'कटी पतंग' शूटिंग में राजेश खन्ना के फैंस ने की थी पत्थरबाजी, आशा पारेख ने 'इंडियन आइडल' पर सुनाया अनसुना किस्सा
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ अभिनेत्री आशा पारेख ने हाल ही में म्यूजिक रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में शिरकत करते हुए कल्ट क्लासिक फिल्म 'कटी पतंग' की शूटिंग से जुड़ा एक रोमांचक और अनसुना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि नैनीताल में गाने की शूटिंग के दौरान दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के दीवाने फैंस ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी, जिसके चलते उस दिन पूरा शूट रोकना पड़ा था।
'इंडियन आइडल' पर लौटी पुरानी यादें
शो के होस्ट हर्ष लिंबाचिया के साथ आशा पारेख ने 'कटी पतंग' के मशहूर गाने 'जिस गली में तेरा घर' का विशेष रीक्रिएशन पेश किया। इस भावुक प्रस्तुति के बाद उन्होंने उस गाने के ओरिजिनल शूट की पर्दे के पीछे की कहानी सुनाई, जो दशकों बाद भी उतनी ही ताज़ा और दिलचस्प है।
नैनीताल में मची थी अफरा-तफरी
आशा पारेख ने अपने अनुभव के बारे में बताया, 'इस गाने के लिए हम नैनीताल गए थे शूटिंग करने। उस समय राजेश खन्ना झील तक पहुँचे और नाव में बैठना था, लेकिन इतनी भीड़ हो गई कि हम नाव में भी चढ़ नहीं पाए।'
उन्होंने आगे बताया कि जब भीड़ को राजेश खन्ना से मिलने का मौका नहीं मिला, तो स्थिति बेकाबू हो गई। 'उन्हें राजेश खन्ना जी से मिलने का मौका नहीं मिला, तो उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। हम पर इतने पत्थर आने लगे कि हम सोचने लगे, "ये क्या हो रहा है?"' — आशा पारेख ने याद करते हुए कहा।
निर्देशक शक्ति सामंत को रोकनी पड़ी शूटिंग
इस अराजक माहौल में फिल्म के निर्देशक शक्ति सामंत के पास शूट रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। आशा पारेख के अनुसार, शक्ति सामंत ने कहा कि इस तरह से शूटिंग संभव नहीं है और उस दिन पैक-अप करना पड़ा। बाद में यह गाना तब फिल्माया गया जब पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
यह किस्सा उस दौर में राजेश खन्ना की अभूतपूर्व लोकप्रियता का जीवंत प्रमाण है। गौरतलब है कि उन्हें अक्सर बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार कहा जाता है और उनकी फैन-फॉलोइंग का जुनून आज भी किंवदंतियों में दर्ज है।
'कटी पतंग' — हिंदी सिनेमा की अमर धरोहर
1971 में रिलीज़ हुई 'कटी पतंग' हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्यार, कुर्बानी और पहचान जैसे गहरे विषयों को बड़ी संवेदनशीलता से उकेरा गया था। इसे राजेश खन्ना के करियर का एक अहम मील का पत्थर माना जाता है।
फिल्म का साउंडट्रैक आज भी उतना ही लोकप्रिय है — 'यह शाम मस्तानी', 'प्यार दीवाना होता है' और 'यह जो मोहब्बत है' जैसे सदाबहार गाने रिलीज़ के 55 साल बाद भी श्रोताओं के दिलों में बसे हुए हैं।
विरासत आज भी जीवित
आशा पारेख का 'इंडियन आइडल' पर यह संस्मरण न केवल एक फिल्म की शूटिंग का किस्सा है, बल्कि यह उस स्वर्णिम युग की झलक है जब भारतीय दर्शकों का अपने सितारों के प्रति प्रेम किसी सीमा को नहीं जानता था। यह यादें हिंदी सिनेमा की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करती हैं।