क्या अनिल अग्रवाल के बेटे के निधन पर मनोज मुंतशिर का दर्द छलका?
सारांश
Key Takeaways
- अग्निवेश अग्रवाल का आकस्मिक निधन एक बड़ा सदमा है।
- मनोज मुंतशिर ने संतान के खोने के दर्द को व्यक्त किया।
- जीवन की अनिश्चितता को समझना आवश्यक है।
- परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
- हमेशा प्रियजनों के साथ बिताए समय का मूल्य समझें।
मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन से देशभर में शोक की लहर है। अमेरिका में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर प्रसिद्ध गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया।
मनोज मुंतशिर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो साल पहले अनिल अग्रवाल के परिवार के साथ मनाई गई होली की तस्वीर साझा कर अपने दर्द को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "कभी-कभी हंसी और खुशी की उम्र इतनी छोटी होती है कि पलभर में सब कुछ बदल जाता है। यह तस्वीर केवल दो साल पहले की है, जब हम धूमधाम से होली मना रहे थे।"
अनिल अग्रवाल और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल की पीड़ा का उल्लेख करते हुए, मनोज ने कहा, "आज अनिल अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी किरन जी, अपने जीवन के सबसे अंधेरे और दुखद क्षण में एक-दूसरे का हाथ थामे खड़े हैं। विश्वास नहीं होता कि जिस बच्चे को कल गोद में उठाया था, आज उसे कंधों पर उठाना है।"
मनोज ने अग्निवेश को याद करते हुए लिखा कि वह केवल 49 वर्ष की आयु में इस दुनिया को छोड़ गए। उन्होंने संतान के खोने के दर्द को असहनीय बताते हुए कहा, "शब्दकोश में ऐसा कुछ नहीं है जिससे हम संतान-शोक की पीड़ा कम कर सकें, लेकिन हम ईश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि आपको इस असहनीय वेदना को सहने की शक्ति दें।"
अग्निवेश वेदांता ग्रुप की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड में शामिल थे।
अनिल अग्रवाल ने इस घटना को अपनी ज़िंदगी का सबसे काला दिन कहा। उन्होंने लिखा कि अग्निवेश एक स्कीइंग हादसे के बाद न्यूयॉर्क के अस्पताल में उपचाराधीन थे, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट से सब कुछ बदल गया। परिवार के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है।