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'आवारापन 2' में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की आवाज़ को तराशा वॉयस कोच विजय विक्रम सिंह ने

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'आवारापन 2' में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की आवाज़ को तराशा वॉयस कोच विजय विक्रम सिंह ने

सारांश

'आवारापन 2' की असली कहानी सिर्फ पर्दे पर नहीं है — वॉयस कोच विजय विक्रम सिंह ने ब्रीदिंग तकनीक और वर्बलाइज़ेशन से इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की आवाज़ों को किरदार की आत्मा से जोड़ा। यह खुलासा बॉलीवुड में वॉयस ट्रेनिंग की अनदेखी दुनिया पर रोशनी डालता है।

मुख्य बातें

वॉयस ट्रेनर विजय विक्रम सिंह ने 'आवारापन 2' के लिए इमरान हाशमी और दिशा पाटनी को विशेष वॉयस ट्रेनिंग दी।
ट्रेनिंग में ब्रीदिंग तकनीक , सांसों पर नियंत्रण और वर्बलाइज़ेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
लक्ष्य था आवाज़ को भारी, गहरी और नियंत्रित बनाना — बिना बनावटी लगे।
विजय को इस प्रोजेक्ट के लिए नितिन कक्कड़ ने रिकमेंड किया और विशेष फिल्म्स ने मौका दिया।
विजय ने 3 सितंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट के ज़रिए यह जानकारी साझा की।

वॉयस ट्रेनर विजय विक्रम सिंह ने खुलासा किया है कि फिल्म 'आवारापन 2' में अभिनेता इमरान हाशमी और अभिनेत्री दिशा पाटनी की आवाज़ को किरदार के अनुरूप गहरा और भावनात्मक बनाने के लिए उन्होंने विशेष वॉयस ट्रेनिंग दी। 3 सितंबर को इंस्टाग्राम पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने इस पर्दे के पीछे की मेहनत का ब्यौरा दिया।

किरदारों की माँग और चुनौती

विजय विक्रम सिंह के अनुसार, 'आवारापन 2' के दोनों किरदारों में एक गंभीर और इंटेंस व्यक्तित्व था। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दोनों कलाकारों की आवाज़ फिल्म की भावनात्मक दुनिया से मेल खाए — भारी, गहरी और नियंत्रित, लेकिन बनावटी न लगे।

उन्होंने लिखा, 'उनकी आवाज थोड़ी भारी, गहरी और कंट्रोल, बिना बनावटी लगे।' यह संतुलन बनाना किसी भी वॉयस कोच के लिए आसान काम नहीं होता।

ट्रेनिंग में अपनाई गई तकनीकें

विजय ने बताया कि उन्होंने इमरान हाशमी और दिशा पाटनी के साथ सांसों पर नियंत्रण, ब्रीदिंग तकनीक और विशेष एक्सरसाइज़ पर काम किया, जिससे दोनों अपने लोअर नोट्स तक पहुँच सकें और उन्हें बनाए रख सकें। इसके अलावा उन्होंने वर्बलाइज़ेशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया ताकि कलाकार अपनी आवाज़ को किरदार की अंदरूनी भावनाओं से जोड़ सकें।

उनका मानना है कि आवाज़ में गहराई केवल सुनाई नहीं देनी चाहिए — वह महसूस भी होनी चाहिए। यह दृष्टिकोण आधुनिक अभिनय प्रशिक्षण में तेज़ी से प्रचलित हो रहा है।

आवाज़ — एक्टर का सबसे बड़ा हथियार

विजय विक्रम सिंह ने अपनी पोस्ट में आवाज़ की शक्ति को रेखांकित करते हुए लिखा कि आवाज़ किसी किरदार का इतिहास, उसकी कमज़ोरी, उसके भीतर के द्वंद्व और उसकी खामोशियाँ बयान कर सकती है — बिना चेहरा दिखाए। उन्होंने यह भी कहा कि सफल कलाकारों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि वे कला पर काम करना कभी नहीं छोड़ते।

गौरतलब है कि बॉलीवुड में वॉयस ट्रेनिंग को अब तक उतनी चर्चा नहीं मिलती जितनी फिज़िकल ट्रेनिंग को — इस पोस्ट ने उस बहस को नए सिरे से शुरू किया है।

टीम का आभार

विजय ने 'आवारापन 2' की टीम का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए नितिन कक्कड़ ने रिकमेंड किया था और विशेष फिल्म्स ने यह मौका दिया। उन्होंने इसे अपने करियर का एक यादगार अनुभव बताया।

फिल्म 'आवारापन 2' सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और इसे दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। आने वाले दिनों में इसके बॉक्स ऑफिस आँकड़े यह तय करेंगे कि यह फिल्म अपने पूर्ववर्ती की विरासत को कितना आगे ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वॉयस ट्रेनिंग जैसी बारीक कला अक्सर पर्दे के पीछे ही रह जाती है। विजय विक्रम सिंह की इस पोस्ट ने उस खाई को उजागर किया है। यह सवाल भी उठता है कि क्या हिंदी सिनेमा में वॉयस कोचिंग को वह संस्थागत दर्जा मिल रहा है जो हॉलीवुड में मिलता है — जहाँ डायलेक्ट कोच और वॉयस ट्रेनर क्रेडिट में नाम पाते हैं। 'आवारापन 2' की सफलता इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत हो सकती है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय विक्रम सिंह ने 'आवारापन 2' के लिए क्या काम किया?
विजय विक्रम सिंह ने 'आवारापन 2' में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी को वॉयस ट्रेनिंग दी, जिसमें ब्रीदिंग तकनीक, सांसों पर नियंत्रण और वर्बलाइज़ेशन तकनीक शामिल थी। उनका लक्ष्य दोनों कलाकारों की आवाज़ को किरदार की भावनात्मक गहराई के अनुरूप बनाना था।
'आवारापन 2' में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की आवाज़ क्यों बदली गई?
आवाज़ नहीं बदली गई, बल्कि उसे किरदार के गंभीर और इंटेंस व्यक्तित्व के अनुरूप गहरा और नियंत्रित बनाया गया। वॉयस कोच विजय विक्रम सिंह के अनुसार, दोनों किरदारों की भावनात्मक दुनिया को आवाज़ से जोड़ना इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य था।
वर्बलाइज़ेशन तकनीक क्या होती है?
वर्बलाइज़ेशन एक वॉयस ट्रेनिंग तकनीक है जिसमें अभिनेता अपनी आवाज़ को किरदार की अंदरूनी भावनाओं से जोड़ना सीखते हैं। विजय विक्रम सिंह ने इसका इस्तेमाल इसलिए किया ताकि इमरान और दिशा की आवाज़ में गहराई केवल सुनाई न दे, बल्कि दर्शकों को महसूस भी हो।
विजय विक्रम सिंह को 'आवारापन 2' से कैसे जोड़ा गया?
विजय विक्रम सिंह को इस प्रोजेक्ट के लिए नितिन कक्कड़ ने रिकमेंड किया था और विशेष फिल्म्स ने उन्हें यह अवसर दिया। उन्होंने 3 सितंबर को इंस्टाग्राम पर इस अनुभव को साझा किया।
'आवारापन 2' में कौन-कौन मुख्य भूमिका में हैं?
'आवारापन 2' में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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