अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव से सोलर शेयरों में आई भारी गिरावट: वारी एनर्जीज और प्रीमियर एनर्जीज सबसे अधिक प्रभावित
सारांश
Key Takeaways
- टैरिफ का प्रभाव: भारतीय सोलर उत्पादों पर 126%25 का टैरिफ लागू हुआ है।
- बिक्री में गिरावट: वारी एनर्जीज और प्रीमियर एनर्जीज के शेयरों में भारी गिरावट आई है।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार: यह टैरिफ भारत के सौर उद्योग के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहा है।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: भारत को अपनी सौर ऊर्जा उद्योग को वैश्विक स्तर पर बनाए रखने में कठिनाइयाँ आ रही हैं।
- निवेशकों की चिंता: निवेशकों के बीच इस निर्णय को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुंबई, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सौर आयात पर 126 प्रतिशत का टैरिफ लगाने के बाद, सौर संबंधित शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय सौर उत्पादों पर टैरिफ इसलिए लगाया है क्योंकि उनका मानना है कि इन पर अनुचित सब्सिडी दी जा रही है।
इस निर्णय के चलते, सौर उत्पादों से संबंधित स्टॉक्स में बिकवाली बढ़ गई है। वारी एनर्जीज का शेयर 15 प्रतिशत तक गिर चुका है, और वर्तमान में यह 10.83 प्रतिशत की कमी के साथ 2,697 रुपए पर कारोबार कर रहा है।
प्रीमियर एनर्जीज के शेयरों में भी 6.19 प्रतिशत की गिरावट आई है, और यह 728.95 रुपए पर ट्रेड हो रहा है। आज के कारोबार में, इसका शेयर लगभग 14 प्रतिशत नीचे चला गया है।
इसके अलावा, विक्रम सोलर के शेयरों में भी दबाव देखा जा रहा है, जो वर्तमान में 5.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 174 रुपए पर है। आज के कारोबार में, इस शेयर ने 7.76 प्रतिशत की कमी दिखाई है।
अमेरिकी प्रशासन ने भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया और लाओस के सौर उत्पादों पर क्रमशः 143 प्रतिशत और 81 प्रतिशत का टैरिफ लागू किया है।
2025 की पहली छमाही में, अमेरिका के सोलर मॉड्यूल आयात में भारत, इंडोनेशिया और लाओस की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत रही है। 2024 में अमेरिका को भारतीय सोलर निर्यात का मूल्य 792.6 मिलियन डॉलर था, जो 2022 के मूल्य का 9 गुना अधिक है।
अमेरिकी प्रशासन ने यह कार्रवाई यूएस सोलर ग्रुप की याचिका के आधार पर की है, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि कुछ देशों द्वारा दी जा रही सब्सिडी की वजह से उनकी इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है।