नया वित्तीय वर्ष, नये कानून: 1 अप्रैल से आयकर, एलपीजी और अन्य में क्या हुए बदलाव

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नया वित्तीय वर्ष, नये कानून: 1 अप्रैल से आयकर, एलपीजी और अन्य में क्या हुए बदलाव

सारांश

जानें 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के बारे में, जो आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेंगे। नए आयकर अधिनियम से लेकर एलपीजी के दामों तक, सभी महत्वपूर्ण परिवर्तनों का असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

मुख्य बातें

नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हुआ है।
गिफ्ट पर टैक्स छूट की सीमा बढ़कर 15,000 रुपए।
आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा में परिवर्तन।
एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव।
फास्टैग का अनिवार्य डिजिटल भुगतान।

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। लगभग 65 वर्ष पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। इसके साथ ही जीएसटी, बैंकिंग नियम, डिजिटल भुगतान, और दैनिक खर्चों से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन भी लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

नए टैक्स प्रणाली के अंतर्गत अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' की जगह 'टैक्स ईयर' की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे टैक्स की गणना करना आसान हो जाएगा। सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को करमुक्त रखने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, टैक्स से संबंधित नियमों को सरल भाषा में पेश किया गया है ताकि आम लोग इसे आसानी से समझ सकें और अनुपालन में सुधार हो।

आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा में भी कुछ परिवर्तन किए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई बनी रहेगी, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त तय की गई है। जिन मामलों में ऑडिट आवश्यक है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी।

इसके अतिरिक्त, अब गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दी गई है, जो पहले 5,000 रुपए थी। बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे परिवारों को राहत मिलेगी।

हालांकि, इस बीच महंगाई का दबाव भी बढ़ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपए की वृद्धि हुई है। दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपए तक पहुंच गई है, जो पहले 1884.50 रुपए थी। इसका असर होटल और रेस्टोरेंट के खाने-पीने की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ना निश्चित है। हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम ईंधन की कीमतों में वृद्धि की है। एक्सपी100 पेट्रोल की कीमत अब 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 149 रुपए थी। इसी तरह, कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमत भी बढ़ा दी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।

पैन कार्ड से संबंधित नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब केवल आधार के जरिए पैन बनवाना संभव नहीं होगा और अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। बड़े लेनदेन के लिए पैन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, क्रेडिट कार्ड से बड़े खर्च की जानकारी अब आयकर विभाग को दी जाएगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।

मकान किराया भत्ता (एचआरए) के नियमों को भी कड़ा किया गया है। अब किराये की छूट पाने के लिए मकान मालिक का पैन और अन्य विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शहरों में शामिल किया गया है, जिससे इन शहरों में रहने वालों को 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलेगी।

बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भी बदलाव हुए हैं। अब एटीएम से यूपीआई के जरिए नकद निकासी को भी फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट में गिना जाएगा। वहीं, सभी डिजिटल भुगतान के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।

यात्रियों के लिए रेलवे नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब कंफर्म टिकट पर रिफंड पाने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा। वहीं, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगी।

हाईवे पर सफर करने वालों के लिए फास्टैग महंगा हो गया है और टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान करना होगा, अन्यथा जुर्माना देना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि ये न केवल टैक्स सिस्टम को सरल बनाते हैं, बल्कि महंगाई और अन्य आर्थिक पहलुओं पर भी प्रभाव डालते हैं। ऐसे में, सरकार की नीतियों पर ध्यान देना आवश्यक है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए आयकर अधिनियम 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाना है।
गिफ्ट पर टैक्स छूट की नई सीमा क्या है?
अब गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा 15,000 रुपए हो गई है।
आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा क्या है?
नौकरीपेशा लोगों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई है, जबकि अन्य के लिए 31 अगस्त है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल की बढ़ोतरी कितनी है?
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपए की वृद्धि हुई है।
फास्टैग का नया नियम क्या है?
अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है, केवल डिजिटल माध्यम से ही भुगतान करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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