रक्षाबंधन 2026: अक्षय म्हात्रे ने बताया — पिता की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं राखी बहनों के साथ
सारांश
मुख्य बातें
अक्षय म्हात्रे, जो इन दिनों अनमोल टीवी के शो 'हमारी राधा' में गिरधर की भूमिका निभा रहे हैं, ने रक्षाबंधन को लेकर एक भावुक और अनूठी बात साझा की — उनके लिए यह त्योहार केवल एक रस्म नहीं, बल्कि पिता से विरासत में मिली एक जीवंत परंपरा है। 28 अगस्त को मनाए जा रहे रक्षाबंधन से पहले अक्षय ने अपने इस खास रिश्ते की कहानी साझा की।
पिता से मिली परंपरा की नींव
अक्षय म्हात्रे की कोई सगी बहन नहीं है, फिर भी हर साल वह रक्षाबंधन पूरे उत्साह से मनाते हैं। इसकी जड़ें उनके पिता के जीवन में हैं। अक्षय ने बताया, 'मेरे पिता की भी कोई सगी बहन नहीं थी, लेकिन बचपन में उनके मोहल्ले की कुछ लड़कियाँ उन्हें राखी बाँधती थीं। समय के साथ ये रिश्ते मेरे पिता के लिए बेहद खास बन गए।'
यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। अक्षय ने कहा, 'इसी खूबसूरत परंपरा को मैंने भी अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना लिया और आज मैं अपनी राखी बहनों के साथ हर साल रक्षाबंधन मनाता हूँ।'
राखी का रिश्ता — रस्म नहीं, एहसास
अक्षय के लिए राखी का बंधन भावनात्मक गहराई रखता है। उनके शब्दों में, 'मेरे लिए राखी का रिश्ता सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि इन रिश्तों की अपनी ज़िंदगी में काफी अहमियत है। हर साल मैं इस दिन को खास तरीके से मनाने की कोशिश करता हूँ।'
उन्होंने जोड़ा, 'ऐसा लगता है, जैसे मैं उस खूबसूरत परंपरा को आगे बढ़ा रहा हूँ, जिसकी शुरुआत मेरे पिता ने की थी।' यह भावना उनके उत्सव को महज एक सामाजिक औपचारिकता से अलग करती है।
गिफ्ट चुनने की जिम्मेदारी — पिता से पत्नी तक
अक्षय ने एक दिलचस्प बात यह भी बताई कि पहले राखी बहनों के लिए उपहार चुनने में उनके पिता मदद किया करते थे। अब यह भूमिका उनकी पत्नी ने खुशी-खुशी सँभाल ली है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने अपनी राखी बहनों को सिल्वर जूलरी गिफ्ट की थी, जो उन्हें बहुत पसंद आई।
अक्षय के अनुसार, 'रक्षाबंधन की खूबसूरती यही है कि कुछ परंपराएँ प्यार और उनसे जुड़ी यादों की वजह से खास बन जाती हैं।'
रक्षाबंधन 2026 — त्योहार का महत्व
इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। यह पर्व सावन महीने की पूर्णिमा को आता है, जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं और भाई उन्हें उपहार देते हैं। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और परस्पर सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।
अक्षय म्हात्रे जैसे कलाकारों की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि रक्षाबंधन की भावना रक्त-संबंध से परे, भावनात्मक बंधनों में भी उतनी ही सच्ची होती है।