'गांधी, माई फादर' के 19 साल: अनिल कपूर बोले — अक्षय खन्ना हमारे सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक
सारांश
मुख्य बातें
बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म 'गांधी, माई फादर' ने 3 अगस्त 2026 को अपनी रिलीज़ के 19 वर्ष पूरे किए। इस खास मौके पर फिल्म के निर्माता अनिल कपूर ने इंस्टाग्राम के ज़रिए जश्न मनाया और अभिनेता अक्षय खन्ना को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में से एक करार दिया।
अनिल कपूर की भावभीनी श्रद्धांजलि
अनिल कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा, 'अगर आपने अभी तक इस फिल्म को नहीं देखा है, तो मुझे सच में उम्मीद है कि आप इसे देखेंगे। यह एक ऐसी फिल्म है जिस पर मुझे बहुत गर्व है, और यह मेरे साथ हमेशा रहेगी। आपको यह जहां भी मिले, इसे ज़रूर देखें।' स्टोरीज़ की दूसरी स्लाइड में उन्होंने अक्षय खन्ना के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की।
तस्वीर के साथ कपूर ने लिखा, 'आज अक्षय खन्ना को दर्शकों की तरफ से ढेर सारे प्यार को देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैंने हमेशा माना है कि वह हमारे सबसे अच्छे एक्टर्स में से एक हैं और फिल्म 'गांधी, माई फादर' में उन्होंने सच में कमाल की अदाकारी की थी।'
फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि
यह फिल्म 2007 में निर्देशक फिरोज़ अब्बास खान ने बनाई थी और इसे अनिल कपूर ने निर्मित किया था। फिल्म महात्मा गांधी और उनके सबसे बड़े पुत्र हरिलाल गांधी के बीच के जटिल, तनावपूर्ण और भावनात्मक रिश्ते पर केंद्रित है। मुख्य भूमिका में अक्षय खन्ना के साथ दर्शन जरीवाला, भूमिका चावला और शेफाली शाह ने अहम किरदार निभाए।
फिल्म में हरिलाल गांधी के संघर्ष को बेहद मार्मिक ढंग से उकेरा गया है — एक ऐसे बेटे की कहानी जो अपने पिता की विशाल छाया और उनके कठोर सिद्धांतों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने के लिए जूझता रहा। वैचारिक मतभेदों के चलते पिता-पुत्र के बीच बढ़ती दूरियाँ, हरिलाल का शराब की लत में डूबना और उनका अकेलापन — इन सभी पहलुओं को फिल्म ने संवेदनशीलता के साथ दर्शाया है।
महात्मा गांधी का एक अलग चेहरा
गौरतलब है कि यह फिल्म महात्मा गांधी की महानता का गुणगान करने की बजाय उन्हें एक आम इंसान और पिता के रूप में प्रस्तुत करती है। यह ऐसे समय में आई थी जब गांधी पर बनने वाली अधिकांश फ़िल्में उनके राजनीतिक जीवन पर केंद्रित रहती थीं। इस फिल्म ने उनके निजी जीवन के उस पहलू को उजागर किया जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है।
दर्शकों और समीक्षकों की प्रतिक्रिया
फिल्म को अपनी रिलीज़ के समय समीक्षकों की व्यापक सराहना मिली थी, विशेष रूप से अक्षय खन्ना के अभिनय को। 19 वर्ष बाद भी दर्शकों का इस फिल्म के प्रति प्रेम बरकरार है, जो इसकी कालजयी कथा का प्रमाण है। अनिल कपूर के ताज़ा पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस वर्षगाँठ के बहाने फिल्म को किसी नए प्लेटफॉर्म पर पुनः प्रस्तुत किया जाएगा या इसकी विरासत को किसी और रूप में सहेजा जाएगा।