हुमा कुरैशी का सफर: दिल्ली के थिएटर से 'महारानी' तक, 28 जुलाई को मनाएंगी 39वाँ जन्मदिन
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी 28 जुलाई 1986 को दिल्ली में जन्मी थीं और 27 जुलाई 2025 को वह अपना 39वाँ जन्मदिन मनाने की कगार पर हैं। बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के, दिल्ली के एक मध्यवर्गीय परिवार से निकलकर हॉलीवुड तक पहुँचने का उनका सफर बॉलीवुड में संघर्ष और प्रतिभा की एक अनूठी मिसाल है। विज्ञापनों से शुरू हुई यात्रा 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'महारानी' के ज़रिए उन्हें उद्योग की सबसे विश्वसनीय अभिनेत्रियों में शामिल कर चुकी है।
दिल्ली की जड़ें और थिएटर की नींव
हुमा के पिता सलीम कुरैशी दिल्ली में रेस्टोरेंट व्यवसाय चलाते हैं और माँ अमीना कुरैशी गृहिणी हैं। परिवार का मनोरंजन उद्योग से कोई सीधा नाता नहीं था। दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज से स्नातक करते हुए हुमा ने थिएटर ग्रुप 'एक्ट 1' के साथ काम करना शुरू किया। मंच पर अभिनय की बारीकियाँ सीखते हुए उनके भीतर एक्ट्रेस बनने का संकल्प पक्का होता गया।
मुंबई आगमन और विज्ञापनों से पहचान
2008 में हुमा मुंबई आईं, लेकिन शुरुआती दौर में फिल्मों के दरवाज़े बंद रहे। उन्होंने विज्ञापन जगत में कदम रखा और जल्द ही बड़े ब्रांड्स का हिस्सा बन गईं। उन्होंने आमिर खान के साथ एक मोबाइल ब्रांड और शाहरुख खान के साथ एक पेंट ब्रांड के विज्ञापन में काम किया। इन विज्ञापनों ने उन्हें उद्योग में पहचान दिलाई और उनकी स्क्रीन उपस्थिति ने निर्देशकों का ध्यान खींचा।
अनुराग कश्यप की नज़र और बॉलीवुड डेब्यू
एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान निर्देशक अनुराग कश्यप की नज़र हुमा पर पड़ी। उनकी अभिनय क्षमता से प्रभावित होकर कश्यप ने उन्हें अपनी फिल्म में अवसर दिया। 2012 में प्रदर्शित 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से हुमा ने बॉलीवुड में पदार्पण किया, जहाँ उन्होंने मोहसीना हमीद का किरदार निभाया। छोटे शहर की लड़की के इस किरदार को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट फीमेल डेब्यू और बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस श्रेणी में नामांकन मिला।
बहुभाषी करियर और हॉलीवुड तक की छलांग
डेब्यू के बाद हुमा ने 'लव शव ते चिकन खुराना', 'एक थी डायन', 'डेढ़ इश्किया', 'बदलापुर' और 'जॉली एलएलबी 2' जैसी विविध फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने मराठी फिल्म 'हाइवे', तमिल फिल्मों 'काला' और 'वलिमाई' में भी काम करके अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की। 2021 में हॉलीवुड फिल्म 'आर्मी ऑफ द डेड' में उनकी भूमिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में भी स्थापित किया।
'महारानी' से ओटीटी पर राज और आगे का सफर
ओटीटी युग में हुमा को सबसे बड़ी पहचान वेब सीरीज़ 'महारानी' से मिली, जिसमें उन्होंने बिहार की महिला 'रानी भारती' का किरदार निभाया। भाषा, पहनावे और चाल-ढाल पर गहरी मेहनत करके उन्होंने इस किरदार को जीवंत किया और फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड जीता। 2023 में उन्होंने फिल्म 'तरला' में प्रसिद्ध शेफ तरला दलाल की भूमिका निभाई और 'मोनिका, ओ माय डार्लिंग' में भी नज़र आईं। अभिनय के अतिरिक्त हुमा ने अपनी किताब 'जेबा: एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो' भी प्रकाशित की है। यह ऐसे समय में आया है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म हिंदी सिनेमा में नए सितारे गढ़ रहे हैं — और हुमा उस बदलाव की अगली पंक्ति में खड़ी हैं।