1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्व सचिव ने उद्योगों के साथ सहयोग और साझेदारी पर दिया जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्व सचिव ने उद्योगों के साथ सहयोग और साझेदारी पर दिया जोर

सारांश

केंद्र सरकार ने राजस्व विभाग और उद्योगों के बीच संबंधों में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है। सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने सहयोग, साझेदारी और समन्वय के महत्व को उजागर किया है।

मुख्य बातें

राजस्व विभाग अब टकराव की बजाय साझेदारी पर जोर दे रहा है।
सीमा शुल्क सुधार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने में मदद करेंगे।
नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल से लागू होगा।
सरकार उद्योगों के सुझावों को सुनने के लिए तत्पर है।
सीमा शुल्क प्रशासन आर्थिक विकास में सहायक है।

नई दिल्ली, २६ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने गुरुवार को यह बताया कि अब राजस्व विभाग और उद्योगों के बीच के संबंध बदल रहे हैं। टकराव की बजाय साझेदारी, सहयोग और समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है।

सीमा शुल्क सुधार-2026 पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने, एमएसएमई और उद्योगों को समर्थन देने पर है, जिससे सीमा शुल्क प्रक्रियाएं भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजारों में तेजी और निश्चितता से पहुंचाने में सक्षम हों।

बजट में सीमा शुल्क सुधारों के दो मुख्य आधार 'पक्षकारों में विश्वास' और 'प्रौद्योगिकी का उपयोग' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क विभाग मानव संसाधन और प्रौद्योगिकी दोनों क्षेत्रों में संवर्धन के लिए प्रयास करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी आर्थिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। बढ़ते व्यापार, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में गहन एकीकरण और डिजिटल वाणिज्य के बढ़ते पारिस्थितिकी तंत्र के लिए पारदर्शी और उत्तरदायी शासन की आवश्यकता है।

राजस्व सचिव ने आगे कहा, "निर्यात के अवसरों पर ध्यान देना भी आवश्यक है। भारत विनिर्माण को प्रोत्साहित करने और लघु एवं मध्यम उद्यमों, डिजिटल उद्यमियों और स्टार्टअप्स को समर्थन प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, इसलिए सीमा शुल्क प्रक्रियाएं निर्यातकों को तेजी और निश्चितता के साथ वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में सक्षम बनानी चाहिए।"

उन्होंने यह भी बताया कि सीमा शुल्क प्रशासन केवल एक नियामक प्राधिकरण नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास को प्रेरित करता है, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सशक्त बनाता है और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है।

आयकर विभाग द्वारा नए आयकर अधिनियम, 2025 के नियमों के मसौदे को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि यह खुले विचारों का संकेत है और दर्शाता है कि हम सभी के हित में सुझावों को सुनने और उन्हें शामिल करने के लिए तत्पर हैं।

उन्होंने कहा, "यह दृष्टिकोण केवल हमारी प्रणालियों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राधिकरण, कर विभाग और उद्योग जगत के बीच संबंधों को पुनर्परिभाषित करने के बारे में भी है।"

नया आयकर अधिनियम, जो आयकर अधिनियम 1961 का स्थान लेगा, १ अप्रैल से लागू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्व विभाग और उद्योगों के बीच संबंध क्यों बदल रहे हैं?
राजस्व विभाग अब टकराव की बजाय साझेदारी और सहयोग पर जोर दे रहा है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सीमा शुल्क सुधारों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सीमा शुल्क सुधारों का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और निर्यातकों को वैश्विक बाजारों में तेजी से पहुंच प्रदान करना है।
नए आयकर अधिनियम के बारे में क्या जानकारी है?
नया आयकर अधिनियम, आयकर अधिनियम 1961 का स्थान लेगा और 1 अप्रैल से लागू होगा।
क्या सरकार उद्योगों के सुझावों को सुनने के लिए तत्पर है?
जी हाँ, सरकार उद्योगों के सुझावों को सुनने और उन्हें शामिल करने के लिए तत्पर है।
सीमा शुल्क प्रशासन का क्या महत्व है?
सीमा शुल्क प्रशासन केवल एक नियामक प्राधिकरण नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास को सक्षम बनाता है और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले