अंजुमन सक्सेना ने कहा- विवाह कोई लाइसेंस नहीं, पति-पत्नी के बीच सहमति आवश्यक है

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अंजुमन सक्सेना ने कहा- विवाह कोई लाइसेंस नहीं, पति-पत्नी के बीच सहमति आवश्यक है

सारांश

अंजुमन सक्सेना ने वेब सीरीज 'चिरैया' में विवाहिक बलात्कार पर अपनी भूमिका के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि विवाह में सहमति और आपसी समझ कितनी महत्वपूर्ण हैं।

मुख्य बातें

सहमति का महत्व विवाह में अनुशासन और मेहनत का महत्व अभिनय में थिएटर से मिली सीख अंजुमन के आने वाले प्रोजेक्ट्स समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता

मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में संजय मिश्रा और दिव्या दत्ता के साथ रिलीज हुई वेब सीरीज 'चिरैया' ने विवाहिक बलात्कार जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा को आगे बढ़ाया है। इस फिल्म में अपनी संवेदनशील और प्रभावशाली भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री अंजुमन सक्सेना ने राष्ट्र प्रेस से संवाद करते हुए फिल्म की अनोखी थीम, अपने किरदार की प्रासंगिकता, अभिनय यात्रा, थिएटर से मिली सीख और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर अपने विचार साझा किए।

'चिरैया' एक ऐसी कथा है जो विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच सहमति और आपसी समझ जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है, जो आज भी समाज में खुलकर चर्चा का विषय नहीं बन पाता। अंजुमन ने कहा, “जब कास्टिंग डायरेक्टर रोमिल ने मुझे कॉल किया और स्क्रिप्ट सुनाई, तो मैं तुरंत सहमत हो गई। मुझे लगा कि यह एक ऐसा किरदार है जो आज की आम महिला की सच्चाई को दर्शाता है। विवाह का मतलब यह नहीं होता कि खुशखबरी कब सुना रहे। असल में, दो लोग हैं जिन्हें एक-दूसरे को जानने-समझने का समय चाहिए। सहमति बेहद आवश्यक है। विवाह कोई लाइसेंस नहीं है। महिलाओं के पास भी अपनी सोच और इच्छाएं होती हैं। यह संदेश समाज में फैलाना आवश्यक है। इसलिए मैंने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का निर्णय लिया।”

वेब सीरीज की थीम पर अंजुमन ने आगे कहा कि आजकल बॉलीवुड में ऐसी कहानियों का निर्माण कम होता है। उन्होंने कहा, “यह विषय महत्वपूर्ण है, लेकिन लोग इससे दूर भागते हैं। फिल्म यह दर्शाती है कि विवाह के बाद भी दोनों की सहमति और सम्मान अनिवार्य हैं। यह गुड्डे-गुड़िया का खेल नहीं है।”

अंजुमन ने यह भी कहा कि अभिनय में अनुशासन और मेहनत सबसे आवश्यक हैं। थिएटर ने उन्हें सिखाया कि काम को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए।

उन्होंने इस तरह के किरदार निभाने से मिलने वाली संतोष की बात भी की, क्योंकि इससे समाज में जागरूकता फैलती है। अभिनय के सफर पर बात करते हुए अंजुमन ने थिएटर, टीवी और सिनेमा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “थिएटर में रिटेक नहीं होता। आपको एक बार में सब कुछ सही करना होता है। दर्शक सामने होते हैं, इसलिए रिहर्सल, अनुशासन और डायलॉग पर गहरा काम करना पड़ता है। यह अभिनय की असली ट्रेनिंग होती है। थिएटर करने वाले कलाकारों में एक अलग गंभीरता और परिपक्वता आती है। हालांकि, बॉलीवुड में भी कलाकार बहुत मेहनत करते हैं।”

अंजुमन ने अपने करियर के बारे में कहा कि उन्हें ईश्वर की कृपा से अधिक संघर्ष नहीं करना पड़ा। टीवी से शुरुआत करने के बाद उन्हें विज्ञापनों और फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने कहा, “मैं काम के पीछे भागी नहीं, लेकिन भगवान की कृपा से काम आता रहा। यदि दर्शकों को पसंद आया, तो डायरेक्टर्स ने मुझे नोटिस किया। टीवी के दौरान घर और परिवार में व्यस्त रहने से थिएटर में ब्रेक लगा, लेकिन बाद में मैंने वापसी की। आज मैं टीवी, फिल्म और विज्ञापनों में अपने काम को निखारते हुए देख रही हूं।”

अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में बात करते हुए अंजुमन ने बताया कि उनकी फिल्म 'रफ्तार' जुलाई में रिलीज होने वाली है, जिसमें वह राजकुमार राव की मां का किरदार निभा रही हैं। यह भी एक अलग तरह की कहानी है। इसके अलावा, एक अनाउंस्ड फिल्म पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा, “दर्शकों को मजेदार और अलग कहानियां मिलती रहेंगी। अच्छा काम आता रहेगा, और हम करते रहेंगे।”

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंजुमन सक्सेना कौन हैं?
अंजुमन सक्सेना एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं, जिन्होंने हाल ही में 'चिरैया' वेब सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वेब सीरीज 'चिरैया' का विषय क्या है?
'चिरैया' विवाहिक बलात्कार और पति-पत्नी के बीच सहमति पर आधारित है।
अंजुमन का क्या कहना है सहमति के बारे में?
अंजुमन ने कहा कि विवाह कोई लाइसेंस नहीं है और सहमति बहुत जरूरी है।
अंजुमन का करियर किस प्रकार का रहा है?
अंजुमन ने टीवी, थिएटर और फिल्मों में अपने अभिनय सफर का विस्तार से उल्लेख किया है।
उनके अगले प्रोजेक्ट्स कौन से हैं?
उनकी आगामी फिल्म 'रफ्तार' है, जो जुलाई में रिलीज होगी।
राष्ट्र प्रेस