सभी बदलाव एक साथ प्रभावी हो रहे हैं। इन सुधारों का मूल उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाना और वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

यूपीआई सुरक्षा में बड़ा बदलाव

अब केवल 4 या 6 अंकों के यूपीआई पिन से बड़े लेनदेन संभव नहीं होंगे। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स पर उच्च मूल्य के ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता होगी। इसमें फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस-आधारित दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) शामिल हो सकता है। यह कदम ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।

इसके साथ ही जून से यूपीआई ऐप्स में एक नई सुविधा भी शुरू हो रही है — भुगतान करने से पहले लाभार्थी का सत्यापित आधिकारिक नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। यह जानकारी सुरक्षित डेटाबेस से प्राप्त की जाएगी, जिससे गलत खाते में पैसे भेजने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

एटीएम निकासी और यूपीआई कार्डलेस ट्रांजैक्शन

एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि अब यूपीआई-आधारित कार्डलेस एटीएम निकासी को बैंक की मासिक मुफ्त निकासी सीमा में शामिल किया जाएगा। यदि कोई ग्राहक निर्धारित मुफ्त लेनदेन की सीमा पार करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना होगा — ठीक उसी तरह जैसे डेबिट कार्ड से एटीएम निकासी पर लागू होता है। यह नियम उन उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित करेगा जो नियमित रूप से कार्डलेस निकासी का उपयोग करते हैं।

पैन कार्ड नियमों में संशोधन

नए कर नियमों के अनुसार, अब ₹50,000 से अधिक के सामान्य नकद जमा के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा। हालाँकि, यदि किसी व्यक्ति के कुल नकद जमा या निकासी एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख या उससे अधिक हो जाते हैं, तो पैन संबंधी नियम लागू होंगे।

अचल संपत्ति के लेनदेन में भी बदलाव किया गया है। पहले ₹10 लाख से अधिक की संपत्ति खरीद-बिक्री पर पैन अनिवार्य था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है। इसके अलावा ₹45 लाख से अधिक मूल्य के संपत्ति सौदों, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स के लिए रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।

अग्रिम कर और आरबीआई एमपीसी बैठक

करदाताओं के लिए 15 जून 2026 एक अहम तारीख है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम कर की पहली किस्त इसी दिन तक जमा करनी होगी। जिन लोगों की कुल कर देनदारी ₹10,000 से अधिक है, उन्हें अपने अनुमानित कर का 15 प्रतिशत इस तारीख तक भुगतान करना होगा। समयसीमा चूकने पर प्रति माह 1 प्रतिशत ब्याज का जुर्माना लग सकता है।

इसी महीने 3 से 5 जून के बीच भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक भी होनी है। बाज़ार विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि क्या केंद्रीय बैंक रेपो दर में कोई बदलाव करेगा। RBI की मुद्रास्फीति, आर्थिक विकास और तरलता पर टिप्पणी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसका असर होम लोन की EMI, फिक्स्ड डिपॉजिट पर रिटर्न और समग्र उधार लागत पर पड़ सकता है।

एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी और ईंधन बाज़ार

1 जून से कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। नई दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹42 बढ़कर ₹3,113.50 प्रति सिलेंडर हो गई है। कोलकाता में यह बढ़ोतरी ₹53.50 की रही है और कीमत ₹3,255.50 प्रति सिलेंडर हो गई है। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी ₹11 की वृद्धि की है — दिल्ली में यह अब ₹821.50 होगी। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

वैश्विक कच्चे तेल की आवाजाही और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करना जारी रख सकते हैं। उपभोक्ताओं को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों पर भी नज़र रखने की सलाह दी जाती है।

ईपीएफओ की यूपीआई-आधारित पीएफ निकासी

रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) एक नई प्रणाली का परीक्षण कर रहा है, जिसके तहत कर्मचारी यूपीआई के माध्यम से सीधे अपना पीएफ निकाल सकेंगे। यदि यह सुविधा लागू होती है, तो पीएफ निकासी की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज़ और सरल हो जाएगी तथा पारंपरिक अनुमोदन प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी। फिलहाल यह पायलट चरण में है और इसके व्यापक क्रियान्वयन की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

गौरतलब है कि ये सभी बदलाव एक साथ लागू होने से आम उपभोक्ता, व्यापारी और निवेशक — सभी पर एक साथ असर पड़ेगा। जून का यह महीना वित्तीय अनुपालन और डिजिटल सुरक्षा दोनों के लिहाज़ से निर्णायक साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन छोटे व्यापारियों और ग्रामीण उपयोगकर्ताओं के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन एक व्यावहारिक बाधा बन सकता है। कार्डलेस एटीएम निकासी को मुफ्त सीमा में शामिल करना बैंकों के लिए राजस्व-अनुकूल तो है, पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति से उलट भी जान पड़ता है। असली सवाल यह है कि क्या ये नियम लागू होने से पहले आम जनता तक पर्याप्त रूप से पहुँचाए गए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 जून 2026 से यूपीआई में क्या बदलाव हुए हैं?
अब बड़े यूपीआई लेनदेन के लिए केवल 4 या 6 अंकों के पिन से काम नहीं चलेगा — फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस-आधारित दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। साथ ही भुगतान से पहले लाभार्थी का सत्यापित नाम स्क्रीन पर दिखेगा, जिससे गलत ट्रांसफर की संभावना कम होगी।
एडवांस टैक्स की पहली किस्त कब तक जमा करनी है?
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम कर की पहली किस्त 15 जून 2026 तक जमा करनी होगी। जिन करदाताओं की कुल कर देनदारी ₹10,000 से अधिक है, उन्हें अनुमानित कर का 15 प्रतिशत इस तारीख तक चुकाना होगा, अन्यथा प्रति माह 1 प्रतिशत ब्याज लागू होगा।
कार्डलेस ATM निकासी पर अब शुल्क क्यों लगेगा?
अब यूपीआई-आधारित कार्डलेस एटीएम निकासी को बैंक की मासिक मुफ्त लेनदेन सीमा में गिना जाएगा। यदि ग्राहक निर्धारित मुफ्त सीमा पार कर लेते हैं, तो डेबिट कार्ड निकासी की तरह ही अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
पैन कार्ड के नए नियम संपत्ति खरीद-बिक्री पर कैसे लागू होंगे?
अचल संपत्ति लेनदेन में पैन अनिवार्यता की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है। ₹45 लाख से अधिक के संपत्ति सौदों, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स के लिए रिपोर्टिंग अनिवार्य है।
1 जून से कमर्शियल एलपीजी कितनी महंगी हुई?
दिल्ली में 19 किलो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹42 बढ़कर ₹3,113.50 हो गया है, जबकि कोलकाता में ₹53.50 की वृद्धि के साथ कीमत ₹3,255.50 प्रति सिलेंडर हो गई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले