समृद्धि महामार्ग पर अनुपम खेर अभिभूत, बोले- 'भारत में दूरियां घट रही हैं, संभावनाएं बढ़ रही हैं'
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर शिरडी से नागपुर तक की सड़क यात्रा का अनुभव इंस्टाग्राम पर साझा किया और इसे 'शानदार व यादगार' करार दिया। उन्होंने कार ड्राइव का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि इस सफर ने उन्हें उम्मीद, गर्व और भविष्य को लेकर उत्साह से भर दिया।
अनुपम खेर ने क्या कहा
खेर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'मैंने शिरडी से नागपुर तक सड़क मार्ग से यात्रा की, और यह सफर बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग पर था। क्या ही शानदार अनुभव था। सड़कें बेहद अच्छी हैं, यात्रा सुगम थी और समय की बचत ने मुझे यह महसूस कराया कि भारत में अब दूरियां कम हो रही हैं और संभावनाएं बढ़ रही हैं।'
उन्होंने आगे लिखा, 'प्रगति हमेशा बड़े शोर-शराबे के साथ सामने नहीं आती। कई बार विकास का एहसास तब होता है जब कोई व्यक्ति आरामदायक सफर करता है, समय पर अपनी मंजिल तक पहुंचता है और महसूस करता है कि उसके आसपास कितना बदलाव आ चुका है।'
खेर की एकमात्र शिकायत
अभिनेता ने इस शानदार अनुभव के बीच एक अहम सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा, 'इस पूरे सफर पर बस एक चीज की जरूरत है — रास्ते में खाने-पीने के आउटलेट्स की।' यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि 701 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की अभी भी गुंजाइश है।
समृद्धि महामार्ग: महाराष्ट्र की महत्वाकांक्षी परियोजना
बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है। लगभग 701 किलोमीटर लंबा यह छह लेन वाला आधुनिक एक्सप्रेसवे मुंबई और नागपुर को सीधे जोड़ता है। इस महामार्ग के बनने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय उल्लेखनीय रूप से घटकर लगभग आठ घंटे रह गया है, जो पहले काफी अधिक हुआ करता था।
आम जनता और कनेक्टिविटी पर असर
गौरतलब है कि यह एक्सप्रेसवे न केवल दो महानगरों को जोड़ता है, बल्कि महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र जैसे पिछड़े क्षेत्रों को भी आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का काम करता है। अनुपम खेर जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्व का यह अनुभव इस बुनियादी ढाँचे की व्यावहारिक उपयोगिता को रेखांकित करता है। देश में बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर यह सफर एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।