क्या 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आईएफएफआई में क्षेत्रीय सिनेमा को मिला बड़ा मंच?
सारांश
Key Takeaways
- आईएफएफआई में नई फिल्में और क्षेत्रीय सिनेमा को अवसर मिला।
- गोल्डन 50वीं सालगिरह का जश्न मनाया गया।
- 130 से ज्यादा युवा फिल्मकारों ने भाग लिया।
- अंतरराष्ट्रीय फिल्में भी प्रदर्शित की गईं।
- क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में विशेष रूप से शामिल की गईं।
मुंबई, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गोवा में आयोजित 56वें आईएफएफआई में प्रकाश मगदूम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इस आयोजन को सबसे बेहतरीन बताया। उन्होंने कहा कि इस बार नई फिल्मों का प्रीमियर और क्षेत्रीय फिल्मों को मौका मिला है।
उनका कहना है कि इस बार दो खास मौके एक साथ मनाए गए हैं। एक तो आईएफएफआई का 56वां संस्करण और दूसरा राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) की गोल्डन 50वीं सालगिरह है।
उन्होंने कहा, "इस बार गोवा में आईएफएफआई का आयोजन काफी शानदार रहा। दुनिया के बेहतरीन सिनेमा के साथ-साथ भारत के सिनेमा का शोकेस देखने को मिला। सबसे दिलचस्प बात ये थी कि इस बार कई भारतीय भाषाओं की फिल्में शामिल की गई थीं।"
प्रकाश मगदूम ने बताया, "इस बार का आईएफएफआई वाकई शानदार रहा। दुनिया के बेहतरीन सिनेमा के साथ-साथ भारत के सर्वश्रेष्ठ सिनेमा का शोकेस देखने को मिला और यहां पर एआई फिल्म फेस्टिवल पहली बार देखने को मिला। इसके अलावा, सिनोट (यंग फिल्ममेकर्स सेक्शन) में 130 से ज्यादा युवा फिल्मकारों ने हिस्सा लिया। फिल्म बाजार भी इस बार काफी सक्रिय और सफल रहा।"
फिल्म चयन की प्रक्रिया पर बात करते हुए उन्होंने बताया, "भारतीय पैनोरमा में पिछले एक साल में बनी बेहतरीन फीचर और नॉन-फीचर फिल्में चुनी जाती हैं। वहीं, इंटरनेशनल सिनेमा के लिए अभी तक फेस्टिवल में जो दिखाई गई हैं, वही फिल्में शामिल की जाती हैं।"
उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा पर बात करते हुए कहा, "आप इस बार जो लाइनअप देखेंगे इंडियन पैनोरमा का, वह इतना खूबसूरत है, कई भाषाओं की फिल्में इस बार प्रदर्शित हुई हैं। इसके अलावा गाने भी प्रीमियर हुए हैं। यहां पर कई फिल्में पहली बार प्रीमियर हुई हैं, वो भी कई भाषाओं में। तो मुझे लग रहा है कि इस बार क्षेत्रीय सिनेमा को भी प्लेटफॉर्म मिला है।"
गोवा में आयोजित 56वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 20 नवंबर से लेकर 28 नवंबर तक चला। इस दौरान कई कलाकारों ने शिरकत की।