क्या ग्रामोफोन से स्पॉटिफाई और रेडियो से ओटीटी तक, अनुपम खेर ने अपनी पीढ़ी का सफर बताया?
सारांश
Key Takeaways
- अनुपम खेर ने अपनी पीढ़ी के अनुभव साझा किए।
- तकनीक में बदलाव को अपनाना महत्वपूर्ण है।
- सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने की क्षमता।
- फैशन और संस्कृति के बदलते दौर में खुद को ढालना।
- जीवन के हर अनुभव से सीखना चाहिए।
मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता अनुपम खेर ने रविवार को इंस्टाग्राम पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए अपनी पीढ़ी की विशेषताओं पर चर्चा की। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि 60, 70 और 80 के दशकों में जन्मी उनकी पीढ़ी अनोखी है, क्योंकि इसने जीवन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन और अनुभव देखे हैं। आज की युवा पीढ़ी कभी-कभी उनके पुराने तरीकों को पिछड़ा मानती है, लेकिन उनके अनुभव और जीवन की समझ उन्हें विशेष बनाते हैं।
अनुपम खेर ने कहा, "जीवन की लंबी यात्रा और अनुभव के चलते हमारी पीढ़ी के लोग मुश्किल हालात में भी खुद को संभालना जानते हैं और परिवर्तन को अपनाने में सक्षम हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हमारी पीढ़ी ने आठ विभिन्न दशकों का सामना किया है। मैंने दो अलग-अलग शताब्दियों का अनुभव किया है। चाहे राजनीतिक, सामाजिक या तकनीकी परिवर्तन हो, हमारी पीढ़ी ने सब कुछ देखा और उससे अपने जीवन के लिए सीख ली। यही अनुभव और समझ हमारी पीढ़ी को खास बनाती है।"
इसके बाद, अनुपम खेर ने तकनीक और जीवनशैली में आए परिवर्तनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हमारी पीढ़ी ने पुराने ग्रामोफोन से लेकर आज के स्पॉटिफाई, रेडियो से 3डी और एचडी टीवी, हाथ से लिखे गए पत्रों से वॉट्सऐप और पुराने कैसेट से ओटीटी प्लेटफॉर्म तक का सफर देखा है। हमारी पीढ़ी ने तकनीक के हर परिवर्तन को अपनाया और खुद को उसके अनुसार ढाला। इसलिए हम डिजिटल दुनिया में भी सहजता से रह सकते हैं।"
इसके अलावा, अनुपम खेर ने अपनी पीढ़ी के फैशन अनुभव पर भी बात की। उन्होंने कहा, "मेरे बचपन में मैंने शॉर्ट्स पहने, फिर ऑक्सफोर्ड फ्लेयर्स और ब्लू जीन्स आए। आज भी मैं ब्लू जीन्स पहनता हूँ और इसे गर्व से अपनाता हूँ। हमारी पीढ़ी ने न केवल तकनीक और जीवनशैली में बदलाव देखे हैं, बल्कि खुद को फैशन और संस्कृति के बदलते दौर के साथ भी ढाला है।"
उन्होंने स्वास्थ्य और जीवन की चुनौतियों पर भी जोर दिया। अनुपम खेर ने कहा, "हमारी पीढ़ी ने पैरालिसिस, मेनिन्जाइटिस, पोलियो, तपेदिक, स्वाइन फ्लू और कोविड-19 जैसी कई बीमारियों का सामना किया है। इन चुनौतियों के बावजूद, हमारी पीढ़ी ने जीवन का सामना किया और मुश्किल हालात में भी मजबूत बनी रही।"
उन्होंने बताया कि उनका बचपन एनालॉग था, लेकिन उनकी जवानी और एडल्टहुड पूरी तरह डिजिटल है। हमारी पीढ़ी परिवर्तन के अनुसार खुद को ढालने में माहिर है और हर चुनौती का सामना कर सकती है।