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आशा पारेख का खुलासा: राजेश खन्ना की हिट फिल्मों के बाद लड़कियाँ हो जाती थीं दीवानी, देव आनंद जैसा था जादू

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आशा पारेख का खुलासा: राजेश खन्ना की हिट फिल्मों के बाद लड़कियाँ हो जाती थीं दीवानी, देव आनंद जैसा था जादू

सारांश

आशा पारेख ने 'इंडियन आइडल' में खुलासा किया कि राजेश खन्ना की फिल्में हिट होते ही लड़कियाँ दीवानी हो जाती थीं — ठीक देव आनंद जैसा क्रेज। डबिंग थिएटर में 200-300 प्रशंसकों का उमड़ना और सफेद गाड़ी पर लिपस्टिक के निशान — यह वो स्टारडम था जो भारतीय सिनेमा ने शायद दोबारा नहीं देखा।

मुख्य बातें

आशा पारेख ने 'इंडियन आइडल' के आगामी एपिसोड में राजेश खन्ना की अभूतपूर्व लोकप्रियता से जुड़ी यादें साझा कीं।
पारेख के अनुसार राजेश खन्ना जैसा क्रेज उन्होंने केवल देव आनंद के लिए देखा था — दोनों के लिए लड़कियाँ बेहोश हो जाती थीं।
'मेरे सपनों की रानी' की डबिंग के दौरान 200-300 लड़कियाँ थिएटर में घुस आई थीं।
विशाल ददलानी ने बताया कि सांताक्रूज में 'राजेश खन्ना गार्डन' को आज भी लोग जानते हैं — पचास साल बाद भी।
राजेश खन्ना का निधन 2012 में हुआ; उन्हें बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार माना जाता है।

दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख जल्द ही 'इंडियन आइडल' के एक विशेष एपिसोड में नजर आएंगी, जहाँ वे बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की अभूतपूर्व लोकप्रियता से जुड़ी अपनी निजी यादें साझा करती दिखेंगी। मुंबई में दर्ज की गई इस बातचीत में पारेख ने बताया कि कैसे राजेश खन्ना की एक-एक फिल्म के हिट होते ही उनके दीवाने चाहने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती थी।

मेजबान के सवाल पर आशा पारेख की यादें

शो के मेजबान हर्ष लिंबाचिया ने जब आशा पारेख से पूछा कि उन्हें पहली बार कब एहसास हुआ कि राजेश खन्ना इतने बड़े स्टार बनेंगे, तो उन्होंने गर्मजोशी से जवाब दिया — 'उनकी पिक्चर एकदम से हिट हो गई और सब लड़कियां दीवानी हो गईं। तब लगा कि ये सुपरस्टार बन गए हैं।' पारेख ने आगे जोड़ा कि राजेश खन्ना के लिए जो क्रेज था, वैसा उन्होंने केवल देव आनंद के लिए देखा था — 'उनके लिए भी लड़कियां बेहोश हो जाती थीं।'

लिपस्टिक के निशान और शादी की अनोखी कहानियाँ

आशा पारेख ने यह भी बताया कि राजेश खन्ना की सफेद गाड़ी को उनके चाहने वाले चूमते थे और कुछ प्रशंसकों ने तो उनकी तस्वीर के साथ प्रतीकात्मक विवाह तक किया। संगीतकार विशाल ददलानी ने इस पर अपनी बात जोड़ते हुए कहा, 'मैंने भी सुना है कि उनकी सफेद गाड़ी लिपस्टिक के निशानों से पूरी लाल होकर वापस आती थी।' यह उस दौर की दीवानगी का जीता-जागता प्रमाण था।

डबिंग थिएटर में उमड़ी भीड़ का आँखों देखा हाल

आशा पारेख ने एक खास वाकया साझा किया — 'हम लोग शूटिंग कर रहे थे और 'मेरे सपनों की रानी' के लिए डबिंग थिएटर में गए थे। छोटा सा थिएटर था और 200-300 लड़कियाँ अंदर घुस गई थीं। राजेश खन्ना जी को देखकर सब पागल हो गई थीं।' यह घटना उस असाधारण स्टारडम की बानगी है, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में दुर्लभ रही है।

