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क्या अपूर्व लाखिया के साथ स्काइडाइविंग के दौरान पैराशूट ने धोखा दिया?

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क्या अपूर्व लाखिया के साथ स्काइडाइविंग के दौरान पैराशूट ने धोखा दिया?

सारांश

डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने एक ऐसे अनुभव का जिक्र किया, जब स्काइडाइविंग करते समय उनका पैराशूट खुलने में विफल रहा। इस घटना के दौरान उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए क्या किया, जानिए इस दिलचस्प कहानी में।

मुख्य बातें

धैर्य: आपात स्थितियों में घबराना नहीं चाहिए।
समझदारी से निर्णय लेना: सही निर्णय जीवन बचा सकता है।
प्रशिक्षण का महत्व: प्रशिक्षित होना हमेशा फायदेमंद होता है।
सुरक्षा: हमेशा रिजर्व पैराशूट का उपयोग करें।
अनुभव से सीखें: हर अनुभव एक सीख होता है।

मुंबई, 6 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'हसीना पारकर' जैसी चर्चित फिल्मों के लिए जाने जाने वाले डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने एक अनोखा किस्सा सुनाया, जिसमें उन्होंने स्काइडाइविंग करते समय एक गंभीर हादसे का सामना किया।

हाल में, अपूर्व लाखिया कॉमेडियन सायरस ब्रोचा के पॉडकास्ट में आए, जहां उन्होंने अपने अनुभव को साझा किया। अपूर्व ने बताया कि एक बार जब वह स्काइडाइविंग कर रहे थे, तो उनका पैराशूट समय पर नहीं खुला, जिससे वह तेजी से नीचे गिरे और उनके पैर में चोट लग गई।

अपूर्व लाखिया ने कहा, "यह घटना थाईलैंड में हुई थी। जब आप 14,000 या 16,000 फीट की ऊंचाई से स्काइडाइविंग करते हैं, तो पैराशूट खुलने से पहले एक टेस्ट किया जाता है। पैराशूट के दोनों साइड में 'डोंगल्स' होते हैं, जो गाड़ी के स्टीयरिंग की तरह काम करते हैं।"

उन्होंने आगे समझाया, "पहले आप बाएं डोंगल को खींचते हैं, तो पैराशूट बाईं ओर मुड़ता है। फिर दाहिने को खींचते हैं, तो दाईं ओर मुड़ता है। अंत में, ब्रेक खींचते हैं जिससे पैराशूट धीरे-धीरे नीचे उतरता है। लेकिन जब मैंने बाएं डोंगल को खींचा, तो वह हाथ में ही निकल गया। अब मेरे पास पैराशूट को नियंत्रित करने का कोई तरीका नहीं रह गया था।"

अपूर्व ने बताया, "अगर मैंने सही समय पर कुछ नहीं किया होता, तो मेरी जान जा सकती थी। लेकिन मैं घबराया नहीं, क्योंकि हमें सिखाया गया है कि ऐसी स्थिति में घबराना नहीं चाहिए। इस प्रकार की स्थिति में प्लान 'बी' होता है, जिसमें पुराने पैराशूट को छोड़कर रिजर्व पैराशूट खोलना होता है।"

उन्होंने कहा कि एक समस्या थी। पुराना पैराशूट उनके वजन के अनुसार था, जो लगभग 100 किलोग्राम था, जबकि पैराशूट की क्षमता 280 किलोग्राम थी। लेकिन रिजर्व पैराशूट केवल 100 किलोग्राम तक का था, जिससे वह तेजी से नीचे गिरे और चोटिल हो गए।

हालांकि, अपूर्व लाखिया ने बताया कि इस हादसे में लगी चोट जल्द ही ठीक हो गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

अपूर्व लाखिया का अनुभव हमें यह सिखाता है कि जीवन में किसी भी चुनौती का सामना धैर्य और समझदारी से करना चाहिए। इस तरह की आपात स्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता ही हमें सुरक्षित रख सकती है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपूर्व लाखिया ने स्काइडाइविंग के दौरान क्या अनुभव किया?
उन्होंने बताया कि उनके पैराशूट के खुलने में विफलता के कारण उन्हें गंभीर चोट लगी।
इस घटना में अपूर्व लाखिया ने क्या किया?
उन्होंने घबराए बिना स्थितियों का सही तरीके से सामना किया और रिजर्व पैराशूट का इस्तेमाल किया।
क्या अपूर्व लाखिया की चोट गंभीर थी?
नहीं, उनके पैर में लगी चोट जल्द ही ठीक हो गई।
राष्ट्र प्रेस
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