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अनुपम खेर ने 71 की उम्र में अमेरिका के रैले में चढ़ी 35 फीट ऊंची दीवार, बोले — 'मानव जज्बे की जीत'

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अनुपम खेर ने 71 की उम्र में अमेरिका के रैले में चढ़ी 35 फीट ऊंची दीवार, बोले — 'मानव जज्बे की जीत'

सारांश

71 साल की उम्र में अनुपम खेर ने अमेरिका के रैले में 35 फीट ऊंची इनडोर क्लाइंबिंग दीवार फतह कर साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। शिमला की पहाड़ियों पर पले उस बच्चे ने एक बार फिर हौसले का परचम लहराया।

मुख्य बातें

अभिनेता अनुपम खेर ने 71 वर्ष की आयु में अमेरिका के रैले, नॉर्थ कैरोलाइना में 35 फीट ऊंची इनडोर रॉक क्लाइंबिंग दीवार पर चढ़ाई की।
इंस्ट्रक्टर हरमन के प्रोत्साहन पर उन्होंने चुनौती स्वीकार की, हालांकि पहले खुद पर संशय था।
खेर ने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर साझा कर इसे 'मानव जज्बे की जीत' बताया।
उन्होंने शिमला की पहाड़ियों पर बचपन बिताने की यादों को इस साहस का स्रोत बताया।
पोस्ट में उन्होंने सभी से आग्रह किया कि संदेह से परे जाकर खुद को नए अवसर दें।

अभिनेता अनुपम खेर ने 71 वर्ष की आयु में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना राज्य के रैले शहर के एक मॉल में 35 फीट ऊंची इनडोर रॉक क्लाइंबिंग दीवार फतह कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की। उन्होंने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए इसे 'मानव जज्बे की जीत' करार दिया।

क्या हुआ रैले के मॉल में

खेर ने बताया कि जब वे उस 35 फीट ऊंची दीवार के सामने खड़े थे, तो उन्होंने देखा कि ज़्यादातर लोग शीर्ष तक पहुंचने में नाकाम रह रहे थे। उनके इंस्ट्रक्टर हरमन ने उन्हें प्रयास करने के लिए प्रेरित किया, तब भी उनके मन में संशय था। लेकिन उन्होंने खुद को एक मौका देने का फैसला किया।

अभिनेता ने लिखा, 'कभी-कभी किसी चुनौती को देखकर हम कोशिश करने से पहले ही यह तय कर लेते हैं कि हम ये नहीं कर सकते।' सुरक्षा बेल्ट बंधी होने के बावजूद हर कदम उन्हें हाथों-पैरों की पूरी ताकत से उठाना पड़ा — उन्होंने माना कि ऊपर देखना और एक-एक पकड़ बनाते हुए वहाँ तक पहुंचना बिल्कुल अलग अनुभव होता है।

शिमला के उस लड़के की याद

खेर ने बताया कि इस चुनौती ने उन्हें शिमला की पहाड़ियों पर चढ़ते हुए बड़े होने वाले उस लड़के की याद दिला दी। उन्होंने लिखा, 'मुझे वो लड़का याद आया जो शिमला की पहाड़ियों पर चढ़ते हुए बड़ा हुआ था और मैंने सोचा, चलो, कोशिश करता हूं। अब 71 साल हो गई तो क्या हुआ।'

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड के कई वरिष्ठ कलाकार अपनी उम्र को परे रखकर शारीरिक चुनौतियाँ स्वीकारते दिख रहे हैं। गौरतलब है कि खेर पहले भी अपनी फिटनेस और सकारात्मक मानसिकता के लिए सोशल मीडिया पर सराहे जाते रहे हैं।

शीर्ष तक पहुंचने का अहसास

खेर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि जब वे दीवार के सबसे ऊपर पहुंचे, तो उन्हें गहरा गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा, 'मैंने खुद को ये जानने का मौका दिया कि मैं अभी भी क्या कर सकता हूं। इसी को कहते हैं मानव जज्बे की जीत।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भरोसा करने से चढ़ाई आसान नहीं होती, लेकिन इससे शुरू करने और मुश्किल वक्त में आगे बढ़ते रहने की हिम्मत जरूर मिलती है। उनका कहना था कि हमारे मन और हौसले में अनगिनत संभावनाएं छिपी होती हैं, जिन्हें संदेह के कारण हम कभी आज़माते ही नहीं।

प्रेरणादायक संदेश

खेर ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे खुद को ऐसे मौके ज़रूर दें। उन्होंने लिखा, 'आज 71 साल की उम्र में मैं उस दीवार से उतरा तो खुद पर और अपनी काबिलियत पर थोड़ा और भरोसा बढ़ गया। हमें खुद को ये मौका जरूर देना चाहिए।'

यह पोस्ट उनके करोड़ों प्रशंसकों के बीच तेज़ी से वायरल हुई और उम्र से परे अपनी सीमाओं को चुनौती देने के संदेश के रूप में व्यापक सराहना पाई। खेर की यह यात्रा उनकी उस सोच को दर्शाती है कि जीवन में किसी भी उम्र में नई शुरुआत की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यधारा की कवरेज इसके पीछे के उस गहरे संदेश को अक्सर चूक जाती है — कि आत्म-संदेह उम्र से नहीं, मानसिकता से जन्म लेता है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुपम खेर ने अमेरिका में क्या किया?
अनुपम खेर ने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना राज्य के रैले शहर के एक मॉल में 35 फीट ऊंची इनडोर रॉक क्लाइंबिंग दीवार पर 71 वर्ष की आयु में सफलतापूर्वक चढ़ाई की। उन्होंने इस अनुभव का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया।
अनुपम खेर ने इस चुनौती को क्यों स्वीकार किया?
खेर ने बताया कि वे खुद के अंदर की ताकत जानना चाहते थे। इंस्ट्रक्टर हरमन के प्रोत्साहन और शिमला की पहाड़ियों पर बचपन बिताने की यादों ने उन्हें प्रेरित किया। उनका कहना था कि संशय के बावजूद कोशिश करना ज़रूरी है।
अनुपम खेर ने 'मानव जज्बे की जीत' से क्या मतलब निकाला?
खेर के अनुसार, जब हम आत्म-संदेह से ऊपर उठकर किसी चुनौती का सामना करते हैं और सफल होते हैं, तो वह मानव जज्बे की जीत है। उन्होंने कहा कि भरोसा रखने से चढ़ाई आसान नहीं होती, लेकिन शुरू करने और आगे बढ़ते रहने की हिम्मत ज़रूर मिलती है।
अनुपम खेर इस समय कहाँ हैं?
अनुपम खेर इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं और अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना में थे, जहाँ उन्होंने रैले शहर में यह रॉक क्लाइंबिंग अनुभव लिया।
अनुपम खेर का यह वीडियो कहाँ देख सकते हैं?
अनुपम खेर ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया है, जहाँ उन्होंने पूरे अनुभव का विवरण और अपना प्रेरणादायक संदेश भी साझा किया।
राष्ट्र प्रेस
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