अनुपम खेर का दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जलवा, 'तन्वी द ग्रेट' की सफलता पर खुशी
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का महत्व
- फिल्म 'तन्वी द ग्रेट' की सफलता
- अनुपम खेर का योगदान
- सांस्कृतिक धरोहर की जागरूकता
- फिल्म उद्योग में नई संभावनाएं
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र प्रेस के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
अनुपम ने कहा, "यह आयोजन बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन मुझे खुशी है कि मेरे मित्र विपिन मिश्रा जी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने इसकी शुरुआत की। यह स्थान और इस तरह के फिल्म उत्सव के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।"
उन्होंने बताया कि पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया दिल्ली में ही होता था, जब वे ड्रामा स्कूल के छात्र थे। उन्होंने कहा, "यह जगह बहुत सुंदर है और यहां का वातावरण भी अद्भुत है।"
अनुपम ने अपनी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ की सफलता पर भी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मुझे बहुत खुशी है कि मेरी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ यहां प्रदर्शित हो रही है। मैं अपनी मास्टर क्लास का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। आज शाम के कॉन्क्लेव सेशन और कल की स्क्रीनिंग को लेकर भी मैं बहुत उत्साहित हूं।"
उन्होंने कहा कि इस तरह के फिल्म उत्सव लोगों को एकत्रित करने का कार्य करते हैं और साथ ही, यह शहर की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। अनुपम ने कहा, "दिल्ली एक समृद्ध और विविधता भरा शहर है। इस तरह के आयोजन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।"
फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ की सफलता पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि फिल्म ने थिएटर में 25 हफ्ते पूरे कर लिए हैं, जो कि इस फिल्म की सिल्वर जुबली है। अनुपम ने कहा, "मेरा मानना है कि फिल्म को सीमित थिएटर में चलाना चाहिए। फिल्म का दोबारा रिलीज होना और फिर 25 हफ्ते तक चलना बहुत अच्छी बात है। अमेजन प्राइम पर रिलीज होने के अलावा यह उपलब्धि और भी खास है। हमने एक ट्रॉफी भी बनाई है और उसे वितरित करेंगे।"
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर काम करने के बारे में पूछे जाने पर अनुपम खेर ने कहा, "निर्देशक और अभिनेता अपने कंटेंट या अभिनय कौशल के साथ ज्यादा प्रयोगात्मक हो जाते हैं। उत्कृष्ट कलाकार हर प्लेटफॉर्म पर अच्छे ही रहेंगे और कमजोर अभिनेता हमेशा कमजोर रहेंगे, लेकिन यह सच है कि कमजोर अभिनेता के अच्छे बनने की संभावना हमेशा होती है।"