ऐश्वर्या राय और रानी मुखर्जी की दोस्ती: वर्ल्ड टूर से शुरू हुआ रिश्ता 'चलते-चलते' विवाद में टूटा
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की दो दिग्गज अभिनेत्रियों — ऐश्वर्या राय बच्चन और रानी मुखर्जी — की दोस्ती कभी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित मित्रताओं में गिनी जाती थी। एक इंटरनेशनल वर्ल्ड टूर के दौरान करीब 45 दिन साथ बिताने से पनपी यह दोस्ती, खबरों के मुताबिक, 2003 में फिल्म 'चलते-चलते' की कास्टिंग विवाद के बाद बिखर गई।
वर्ल्ड टूर ने बनाई गहरी दोस्ती
ऐश्वर्या ने टीवी शो 'जीना इसी का नाम है' में दिए एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि एक इंटरनेशनल कॉन्सर्ट टूर के दौरान वे और रानी लगभग 45 दिनों तक साथ रहीं। उन्होंने कहा था, 'असल में, दो साल पहले हम एक बार मिले थे। वह भी बहुत मिलनसार लड़की है। बहुत दोस्ताना। बहुत सहज भी। हमारे बीच कोई झिझक नहीं है।'
ऐश्वर्या ने यह भी जोड़ा था, 'शो के दौरान, हमें लगभग 45 दिनों तक साथ रहने का मौका मिला। हम परफॉर्म कर रहे थे, काम कर रहे थे, साथ रह रहे थे, और वहीं से हमारा रिश्ता और गहरा हुआ। हम अपने परिवारों के साथ थे।' उन्होंने इस धारणा को भी खारिज किया था कि एक ही इंडस्ट्री की अभिनेत्रियाँ सच्ची दोस्त नहीं हो सकतीं।
रानी का भावुक संदेश
उसी शो में रानी मुखर्जी ने एक वीडियो मैसेज के ज़रिए ऐश्वर्या के लिए अपनी भावनाएँ साझा की थीं। रानी ने कहा था, 'आप जानती हैं कि मैं आपसे प्यार करती हूं। मुझे बहुत अफसोस है कि मैं शो के लिए नहीं आ पाई क्योंकि मेरी तबीयत ठीक नहीं है।' उन्होंने आगे कहा था, 'ऐश, मैं बस आपसे प्यार करती हूं। मैं बस एक बात कहना चाहती हूं कि हम हमेशा दोस्त रहेंगी।'
'चलते-चलते' बनी दरार की वजह
खबरों के मुताबिक, यह दोस्ती 2003 में एक अहम मोड़ पर आकर टूट गई। शाहरुख खान अभिनीत फिल्म 'चलते-चलते' में शुरुआत में फीमेल लीड के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन को कास्ट किया गया था, लेकिन कथित तौर पर बाद में उनकी जगह रानी मुखर्जी को लिया गया। यह घटना दोनों अभिनेत्रियों के बीच दूरी की शुरुआत बनी।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय की बात है जब बॉलीवुड में फीमेल लीड की भूमिकाओं को लेकर प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर थी। कास्टिंग में इस तरह के बदलाव अक्सर परदे के पीछे तनाव की वजह बनते रहे हैं।
बॉलीवुड की चर्चित मित्रता का अंत
जो दोस्ती एक इंटरनेशनल वर्ल्ड टूर की यादों और परिवारों के साथ बिताए 45 दिनों की नींव पर खड़ी थी, वह कथित तौर पर बॉलीवुड के सबसे चर्चित विवादों में से एक बन गई। दोनों अभिनेत्रियाँ इसके बाद एक-दूसरे से दूर हो गईं और यह दोस्ती सार्वजनिक रूप से फिर कभी उस मुकाम पर नहीं लौटी। आज भी यह किस्सा हिंदी सिनेमा के उस दौर की याद दिलाता है जब परदे के पीछे की राजनीति अक्सर परदे के सामने की दोस्ती पर भारी पड़ जाती थी।