1 जुलाई से आधार, पासपोर्ट, गाड़ियों के दाम और एलपीजी में बड़े बदलाव — पूरी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
1 जुलाई 2026 से आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर डालने वाले कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। आधार अपडेट, पासपोर्ट शुल्क, वाहनों की कीमतें, क्रेडिट कार्ड नियम और एलपीजी दरें — इन सभी क्षेत्रों में नए नियम और दरें प्रभावी होंगी। नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, ये बदलाव करोड़ों भारतीयों के दैनिक वित्तीय जीवन को प्रभावित करेंगे।
आधार अपडेट अब निशुल्क
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक आधार में ईमेल आईडी अपडेट करने की सुविधा पूरी तरह निशुल्क रहेगी। इससे पहले यह सेवा ₹75 शुल्क पर उपलब्ध थी।
UIDAI का उद्देश्य इस कदम के ज़रिए नागरिकों को अपने आधार रिकॉर्ड में नवीनतम जानकारी दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि डेटाबेस अद्यतन और विश्वसनीय बना रहे।
पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा
केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि की है। सामान्य पासपोर्ट के लिए अब ₹1,500 के स्थान पर ₹2,500 देने होंगे — यानी ₹1,000 की सीधी बढ़ोतरी। वहीं, तत्काल पासपोर्ट के लिए शुल्क ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000 हो गया है।
जो नागरिक पासपोर्ट बनवाने या नवीनीकरण की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह बदलाव सीधे बजट पर असर डालेगा।
वाहन कंपनियों ने बढ़ाए दाम
कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने 1 जुलाई 2026 से अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (PV) ने 1.5% तक और टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (CV) ने 2.5% तक मूल्यवृद्धि का ऐलान किया है।
किआ मोटर्स और BMW ने अपने वाहनों पर 2-2% की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जबकि MG मोटर्स ने 3% तक दाम बढ़ाने का निर्णय लिया है। वाहन खरीदने की योजना रखने वाले ग्राहकों के लिए 30 जून तक बुकिंग फायदेमंद साबित हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
SBI कार्ड ने कुछ चुनिंदा PhonePe SBI कार्ड के लिए रिवॉर्ड पॉइंट नीति में संशोधन किया है। इसके तहत नई सीमाएँ लागू की गई हैं और कुछ श्रेणियों के लेनदेन को रिवॉर्ड पॉइंट के दायरे से बाहर किया गया है।
वहीं, HDFC बैंक ने Regalia Gold क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की नई शर्त तय की है — अब प्रत्येक कैलेंडर तिमाही में तीन बार मुफ्त लाउंज का लाभ उठाने के लिए संबंधित तिमाही में कम से कम ₹60,000 खर्च करना अनिवार्य होगा।
एलपीजी दरों पर नज़र
हर महीने की पहली तारीख को सरकारी तेल कंपनियाँ एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 जुलाई 2026 को भी यह समीक्षा होगी और दरों में बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी मुद्रा दरें इस निर्णय को प्रभावित करेंगी।
इन सभी बदलावों के मद्देनज़र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज़, वित्तीय योजनाएँ और आवश्यक खरीदारी समय रहते पूरी कर लें।