अभिनव चतुर्वेदी ने कहा, धुरंधर जैसी फिल्मों का अनुभव केवल बड़े पर्दे पर ही अद्वितीय है
सारांश
Key Takeaways
- धुरंधर जैसी फिल्मों का अनुभव बड़े पर्दे पर अद्वितीय है।
- सिनेमा देश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करता है।
- अभिनव चतुर्वेदी ने आगामी फिल्म में जासूस का किरदार निभाया है।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। टीवी अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत में फिल्म धुरंधर की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अभिनेता ने कहा कि धुरंधर जैसी फिल्में सिनेमा हॉल में देखने का अनुभव बेहद खास है। यह इस बात का प्रमाण है कि सिनेमा आज भी जीवित है और इसका एक लंबा ऐतिहासिक सफर है। किसी उत्सव का आयोजन अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटना होती है।
दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की सराहना करते हुए अभिनव ने कहा कि इस समारोह ने एक नई मिसाल कायम की है। यहाँ पर इतिहास रचा जा रहा है और विभिन्न संस्कृतियों का भव्य संगम देखने को मिल रहा है।
अभिनव ने सिनेमा को देश की कहानी दुनिया तक पहुँचाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम बताते हुए कहा, "सिनेमा किसी भी देश का प्रतिनिधि होता है। लोग यहाँ आते हैं, एक-दूसरे से मिलते हैं और सौहार्दपूर्ण माहौल में संवाद करते हैं।"
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कई फिल्म समारोहों में भाग लिया है। थाईलैंड टूरिज्म इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ उनकी भागीदारी अविस्मरणीय रही। अभिनव ने कहा, "वहाँ का माहौल अद्भुत होता है। लोग सिनेमा के लिए आते हैं, मिलते हैं, चर्चाएं करते हैं, सवाल-जवाब होते हैं और ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए जाते हैं। वहाँ मनोरंजन के साथ-साथ नई चीजें भी सीखने को मिलती हैं।"
अभिनव चतुर्वेदी ने टेलीविजन और सिनेमा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "जब अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कौन बनेगा करोड़पति जैसे शो करते हैं, तो कपिल शर्मा अपने शो के माध्यम से सभी को हंसाते हैं। इन शो से हमें घर बैठे मनोरंजन मिलता है, लेकिन बड़े सिनेमा पर्दे का अपना अलग आनंद और महत्व है।"
अभिनेता ने अपनी आगामी फिल्म की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म मारवाह स्टूडियोज के तहत आएगी। उन्होंने कहा, "इस फिल्म में मैं पंडित जी का किरदार निभा रहा हूँ, जो एक जासूस है। मुझे स्क्रिप्ट इतनी शानदार लगी कि मैं इसे चुनने से खुद को रोक नहीं पाया। मैंने निर्देशक अशोक त्यागी से कहा कि मेरे किरदार को जिस तरह लिखा गया है, उसमें मेरे कुछ सुझाव हैं। जब कोई अभिनेता अपनी राय देता है, तो वह टीम का हिस्सा बन जाता है। बाकी सब प्रक्रिया है। अच्छा काम करते रहना चाहिए।"
अभिनव चतुर्वेदी ने आत्मविश्वास से कहा, "हमें पश्चिम से कोई प्रमाणपत्र नहीं चाहिए कि हम एक समाज हैं या विश्व गुरु हैं। हर बच्चा अपने आप में एक गुरु है। मैं खुद एक कैमरा पर्सन भी हूँ, जो चीजें आपको सचमुच प्रेरित करती हैं, वही सच्चाई है। यह सिर्फ दिखावा नहीं है। यह मेरा देश है।"