विशाल ददलानी का 'राजेश खन्ना गार्डन' वाला किस्सा

विशाल ददलानी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्में देखना शुरू किया था, तब तक जमाना अमिताभ बच्चन की ओर मुड़ चुका था — लेकिन राजेश खन्ना की विरासत अमिट थी। उन्होंने कहा, 'मुझे उनके स्टारडम का असली एहसास तब हुआ, जब मैंने सांताक्रूज में देखा कि किसी से भी पूछो 'राजेश खन्ना गार्डन' कहाँ है, हर कोई बता देता है। इस बात को पचास साल हो गए होंगे और आज भी लोग उसे याद करते हैं।'

राजेश खन्ना: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार

राजेश खन्ना का फिल्मी करियर छह दशकों तक फैला रहा और उन्हें अक्सर बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार माना जाता है। 2012 में उनका निधन हो गया। उन्होंने 'आनंद', 'आराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम', 'हाथी मेरे साथी' और 'सफर' जैसी अनेक कालजयी फिल्में दीं। उन्होंने अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से विवाह किया था और इस जोड़ी की दो बेटियाँ हैं — अभिनेत्री से लेखिका बनीं ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना। 'इंडियन आइडल' का यह एपिसोड उन तमाम दर्शकों के लिए एक भावुक सफर होगा, जो उस सुनहरे दौर को करीब से महसूस करना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

महज़ बॉक्स ऑफिस का आँकड़ा नहीं। राजेश खन्ना की दीवानगी की जो कहानियाँ आज भी सांताक्रूज के गार्डन से लेकर लिपस्टिक-रंगी गाड़ी तक जीवित हैं, वे बताती हैं कि उस दौर का स्टारडम आज के सोशल मीडिया-संचालित फैनडम से गुणात्मक रूप से अलग था। यह सवाल उठता है कि क्या OTT और डिजिटल युग में कोई कलाकार वह भावनात्मक गहराई फिर से हासिल कर सकता है — या वह एक बीते हुए भारत की अमिट छाप है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशा पारेख ने 'इंडियन आइडल' में राजेश खन्ना के बारे में क्या कहा?
आशा पारेख ने बताया कि राजेश खन्ना की फिल्में हिट होते ही लड़कियाँ दीवानी हो जाती थीं और उनके लिए जो क्रेज था, वैसा उन्होंने केवल देव आनंद के लिए देखा था। उन्होंने यह भी याद किया कि 'मेरे सपनों की रानी' की डबिंग के दौरान 200-300 लड़कियाँ थिएटर में घुस आई थीं।
राजेश खन्ना को बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार क्यों कहा जाता है?
राजेश खन्ना को बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार इसलिए माना जाता है क्योंकि उनकी लोकप्रियता का स्तर अभूतपूर्व था — प्रशंसक उनकी गाड़ी को चूमते थे और कुछ ने उनकी तस्वीर के साथ प्रतीकात्मक विवाह भी किया। 'आराधना', 'आनंद', 'कटी पतंग' जैसी लगातार हिट फिल्मों ने उन्हें उस दौर का सबसे बड़ा सितारा बनाया।
राजेश खन्ना का निधन कब हुआ और उनका परिवार कौन है?
राजेश खन्ना का निधन 2012 में हुआ था। उन्होंने अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से विवाह किया था और उनकी दो बेटियाँ हैं — ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना।
विशाल ददलानी ने राजेश खन्ना के स्टारडम के बारे में क्या बताया?
विशाल ददलानी ने बताया कि मुंबई के सांताक्रूज इलाके में 'राजेश खन्ना गार्डन' को आज भी हर कोई जानता है, लगभग पचास साल बाद भी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सफेद गाड़ी लिपस्टिक के निशानों से लाल होकर वापस आती थी।
राजेश खन्ना की प्रमुख फिल्में कौन-सी हैं?
राजेश खन्ना ने 'आनंद', 'आराधना', 'कटी पतंग', 'अमर प्रेम', 'हाथी मेरे साथी', 'सफर' और 'मेरे सपनों की रानी' जैसी कालजयी फिल्में दीं। उनका करियर छह दशकों तक फैला रहा।
राष्ट्र प्रेस
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